एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट दोनों के तहत अपराध से जुड़े मामले में, पीड़ित को एससी/एसटी अधिनियम की धारा 14-ए के तहत अपील करने का अधिकार नहीं : बॉम्बे HC

मुस्लिम पुरुष को एक से ज्यादा शादियों का रजिस्ट्रेशन नहीं, बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका खारिज

बॉम्बे हाई कोर्ट ने माना कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (एससी/एसटी अधिनियम) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO अधिनियम) दोनों के तहत अपराधों से जुड़े एक मामले में, एक पीड़ित एससी/एसटी अधिनियम की धारा 14-ए के तहत अपील करने का अधिकार नहीं है। न्यायमूर्ति मंगेश एस. … Read more

सामूहिक बलात्कार कर हत्या मामले मे खोजी कुत्ते के साक्ष्य के आधार पर मौत की सजा पाने वाले व्यक्ति को हाई कोर्ट ने किया बरी

अदालत ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था एक खोजी कुत्ते की विशेषज्ञता पर इतनी भारी निर्भरता बर्दाश्त नहीं कर सकती है। पटना हाई कोर्ट Patana High Court ने हाल ही में 12 वर्षीय लड़की की हत्या और बलात्कार के लिए एक व्यक्ति को दी गई मौत की सजा को रद्द कर दिया, क्योंकि अभियोजन पक्ष का … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा किशोरियों को ‘अपनी यौन इच्छाओं को नियंत्रित करने’ की सलाह देने की ‌निंदा की

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सुप्रीम कोर्ट की ओर इन टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए “इन रे: राइट टू प्राइवेसी ऑफ एडोलसेंट” टाइटल से एक स्वत: संज्ञान मामला शुरू किया, कहा कि जजों से उपदेश देने की अपेक्षा नहीं की जाती सुप्रीम कोर्ट ने किशोरों के यौन व्यवहार के संबंध में कलकत्ता हाईकोर्ट द्वारा की गई कुछ टिप्पणियों को अस्वीकार … Read more

13 वर्ष के पीड़िता की गवाही को आधार मानते हुए HC ने POCSO अधिनियम के तहत आरोपी के आजीवन कारावास की सजा को रखा बरकरार

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा में 13 वर्षीय लड़की से बलात्कार के आरोप में एक व्यक्ति की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास की पुष्टि की। न्यायमूर्ति सुरेश्वर ठाकुर और न्यायमूर्ति कुलदीप तिवारी की अध्यक्षता वाली अदालत ने मुख्य रूप से पीड़िता की बेदाग गवाही पर भरोसा करते हुए सजा को बरकरार रखा, इस तर्क … Read more

क्या बॉडी का पिछला हिस्सा भी प्राइवेट पार्ट है? पाॅक्सो अधिनियम के तहत महिला के शालीनता भंग करने के लिए ठहराया दोषी, पांच साल के कठोर कारावास की दी सजा

क्या बॉडी का पिछला हिस्सा भी प्राइवेट पार्ट है? इस केस का सबसे बड़ा बहस का मुद्दा यह था कि क्या किसी के हिप्स प्राइवेट पार्ट है या नहीं। संक्षिप्त पृष्ठभूमि- मामला यह अभियोजन पक्ष का मामला था कि जब पीड़िता और उसकी दोस्त मंदिर की ओर जा रहे थे, तो पास में बैठे चार … Read more

POCSO Act के धारा 7 के तहत यौन उत्पीड़न का अपराध बनाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण घटक “यौन इरादा” है, न कि बच्चे के साथ “त्वचा से त्वचा” संपर्क

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“स्पर्श” के अर्थ को “त्वचा से त्वचा” संपर्क तक सीमित करने से “संकीर्ण और बेतुकी व्याख्या” होगी और अधिनियम का इरादा नष्ट हो जाएगा, जो बच्चों को यौन अपराधों से बचाने के लिए बनाया गया था सुप्रीम कोर्ट ने POCSO Act के तहत एक मामले में बॉम्बे HC के विवादास्पद फैसले को यह कहते हुए … Read more

SC ने NCPCR को POCSO मामलों में बाल पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के लिए आठ सप्ताह के भीतर अंतिम दिशानिर्देश प्रस्तुत करने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO अधिनियम) की धारा 39 के तहत बाल पीड़ितों को सहायता प्रदान करने के संबंध में दिशानिर्देशों को अंतिम रूप देने का निर्देश दिया है। न्यायालय ने एनसीपीसीआर को आठ सप्ताह के भीतर अंतिम दिशानिर्देश प्रस्तुत करने … Read more

जघन्य अपराधी बनने वाले शिक्षक को नहीं दी जानी चाहिए अग्रिम जमानत: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट: धारा 148 के तहत 20% मुआवजा जमा करना अनिवार्य नहीं, न्यायालय के पास विवेकाधिकार

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक अग्रिम जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि हमारे समाज में, “एक शिक्षक अपने छात्रों के भविष्य को आकार देने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है” और शिक्षक के इस आचरण से निश्चित रूप से लोगों के मन में डर का माहौल पैदा होगा। समाज और ऐसे अपराधी को बख्शा … Read more

HC ने POCSO मामले में आरोपी को बरी करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष पीड़िता की उम्र या आरोपी ने उसे यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया था, इसका स्पष्ट सबूत देने में रहा असमर्थ

दिल्ली उच्च न्यायालय ने यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO अधिनियम) के तहत आरोपों से जुड़े एक मामले में आरोपी को बरी करने के फैसले को बरकरार रखा है। उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट के फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने उचित संदेह से परे आरोपी के अपराध को … Read more

‘आजीवन कारावास नियम है जबकि मौत की सजा अपवाद’ है: राजस्थान HC ने 4 साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के लिए व्यक्ति की मौत की सजा को कम कर दिया

राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर खंडपीठ ने चार साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के दोषी व्यक्ति की मौत की सजा को रद्द कर दिया है और इसे आजीवन कारावास में बदल दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला दुर्लभतम मामले के दायरे में नहीं आता है। आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा 363, … Read more