सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय का फैसला पलटा, साथ ही साथ पति के परिजनों को आरोपी बनाने की प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की-

दहेज प्रताड़ना के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक आदेश को पलटते हुए महिला व पुरुष के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्राथमिकी (FIR) में आकस्मिक रूप से नाम जोड़कर पति के परिजनों को वैवाहिक विवादों में आरोपी बनाने की प्रवृत्ति … Read more

मद्रास हाईकोर्ट: डिफ़ॉल्ट जमानत का अधिकार “ठीक उसी समय” चार्जशीट दाखिल करने से कभी भी समाप्त नहीं होता-

अदालत ने अभियुक्तों को डिफ़ॉल्ट जमानत के अधिकार का लाभ उठाने के लिए और अदालत के समक्ष चार्जशीट दाखिल करने के लिए जांच एजेंसी के लिए लागू समय की कमी के बारे में लंबे समय से चल रहे भ्रम को स्पष्ट किया है। एक फैसले में, मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने वैधानिक प्रावधानों और … Read more

राज्य को झकझोर देने वाली एक घटना में सुनवाई कर रहे ‘न्यायमूर्ति’ ने कहा सार्वजनिक आक्रोश और मीडिया की राय उसे न्याय प्रदान करने में प्रभावित नहीं करेगी-

न्यायाधीश ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, “यह तर्क न दें कि यह समाज के लिए एक संदेश है। उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है, यह सजा नहीं है, यह केवल जांच में सहायता करने के उद्देश्य से है। मैं किसी भी जनमत या मीडिया रिपोर्ट से प्रभावित नहीं होने वाला हूं। सैकड़ों मीडिया रिपोर्ट्स … Read more

उच्च न्यायालय: धारा 506 IPC संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है अतः कम्प्लेंट केस नहीं चलाया जा सकता-

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

Allahabad High Court इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में अपना निर्णय देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य में, धारा 506 के तहत अपराध संज्ञेय और गैर-जमानती है, इसलिए इसे कम्प्लेंट केस के रूप में नहीं चलाया जा सकता है। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने धारा 482 के तहत एक राकेश कुमार शुक्ला द्वारा … Read more

बलात्कार के मामलों में दोषसिद्धि फरियादी की एकमात्र गवाही पर परन्तु प्रमाणिकता पर मामला रद्द किया जा सकता-

“बचाव पक्ष का यह कर्तव्य नहीं है कि वह यह बताए कि कैसे और क्यों बलात्कार के मामले में पीड़िता और अन्य गवाहों ने आरोपी को झूठा फंसाया है। अभियोजन पक्ष को अपने पैरों पर खड़ा होना पड़ता है और बचाव के मामले की कमजोरी से समर्थन नहीं ले सकता।” दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार … Read more

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दुर्घटना में मारे गये युवक के मामले में बीमा कंपनी को दिया 33 लाख 50 हजार रुपए मुआवजा देने का निर्देश-

अधिकरण ने दो लाख 30 हजार 400 रुपये आठ फीसदी ब्याज सहित मुआवजे के भुगतान का आदेश दिया था। मामले के तथ्यों के अनुसार 20 जुलाई 2004 को अभिषेक की दिल्ली-रायबरेली सड़क पर दुर्घटना में मौत हो गई। जिसके कारण मुआवजे का दावा किया गया था। इलाहाबाद उच्च न्यायालय Allahabad High Court ने एक युवक … Read more

डबवाली अग्निकांड पीड़ित विनोद बांसल की जुबानी, उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने हमें बुलाया, बोले-आपका केस मैं ही सुनूंगा

1996 में अग्निकांड पीड़ित ने पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में पीआइएल फाइल हुई। अग्निकांड पीडि़त विनोद बांसल की जुबानी… 15 जनवरी 2003 की तारीख कभी नहीं भूल सकता। जब चीफ जस्टिस विनोद राय ने कह दिया कि इलाज हो गया है बच्चों की फीस माफ हो गई है। इस केस में कुछ नहीं बचा है … Read more

उच्च न्यायलय का दूरगामी फैसला, मुस्लिम पति का पत्नियों के साथ बराबरी का व्यवहार न करना तलाक का आधार-

हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी के साथ वैवाहिक दायित्वों को निभाने से इन्कार करना कुरान के आदेशों के उल्लंघन के समान है जो पति द्वारा एक से अधिक विवाह करने पर पत्नियों के साथ समान व्यवहार करने का आदेश देता है। उच्च न्यायलय ने मुस्लिम महिलाओं के तलाक … Read more

बड़ी बहन का आधार कार्ड लगाकर नाबालिग ने प्रेमी से किया विवाह, कोर्ट पहुंचने पर पोक्सो में मामला दर्ज –

युवती ने अपनी जगह बहन का ही नाम बता दिया। हस्ताक्षर भी अपनी बहन के ही नाम से किए। इसके बाद जोड़े ने 10 सितंबर को सेशन जज से सुरक्षा मांगी। उसके कागजों के आधार पर उसे सुरक्षा भी दे दी गई। Hissar – 16 साल की नाबालिग ने अपनी बड़ी बहन का आधार कार्ड … Read more

जावेद ने मुन्ना बनकर किया लव जिहाद, अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए दस साल की सजा सुनाई-

डीजीसी क्रिमनल दिलीप अवस्थी का कहना है कि कानपुर में लव जिहाद करने वाले आरोपी को ये पहली सजा है। चार वर्ष पूर्व कानपुर के ही जूही थाने में आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो, दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था, जिसमें सोमवार को अदालत ने आरोपी जावेद उर्फ मुन्ना को दोषी मानते हुए दस साल … Read more