मद्रास हाईकोर्ट: पति का विवाहेतर संबंध होना अपने आप में IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता नहीं, अभियोजन को साबित करने होंगे जरूरी तत्व

Madras High Court

विवाहेतर संबंध पर हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी मद्रास हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि पति का विवाहेतर संबंध होना अपने आप में IPC की धारा 498A के तहत क्रूरता का अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं है। अदालत ने साक्ष्यों की कमी के आधार पर पति को बरी करने के फैसले के खिलाफ अपील खारिज … Read more