उच्च न्यायालयों द्वारा शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के विपरीत – SC

उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने कहा है कि पूर्व निर्णीत फैसले पर विचारोपरांत उसके पृथक फैसले हाईकोर्ट High Court पर बाध्यकारी होते हैं। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना के बेंच ने कहा कि देश में उच्च न्यायालयों द्वारा इस शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट: जो व्यक्ति पुलिस जांच से पीड़ित है वह जांच की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट के पास जा सकता है- 

न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ एक आपराधिक मामले में निष्पक्ष जांच करने के लिए प्रतिवादी अधिकारियों को निर्देश देने की मांग वाली एक याचिका पर फैसला सुना रही थी। Allahabad High Court इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में देखा है कि एक मजिस्ट्रेट के पास आपराधिक प्रक्रिया संहिता (Cr.P.C.) … Read more

अभियुक्त के पास अगर नहीं है ज़मानतदार तब कानून में क्या है प्रावधान, जानिए विस्तार से केस विवरण के साथ –

CRPC BAIL

ज़मानत के लिए गिड़गिड़ाना तथा किसी व्यक्ति से अपने प्रकरण में प्रतिभू बनने हेतु निवेदन करना अपनी गरिमा एवं प्रतिष्ठा को ठेंस पहुंचाने जैसा है। यह गरिमा एवं प्रतिष्ठा किसी व्यक्ति को संविधान के अंतर्गत दिए गए मूल अधिकारों में निहित है। संपूर्ण भारत में कोई अभियुक्त (Accused) किसी अन्य स्थान पर निवास करता है … Read more

केंद्र और राज्य सरकारों को SC-ST कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने की नीतियों में उन सभी शर्तों को पूरा करना होगा – सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया

सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण RESERVATION IN PROMOTION देने की नीतियों POLICIES में उन सभी शर्तों को पूरा करना होगा, जो सर्वोच्च अदालत की अलग-अलग संविधान पीठ ने पिछले दो फैसलों में तय की हैं। गौरतलब … Read more