इलाहबाद हाईकोर्ट के जमानत न देने पर सुप्रीम कोर्ट ने फिर जताया ऐतराज, कहा इस निर्णय की प्रति सभी न्यायधिशो को भेजी जाये-

उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने एक व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट Allahabad High Court के फैसले पर कहा कि इस फैसले की सराहना नहीं की जा सकती। न्यायालय ने कहा कि यदि अपील लंबित है तो उसे इसका कोई कारण नहीं नजर आता कि इस तरह की एकल घटना से जुड़े … Read more

हाईकोर्ट ने 8 IAS अधिकारियों को “अदालत के अवमानना” पर सुनाई दो सप्ताह जेल की सजा-

हाईकोर्ट ने सरकारी स्कूलों से ग्राम और वार्ड सचिवालयों को हटाने के अपने आदेशों को लागू नहीं करने के लिए अधिकारियों को डांट लगाई। कोर्ट ने यह पाया था कि अफसरों ने जानबूझकर एक साल पहले पारित आदेशों को लागू नहीं किया और इस तरह अदालत की अवमानना की। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायलय के एक … Read more

Landlord Tenant Case पर सुप्रीम कोर्ट का classic Judgment: 1 लाख का पेनल्टी भी दो और 11 साल का रेंट भी चुकाओ-

मकान मालिक (Landlord) और किरायेदारों (Tenants) के झगड़े किसी भी जगह आम बात हैं। विवाद बढ़ने पर मामला कोर्ट में भी जाता है और फैसले भी आते हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के सामने एक ऐसा अनोखा केस आया जिसे कोर्ट ने “क्लासिक केस” “Classic Case” कहा है। न्यायिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कैसे किया … Read more

अगर आदेश पसंद नहीं तो इसका यह मतलब नहीं कि वह इलॉजिकल है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता के इस सुझाव को खारिज कर दिया कि उसकी याचिका पर किसी अन्य पीठ द्वारा सुनवाई की जानी चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने सोमवार को कहा कि दिए गए प्रत्येक आदेश में कुछ न कुछ ‘तर्क’ (Logic) होता है और महज अपनी पसंद का निर्णय नहीं होने का मतलब यह … Read more

सुप्रीम कोर्ट: कोर्ट द्वारा आरोपी के बरी होने का ये अर्थ नहीं कि नियोक्ता आप पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं कर सकता-

शीर्ष अदालत ने 29 नवंबर, 2017 को कर्नाटक उच्च न्यायलय की कलबुर्गी पीठ के एक फैसले के खिलाफ कर्नाटक सरकार द्वारा अपील को स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की। कर्नाटक उच्च न्यायलय ने बीजापुर जिले के एक ग्राम लेखाकार उमेश की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के फैसले को रद्द कर दिया था। उस पर रिश्वत लेने का … Read more

एक गलत आदेश देने मात्रा से न्यायिक अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं, केवल संदेह “कदाचार” का गठन नहीं कर सकता : सुप्रीम कोर्ट

राजस्थान उच्च न्यायालय ने घूसखोरी के मामले में एक अभियुक्त को जमानत मंजूर करने के लिए एक न्यायिक अधिकारी (Judicial officer) को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। शीर्ष न्यायालय (Supreme Court) ने अपने फैसले में कहा कि महज संदेह के आधार पर कदाचार स्थापित नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही इसने राजस्थान हाई … Read more

सुप्रीम कोर्ट: दो वकीलों को सुनाई गई कर्नाटक हाई कोर्ट की दो माह कारावास की सजा रद्द, अजीम प्रेमजी के खिलाफ दायर किए थे 70 से अधिक मुकदमें

कर्नाटक उच्च न्यायलय ने दो वकीलों को अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया और सजा सुनाई थी क्योकि उनके द्वारा विप्रो के पूर्व चेयरमैन अजीम प्रेमजी के खिलाफ कई याचिकाएं दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कर्नाटक हाईकोर्ट की ओर से दो वकीलों को सुनाई गई दो माह की जेल की सजा … Read more

Hijab Controversy Verdict : कर्नाटक उच्च न्यायलय का बड़ा फैसला, हिजाब पहनना इस्लामी आस्था में अनिवार्य धार्मिक प्रथा का हिस्सा नहीं-

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- हिजाब इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं; स्कूल यूनिफॉर्म पहननी ही होगी- Hijab Controversy Verdict – कर्नाटक उच्च न्यायलय ने कॉलेजों में हिजाब प्रतिबंध के मामले में अपना निर्णय आज सुनाया। उच्च न्यायलय ने अपने दिए गए निर्णय में ये स्पष्ट रूप से कहा कि हिजाब पहनना इस्लामी आस्था में अनिवार्य धार्मिक … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के रवैये पर खेद जताते हुए कहा कि, वकील की गलती के कारण जमानत न देना ‘न्याय का मजाक’-

Supreme Court शीर्ष अदालत ने पहले इन जमानत मामलों को हाईकोर्ट के समक्ष रखने का निर्देश दिया था। High Court हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को ऐसे मामलों को स्वत: संज्ञान मामले के तौर पर पंजीकृत करना चाहिए।  उच्चतम न्यायलय ने वकीलों की गलती के कारण लंबे समय से जेल में बंद लोगों को जमानत नहीं देने … Read more

केवल प्रतिशोध में FIR दर्ज होना, धारा 482 CrPC के तहत प्राथमिकी को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता: उच्च न्यायालय

आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में दिए अपने निर्णय में कहा कि केवल प्रतिशोध में FIR दर्ज होना, धारा 482 सीआरपीसी के तहत प्राथमिकी को रद्द करने का आधार नहीं हो सकता। न्यायमूर्ति चीकाती मानवेंद्रनाथ रॉय की बेंच के मुताबिक, यह एक ऐसा मामला है जो जांच अधिकारी को जांच के दौरान तय … Read more