अगर आईपीसी की धारा 34 लागू होती है, तो क्या प्रत्येक आरोपी को समान प्रावधान के तहत दोषी ठहराया जाना चाहिए? सुप्रीम कोर्ट जांच करेगा

सुप्रीम कोर्ट, एक आपराधिक अपील में, इस बात की जांच करेगा कि क्या भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 34 लागू होने पर प्रत्येक आरोपी को समान प्रावधान के तहत दोषी ठहराया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की खंडपीठ ने कहा कि यह मुद्दा आईपीसी की धारा 304 भाग- II के … Read more

सुप्रीम कोर्ट: किसी व्यक्ति को संदेह के आधार पर दोषी नहीं ठहराया जा सकता

सुप्रीम कोर्ट में एक हत्या के मामले में बिलासपुर उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ एक अपील हुई। 2009 में, आरोपी ने मृतक पर खंजर का इस्तेमाल करके हत्या कर दी, शरीर को अन्य लोगों के साथ कंबल में लपेट दिया। आरोपी को कुछ सबूतों के आधार पर दोषी ठहराया गया, जैसे संभावित खून के … Read more

“निर्दोषता का अनुमान एक मानव अधिकार है” सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जटिलताओं की सावधानीपूर्वक जांच करते हुए बेगुनाही बरकरार रखी : ऐतिहासिक बरी

सुप्रीम कोर्ट ने सुरेश थिपप्पा शेट्टी और सदाशिव सीना सालियान में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मामले की जटिलताओं की सावधानीपूर्वक जांच की, जिन्हें ट्रायल कोर्ट ने हत्या की साजिश में उनकी कथित संलिप्तता के लिए दोषी ठहराया था। दोनों की बाद की अपीलों को बॉम्बे हाई … Read more

पोस्टमार्टम में डॉक्टर ने बताया कि मौत स्वाभाविक थी क्योंकि उसके शरीर पर कोई बाहरी चोट नहीं थी: SC ने हत्या के आरोपी को आरोपमुक्त करने को बरकरार रखा

Justice Abhay S. Oka Justice Ujjal Bhuyan

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में सेशन कोर्ट द्वारा दिए गए डिस्चार्ज के आदेश को बरकरार रखते हुए कहा कि हाई कोर्ट ने पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर की इस बात को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया कि मौत स्वाभाविक थी। अदालत मद्रास उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के फैसले के खिलाफ आरोपी … Read more

सुप्रीम कोर्ट से 23 वर्ष पुराने हुई हत्या के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी को बड़ी राहत, निचली अदालत और HC के फैसले को बरकरार रखा

Ajay Mishra Sc

23 वर्ष पुराने हुई हत्या के मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी और जस्टिस पंकज मित्थल की पीठ ने उत्तर प्रदेश की निचली अदालत और इलाहाबाद हाई कोर्ट के टेनी को बरी किए जाने के फैसले को बरकरार रखा है। … Read more

साक्ष्य अधिनियम U/S 27 तब भी लागू होता है, जब सूचना देते समय आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया हो: सुप्रीम कोर्ट

Supreme Court Ai

“साक्ष्य अधिनियम की धारा 27 में शब्द “किसी अपराध का आरोपी व्यक्ति” और शब्द “एक पुलिस अधिकारी की हिरासत में” को अल्पविराम से अलग किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भले ही सूचना देने के समय आरोपी को औपचारिक रूप से गिरफ्तार नहीं किया गया था, फिर भी आरोपी साक्ष्य अधिनियम, 1872 की … Read more

‘जहर से मौत’: सुप्रीम कोर्ट ने अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोपी व्यक्ति की दोषसिद्धि और आजीवन कारावास को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि संपत्ति का अधिकार एक संवैधानिक अधिकार है, 22 साल बाद आया निर्णय-

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने एक पुलिस अधिकारी द्वारा मौत से ठीक एक घंटे पहले दर्ज किए गए मृत्यु पूर्व बयान पर अविश्वास करने और एक पुलिस अधिकारी द्वारा दर्ज किए गए बयान को विश्वसनीयता देने के बाद कथित तौर पर जहरीला पदार्थ देकर अपनी पत्नी की हत्या करने के आरोपी एक व्यक्ति की दोषसिद्धि … Read more

अपराध को उचित संदेह से परे साबित करना होगा: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या मामले में छह लोगों को बरी करने के फैसले को रखा बरकरार

कोर्ट ने कहा की इस प्रकार, हमारी राय है कि आरोपी व्यक्तियों को संदेह का लाभ देने में उच्च न्यायालय द्वारा अपनाया गया दृष्टिकोण सबसे प्रशंसनीय दृष्टिकोण प्रतीत होता है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा, जिसमें हत्या के एक मामले में छह आरोपियों की सजा को … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने यह मानते हुए कि दोषी का मकसद ‘अंत्येष्टि व्यय आदि के लिए धन एकत्र करना था’ आईपीसी की ‘धारा 302’ से घटाकर ‘धारा 304 (भाग 1)’ कर दी

सुप्रीम कोर्ट ने उक्त अपराध के पीछे के मकसद और कारण के कारण एक व्यक्ति की सजा को आईपीसी की धारा 302 (हत्या के लिए सजा) से आईपीसी की धारा 304 भाग- I (गैर इरादतन हत्या) में बदल दिया है। पीठ ने इस तथ्य पर गौर किया कि अपीलकर्ता-दोषी को परिवार के एक सदस्य के … Read more

मृत शरीर से रेप ‘अप्राकृतिक अपराध’ नहीं, देश में ‘नेक्रोफीलिया’ पर कोई भी सजा नहीं- HC

क्या देश में इस पर कोई सजा नहीं?

भारत में रेप की सजा पर आईपीसी IPC में सख्त कानून हैं, जो गुनहगार को कड़ी सजा का प्रावधान करते हैं लेकिन आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि नेक्रोफीलिया Necrophilia के लिए कोई सजा नहीं है। यानी अगर कोई दरिंदा किसी लाश से यौन संबंध बनाता है तो उसके ऊपर रेप या यौन हमले … Read more