बलपूर्वक धर्मांतरण गंभीर अपराध, आपसी समझौते के आधार पर नहीं रोकी जा सकती न्यायिक प्रक्रिया: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट

बलपूर्वक धर्मांतरण गंभीर अपराध, आपसी समझौते के आधार पर नहीं रोकी जा सकती न्यायिक प्रक्रिया: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा कि बलपूर्वक किया गया धर्मांतरण एक गंभीर अपराध है और इस आधार पर अदालत आपसी समझौते के तहत आपराधिक कार्यवाही को निरस्त नहीं कर सकती। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने विवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए आरोपी व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के आरोपों को खारिज कर आपराधिक कार्यवाही को रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट

  सुप्रीम कोर्ट ने विवाह का वादा कर शारीरिक संबंध बनाए आरोपी व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के आरोपों को खारिज कर आपराधिक कार्यवाही को रद्द किया सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यक्ति के खिलाफ बलात्कार के आरोपों को खारिज कर दिया, जहां पीड़िता ने दावा किया था कि आरोपी ने विवाह का वादा कर सहमति प्राप्त … Read more

पजामे का नाड़ा तोड़ना और कपड़े उतारने की कोशिश… इलाहाबाद हाई कोर्ट का विवादास्पद बयान: ‘कोई रेप नहीं’

पजामे का नाड़ा तोड़ना और कपड़े उतारने की कोशिश... इलाहाबाद हाई कोर्ट का विवादास्पद बयान: 'कोई रेप नहीं'

पजामे का नाड़ा तोड़ना और कपड़े उतारने की कोशिश… इलाहाबाद हाई कोर्ट का विवादास्पद बयान: ‘कोई रेप नहीं’ इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक नाबालिग बच्ची के साथ रेप की कोशिश के मामले में सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राम मनोहर नारायण मिश्र की एकल पीठ ने एक टिप्पणी दी, जो अब विवाद का कारण बन गई … Read more

धारा 142 के साथ धारा 138 NI Act के तहत आपराधिक मामले में Supreme Court ने कहा कि ‘शादी का झूठा वादा करके बलात्कार नहीं किया जा सकता’ फिर FIR समेत सभी कार्यवाहियों को रद्द किया

धारा 142 के साथ धारा 138 NI Act के तहत आपराधिक मामले में Supreme Court ने कहा कि 'शादी का झूठा वादा करके बलात्कार नहीं किया जा सकता'

सर्वोच्च न्यायालय ने बलात्कार के एक मामले को यह देखते हुए खारिज कर दिया कि दोनों पक्ष वयस्क होने के नाते शिकायत दर्ज होने से पहले वर्षों तक सहमति से संबंध बनाए थे, जिसमें आरोप लगाया गया था कि शादी करने का वादा करने से मुकर गए थे। सर्वोच्च न्यायालय एक स्थानांतरण याचिका पर विचार … Read more

दो वयस्कों के बीच सहमति से बने रिश्ते का टूटना, आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आधार नहीं बन सकता – सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court Of India on shambho border

सुप्रीम कोर्ट ने दो वयस्कों के बीच सहमति से बने रिश्ते का टूटना के मामले में सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा की अगर वयस्कों के बीच सहमति से ब्रेकअप हो जाता है तो ये आपराधिक कार्यवाही शुरू करने का आधार नहीं बन सकता। इसने इस बात पर जोर दिया कि … Read more

कलकत्ता HC : विवाह का वादा, भले ही पूरा न हुआ हो, धोखाधड़ी नहीं माना जाएगा, बशर्ते यौन संबंध सहमति से और बिना किसी छल के बनाए गए हों

https://legaltoday.in/courts-decision-said-in-the-interest-of-the-consumer-it-is-not-necessary-for-the-patient-to-be-admitted-in-the-hospital-for-24-hours-for-the-medical-claim/

यौन संबंधों के लिए सहमति देने वाले मामले में उचित सबूत के बिना अपीलकर्ता द्वारा पीड़िता की ओर से प्रग्नेंट होने का ‘केवल दावा’ किसी व्यक्ति को दोषी ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने प्रतुत मामले में अपीलकर्ता पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 493 (विवाह का छलपूर्ण वादा … Read more

पुलिस अधिकारी चंद्रशेखरन को नाबालिक अनुसूचित जाति के लड़की से बलात्कार किये जाने के कारण जमानत देने से इनकार किया – High Court

ट्रस्ट एक कानूनी व्यक्ति नहीं है और मुकदमा नहीं कर सकता या मुकदमा दायर नहीं किया जा सकता

केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक पुलिस अधिकारी को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर अनुसूचित जाति समुदाय की 14 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार Rape का आरोप है। यह अपील अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 14-ए के तहत दायर है। इस अपील में चुनौती … Read more

प्रारंभिक अवस्था में पक्षों के बीच सहमति से बने रिश्ते को आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता – सुप्रीम कोर्ट ने ‘बलात्कार का मामला’ खारिज किया

केंद्र सरकार के वकीलों की बार-बार अनुपस्थिति, अधिकारियों को न्यायालय में बुलाने का कारण - Supreme Court

सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि प्रारंभिक अवस्था में पक्षों के बीच सहमति से बने रिश्ते को आपराधिक रंग नहीं दिया जा सकता, जब उक्त रिश्ता वैवाहिक रिश्ते में परिणत नहीं होता। अपीलकर्ता इस न्यायालय के समक्ष दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 16.10.2023 को दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (संक्षेप में “सीआरपीसी”) की धारा 482 के अंतर्गत … Read more

“आप बहुत शक्तिशाली हैं”; आरोप गंभीर हैं : Supreme Court ने Rape Accused पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की जमानत याचिका खारिज की

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सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने आज पूर्व सांसद और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते प्रज्वल रेवन्ना को दो बलात्कार मामलों में आरोपी बनाने से इनकार कर दिया। कोर्ट रेवन्ना द्वारा कर्नाटक उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका Special Leave Petition पर सुनवाई कर रहा था, जिसके तहत उन्हें जमानत देने … Read more

8 साल में 9 व्यक्तियों के खिलाफ बलात्कार के लिए 7 एफआईआर : सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैन्य अधिकारी की याचिका पर जारी किया नोटिस

Supreme-Court

अभियोजन पक्ष की शिकायत पर 8 साल में 9 व्यक्तियों के खिलाफ बलात्कार के लिए 7 एफआईआर: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सैन्य अधिकारी की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें कथित ‘सेक्सटॉर्शन रैकेट’ द्वारा बलात्कार के मामले को खारिज करने की मांग की गई थी सुप्रीम कोर्ट ने आज सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कैप्टन राकेश वालिया … Read more