सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के साइक्लोस्टाइल पैटर्न पर दिए आदेश पर जताई निराशा, बिना मेरिट एफआईआर रद्द करने का था मामला-

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के साइक्लोस्टाइल पैटर्न पर दिए आदेश पर जताई निराशा, बिना मेरिट एफआईआर रद्द करने का था मामला-कोर्ट ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से तत्काल याचिका को दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था। सर्वोच्च न्यायलय Supreme Court ने उत्तराखंड उच्च न्यायलय High Court of Uttarakhand … Read more

IPC Sec 376: केरल हाईकोर्ट की टिप्पणी शादी का झांसा देकर पुरुष रेप करे तो केस, महिला धोखा दे तो नहीं ?

बलात्कार जैसे अपराध पर केरल उच्च न्यायलय की टिप्पणीकोर्ट ने कहा- इस प्रकार का अपराध होना चाहिए जेंडर-न्यूट्रल IPC Sec 376 – केरल उच्च न्यायलय Kerala High Court ने तलाक Divorce के एक मामले पर सुनवाई के दौरान बेहद गंभीर टिप्पणी की है। उच्च न्यायालय High Court ने कहा कि बलात्कार Rape जैसे अपराध को … Read more

e-mail भेज हुआ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई, हाई कोर्ट ने पूछा कि – थाने में बंद व्यक्ति कैसे कर सकता है पशु तस्करी ?

इलाहाबाद उच्च न्यायलय Allahabad High Court ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका Habeas Corpus Petition पर सुनवाई करते हुए एसएससी प्रयागराज और नवाबगंज थाने के दरोगा से उनका व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और कारण जानना चाहा है कि वे बताएं जब युवक थाने में बंद था तो वह पशु तस्करी कैसे कर सकता है। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार … Read more

संवेदनशील गवाहों से संबंधित मुद्दा सीधे प्रकार से महिलाओं और बच्चों की दुर्दशा से जुड़ा है : सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायलय SUPREME COURT ने शुक्रवार को कहा कि कमजोर गवाहों से संबंधित मुद्दा सीधे तौर पर महिलाओं और बच्चों की दुर्दशा से जुड़ा है। इसके साथ ही न्यायालय ने कमजोर गवाह बयान केंद्रों (VWDC) के लिए एक समान राष्ट्रीय मॉडल तैयार करने से जुड़े मामले में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को पक्षकार बनाने … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या आरोपी को बरी करते हुए कहा ~ इकबालिया बयान कमजोर साक्ष्य है क्योंकि इसे साबित नहीं किया जा सकता-

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने सोमवार को एक्स्ट्रा जुडिशल कन्फेक्शन Extra Judicial confession लेकर बड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट और पुलिस के अलावा तीसरे व्यक्ति के सामने जुर्म के संबंध में इकबालिया बयान यानी एक्‍स्‍ट्रा ज्‍यूडिशियल कन्‍फेशन Extra judicial confession काफी नहीं है। अदालत ने कहा कि सह आरोपी के सिर्फ एक्स्ट्रा जुडिशल कन्फेक्शन Extra Judicial … Read more

‘वकील का कार्यालय कोर्ट से कम सम्मानित नहीं’, हाई कोर्ट ने यौन दुष्कर्म के आरोपी वकील कि जमानत याचिका किया खारिज-

न्यायमूर्ति समित गोपाल

इलाहाबाद उच्च न्यायालय Allahabad High Court ने सुनवाई को एक वकील को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर उसके तहत विधि की छात्रा का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था । न्यायमूर्ति समित गोपाल ने कहा, “दोनों पक्षों को सुनने और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद यह साबित होता है … Read more

इलाहाबाद HC ने जज से पूछा, कहा क्यों न कोर्ट को दिग्भ्रमित करने के लिए CJ को उनके खिलाफ कार्रवाई हेतु मामले को भेजा जाए-

इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश: संभल शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंगाई-पुताई की अनुमति

हाई कोर्ट ने कहा धारा 151 सीपीसी के तहत ऐसा आदेश पारित नहीं किया जा सकता था।  उच्च न्यायालय ने सख्त लहजे में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट जज से कहा कि मुकदमा दूसरे जज को स्थानांतरित करें। साथ ही भसीन इंफोटेक एंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. कंपनी सहित विपक्षी बड़े अधिकारियों पर कोर्ट को दिग्भ्रमित करने के लिए … Read more

Delhi Highlighed Murder Case : सर्वोच्च अदालत ने हाई कोर्ट के जमानत को रद्द कर निचली न्यायालय को दिया दैनिक सुनवाई का आदेश-

उच्चतम न्यायालय ने पीड़ित लड़के के अभिभावकों की अपील स्वीकार कर ली, जिसमें उन्होंने इस साल दो मार्च को आरोपी को दिल्ली उच्च न्यायालय से मिली जमानत को चुनौती दी थी।  सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court ने दिल्ली उच्च न्यायालय Delhi High Court से मिले जमानत आदेश को खारिज कर दिया उच्चतम न्यायालय ने पूर्वी दिल्ली … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए हाई कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए मुख्य आरोपी को किया बरी-

न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी

शीर्ष अदालत कि पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि आरोपी अदालत के समक्ष निश्चित रूप से दोषी होना चाहिए, न कि दोषी होने की संभावना होनी चाहिए और दोषसिद्धि निश्चित निष्कर्षों पर आधारित होनी चाहिए।  सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा कि किसी आरोपी के खिलाफ किसी ठोस … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अधिवक्ता ने अपनी बात रखने के लिए मांगे 8 मिनट, न्यायमूर्ति ने कहा बात साबित नहीं कर पाए तो लगेगा प्रति मिनट रू. 1 लाख का जुर्माना-

न्यायमूर्ति एलएन राव, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति बीआर गवई की पीठ ने रजिस्ट्री से भी कहा कि किसी वकील से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है– दिल्ली में वाहनों पर पाबंदी लगाना संविधान के अनुच्छेद 14 में दिए गए मौलिक अधिकारों का है उल्लंघन. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता वकील अनुराग सक्सेना ने अदालत से … Read more