विधवा बहू ने किया ससुराल पर भरण पोषण का दावा, HC ने कहा ससुर दे बहू को गुजारा भत्ता-

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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट Chattisgarh High Court के फैसले के बाद अब विधवा बहू अपने ससुराल वालों से भरण-पोषण को लेकर दावा कर सकती है। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने फैमिली कोर्ट के फैसले को सही ठहराते हुए यह फैसला दिया है। न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर पति की मौत के बाद ससुर … Read more

हाई कोर्ट के इतिहास का पहला मामला, जब एक वकील ने दूसरे वकील का फर्जी हस्ताक्षर और शपथ पत्र बनाकर जनहित याचिका दायर की, मुख्य न्यायधीश ने लिया सज्ञान –

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चिरमिरी सिविल कोर्ट के अधिवक्ता सत्येंद्र सिंह ने छत्तीशगढ़ उच्च न्यायलय में याचिका सुनवाई के दौरान शिकायत दर्ज कराई है कि चिरमिरी के वकील राजकुमार गुप्ता व उनके जूनियर ने उनका फर्जी हस्ताक्षर कर जनहित याचिका दायर की है। हाई कोर्ट के इतिहास का यह पहला मामला है जब एक वकील ने दूसरे वकील के … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या आरोपी को बरी करते हुए कहा ~ इकबालिया बयान कमजोर साक्ष्य है क्योंकि इसे साबित नहीं किया जा सकता-

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने सोमवार को एक्स्ट्रा जुडिशल कन्फेक्शन Extra Judicial confession लेकर बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट और पुलिस के अलावा तीसरे व्यक्ति के सामने जुर्म के संबंध में इकबालिया बयान यानी एक्‍स्‍ट्रा ज्‍यूडिशियल कन्‍फेशन Extra judicial confession काफी नहीं है। अदालत ने कहा कि सह आरोपी के सिर्फ एक्स्ट्रा जुडिशल कन्फेक्शन Extra Judicial … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए हाई कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए मुख्य आरोपी को किया बरी-

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी

शीर्ष अदालत कि पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि आरोपी अदालत के समक्ष निश्चित रूप से दोषी होना चाहिए, न कि दोषी होने की संभावना होनी चाहिए और दोषसिद्धि निश्चित निष्कर्षों पर आधारित होनी चाहिए।  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि किसी आरोपी के खिलाफ किसी ठोस … Read more

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: NI Act, Sec 138 में किसी व्यक्ति को चेक बाउंसिंग के अपराध में केवल इसलिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता है क्योंकि वह उस फर्म का पार्टनर या गांरटर था-

138 ni act

चेक बाउंस Cheque Bouncing के मामलों में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने सुनवाई करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसला Landmark Judgment सुनाया कि आपराधिक दायित्व नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट NI Act की धारा 138 किसी व्यक्ति पर सिर्फ इसलिए नहीं लगाया जा सकता है क्योंकि वह एक फर्म में भागीदार है जिसने ऋण लिया था … Read more

पति पर मायके में रहने के लिए दबाव बनाना क्रूरता की श्रेणी में आता है, हाई कोर्ट ने दिया तलाक़-

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट Chhattisgarh High Court ने एक मामले की सुनवाई के दौरान पत्नी की मनमानी और जिद पर जमकर फटकार लगाई है। जानकारी के अनुसार, शादी के तीन महीने ससुराल में रहने के बाद एक पत्नी अपने मायके चली गई थी। जब उसका पति उसे लेने गया तो उसने वापस आने से इनकार कर … Read more

हाईकोर्ट: ससुर गवर्नमेंट सर्विस में इसके बाद भी बहू को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए-

ससुर को बहू के परिवार का सदस्य नहीं माना जा सकता- छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय ने अनुकंपा नियुक्ति को लेकर एक अहम फैसला दिया है. हाईकोर्ट ने कहा है कि ससुर गवर्नमेंट सर्विस में इसके बावजूद बहू को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए. ससुर को बहू के परिवार का सदस्य नहीं माना जा सकता. न्यायमूर्ति पी सैम … Read more

सुप्रीम कोर्ट: गवाही सिर्फ इस आधार पर दरकिनार नहीं की जा सकती कि चश्मदीद ने बचाने का प्रयास नहीं किया-

Supreme Court उच्चतम न्यायालय ने 2004 में छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दिनदहाड़े एक लड़की की चाकू मारकर हत्या करने के मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय के फैसले को बरकरार रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने दोषी को राहत देने से इनकार करते हुए उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है। कोर्ट के फैसले से करीब … Read more

शुभ मुहूर्त के नाम पर शादी के 11 सालों के बाद भी लौटकर नहीं आई पत्नी, हाईकोर्ट ने कहा – पति को तलाक देने का पूरा हक

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (Chhattisgarh High Court News) ने एक अनोखे मामले में तलाक का फरमान जारी किया है. शुभ मुहूर्त को लेकर शादी के 11 साल बाद तक एक पत्नी ससुराल आने से इनकार करती रही है। पति से इतने दिन तक दूर रहने के मामले को कोर्ट ने एक तरीके से परित्याग का मामला माना … Read more

हिं. वि. अधि., 1955 की धारा 13बी के तहत आपसी सहमति से तलाक देने के लिए पति और पत्नी के बीच गंभीर विवाद का होना कोई शर्त नहीं – छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने माना है कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13बी के तहत आपसी सहमति से तलाक देने के लिए पति और पत्नी के बीच गंभीर विवाद का होना कोई शर्त नहीं है। मा न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और मा न्यायमूर्ति एन के चंद्रवंशी की खंडपीठ ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, … Read more