मेघालय HC ने मावफलांग-बालाट सड़क की मरम्मत, रखरखाव पर PIL का निपटारा किया

MEGHALAY HC PIL

  मेघालय उच्च न्यायालय ने हाल ही में मावफलांग-बालाट सड़क की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण से संबंधित बनियाराप स्नैतांग द्वारा दायर एक जनहित याचिका Public Interest Litigation का निपटारा कर    दिया। याचिकाकर्ता ने शिकायत की थी कि फ़्लांगवानब्रोई से खलीहरियाट और पोम्बलांग से लैटमसॉ तक सड़क के एक विशेष हिस्से की मरम्मत नहीं की गई … Read more

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने आवारा मवेशियों की समस्या के खिलाफ कार्रवाई के लिए PIL पर सुनवाई की

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट

[ad_1] छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने हाल ही में संजय रजक द्वारा दायर एक जनहित याचिका Public Interst Litigation पर सुनवाई की, जिसमें राज्य सरकार को राज्य में राजमार्गों और सड़कों पर आवारा मवेशियों के खतरे को रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। अदालत इस मुद्दे के समाधान … Read more

अवैध रूप से बड़े पैमाने पर रेत खनन को “गंभीर” बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि ऐसी गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने की जरूरत

जहां भूमि वितरण विभाजन के माध्यम से तय किया जाता हो ऐसे मामलो में सिविल न्यायालयों को भूमि के स्वामित्व पर निर्णय लेने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट

Terming illegal large-scale sand mining as “serious”, the Supreme Court today said such activities need to be dealt with effectively. अवैध रूप से बड़े पैमाने पर रेत खनन को “गंभीर” बताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि ऐसी गतिविधियों से प्रभावी ढंग से निपटने की जरूरत है और तमिलनाडु, पंजाब और मध्य प्रदेश सहित … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने Debt Recovery Tribunals में महत्वपूर्ण रिक्तियों पर वित्त मंत्रालय को नोटिस जारी किया

Sci Finance Ministry

सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court ने आज वित्त मंत्रालय Finance Ministry को एक जनहित याचिका PIL पर नोटिस Notice जारी किया, जिसमें पूरे भारत में ऋण वसूली न्यायाधिकरणों Debt Recovery Tribunal में महत्वपूर्ण रिक्तियों Important Vacancies को उजागर किया गया है। मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता केबी सौंदर … Read more

‘अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति एक संवैधानिक अधिकार’, वादी ने किया दावा-‘जस्टिस ओका’ के खिलाफ मुकदमा चलाने हेतु राष्ट्रपति के समक्ष आवेदन किया दायर

Contempt Sci

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राजीव दहिया एक बार फिर चर्चा में हैं। वह 2017 में तब सुर्खियों में आए थे जब उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उन्होंने यह जुर्माना नहीं भरा तो अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अवमानना का दोषी ठहराया है। सुराज इंडिया ट्रस्ट के अध्यक्ष … Read more

जाति आधारित योजनाओं को बीपीएल व्यक्तियों तक बढ़ाने के लिए दायर जनहित याचिका पर न्यायिक समीक्षा की सीमाओं पर विचार करते हुए ‘खुद को अक्षम’ पाते हैं इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने पाया कि राज्य सहायता कार्यक्रमों को सभी गरीब नागरिकों को उनकी जाति या समुदाय से परे समान रूप से प्रदान करने के लिए दायर जनहित याचिका पर न्यायिक समीक्षा की सीमाओं के कारण वह ‘अक्षम’ है। लखनऊ खंडपीठ ने दोहराया कि अनुसूचित जातियों/जनजातियों/अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए … Read more

“चुनावी बांड योजना ‘असंवैधानिक’ मुद्दा बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं था”: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिका दायर

15 फरवरी, 2024 के चुनावी बांड फैसले की समीक्षा की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की गई है, जिसमें एक संविधान पीठ ने माना था कि 2018 चुनावी बांड योजना ‘असंवैधानिक’ थी। एडवोकेट मैथ्यूज जे. नेदुम्पारा द्वारा दायर समीक्षा याचिका में कहा गया है, “चुनावी बांड योजना किसी भी तरह … Read more

”याचिका में महात्मा गांधी तक को नहीं छोड़ा”, सुभाषचंद्र बोस की मौत को लेकर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को लगाई फटकार, दिया प्रामाणिकता जांचने का आदेश

उच्चतम न्यायालय ने उस याचिकाकर्ता से अप्रसन्नता जताई, जिसने नेताजी सुभाषचंद्र बोस की मृत्यु के संबंध में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। न्यायालय ने कहा कि याचिका में उन नेताओं के खिलाफ ‘लापरवाही पूर्ण और गैर-जिम्मेदाराना आरोप’ शामिल हैं जो अब जीवित नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा क‍ि याचिकाकर्ता ने याचिका में … Read more

नागरिकता (संशोधन) नियम 2024 के कार्यान्वयन पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर शीर्ष अदालत करेगा 19 मार्च को सुनवाई

याचिका में कहा गया है कि नियम साफ तौर पर मनमाने पूर्ण हैं और केवल उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर व्यक्तियों के एक वर्ग के पक्ष में अनुचित लाभ पैदा करते हैं, जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 के तहत अनुमति योग्य नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम … Read more

उपमुख्यमंत्री के पद को संविधान के तहत परिभाषित नहीं किया जा सकता परन्तु डिप्टी सीएम के रूप में नियुक्त करने में कोई अवैधता नहीं – शीर्ष अदालत

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28 में से 14 राज्यों में डिप्टी सीएम हैं, जिसमें आंध्र प्रदेश पांच डिप्टी सीएम के साथ अग्रणी है। बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मेघालय, नागालैंड, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में प्रत्येक में दो डिप्टी सीएम हैं। उपमुख्यमंत्री के पद को संविधान के तहत परिभाषित नहीं किया जा सकता है, लेकिन सत्तारूढ़ दल या पार्टियों … Read more