निचले सदन में निरसन एवं संशोधन विधेयक 2022 पेश, 60 पुराने एवं अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने का प्रावधान किया गया है

लोकसभा में निरसन एवं संशोधन विधेयक 2022 पेश किया गया जिसके माध्यम से 60 पुराने एवं अप्रचलित कानूनों को निरस्त करने का प्रावधान किया गया है जिसमें एक कानून 137 वर्ष पुराना है। निरसन एवं संशोधन विधेयक 2022 का उद्देश्य कुछ शब्दों को बदलकर त्रुटियों को दूर करना है। निचले सदन में विधि एवं न्याय … Read more

विधायिका न्यायपालिका के टकराव का चरमोत्कर्ष, जब सदन ने दोनों न्यायमूर्तियों को गिरफ्तार कर विधानसभा के सामने प्रस्तुत करने का दिया आदेश-

विधान सभा स्पीकर ने याचिका से सीधे जुड़े दोनों न्यायमूर्तियों को और एडवोकेट बी सालोमन को हिरासत में लेकर सदन के समक्ष उपस्थित करने के निर्देश दिए- विधायिका और न्यायपालिका के बीच टकराव का यह चरमोत्कर्ष था जब मजबूर होकर उत्तरप्रदेश विधानसभा को दोनों जजों और वकील को हिरासत में सदन के समक्ष उपस्थित किए … Read more

संविधान का ‘आर्टिकल 355’ क्या है? जिसे बंगाल में लागू करने की मांग हो रही है, ‘आर्टिकल 356’ यानी राष्ट्रपति शासन से अलग क्या है?

आर्टिकल 355 राज्य की कानून व्यवस्था में केंद्र को दखल करने का अधिकार देता है- पश्चिम बंगाल के बीरभूम में जारी हिंसा के बीच कांग्रेस ने राज्य में आर्टिकल 355 लागू करने की मांग की है। लोकसभा में कांग्रेस के सांसद अधीर रंजन चौधरी (Congress MP Adhir Ranjan Chaudhary) ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ram … Read more

क्या फर्जी दस्तावेजों के जरिए कोई गैर भारतीय MP या MLA का चुनाव लड़ सकता है?

अब जरा कांग्रेस के सांसद एमके सुब्बा प्रकरण की पृष्ठभूमि में सोचिये कि हमारे देश में कोई भी गैर भारतीय अपने संसाधनों के बल पर भारत की नागरिकता के फर्जी दस्तोवज तैयार करा सकता है. कोई नहीं जानता कि देश में इस तरह के फर्जी दस्तावेज कितने लोगों के पास होंगे. CONSTITUTION OF INDIA संविधान … Read more

संसद में राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, न्यायिक स्वतंत्रता को विकृत कर रहा कॉलेजियम सिस्टम-

संसद में सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, “1950-1970 तक के भारत के 47 मुख्य न्यायाधीशों में से अब तक कम से कम 14 ब्राह्मण रहे हैं. सर्वोच्च न्यायालय की अधिकतम शक्ति 14 न्यायाधीशों की थी और उनमें से 11 ब्राह्मण थे, क्या यह सम्मानित सदन हैरान होगा, ध्यान दें कि 1980 तक देश के सर्वोच्च … Read more

उच्च न्यायालय ने लोकसभा उपाध्यक्ष के चुनाव पर जनहित याचिका पर केंद्र से मांगा जवाब-

लोकसभा उपाध्यक्ष का पद 830 दिन से खाली है जो संविधान के अनुच्छेद 93 का उल्लंघन है- नयी दिल्ली : दिल्ली उच्च न्यायालय ने लोकसभा के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं कराने का संवैधानिक पदाधिकारियों पर आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर केंद्र को अपना जवाब देने के लिए बुधवार को वक्त दे दिया। … Read more