गलत जानकारी देकर नौकरी पाना धोखा: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा—टर्मिनेशन पूरी तरह वैध और उचित

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दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि गलत या भ्रामक जानकारी देकर सरकारी नौकरी हासिल करना धोखाधड़ी है और ऐसा नियुक्ति रद्द करना पूरी तरह सही एवं कानूनन उचित है। FCI से बर्खास्तगी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज; कोर्ट ने कहा—अमान्य OBC प्रमाणपत्र पर नौकरी का कोई अधिकार नहीं। गलत जानकारी देकर नौकरी पाना … Read more

राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस, कैश फंडिंग की वैधता पर सवाल

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सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कैश में 2000 रुपये तक के चंदे की अनुमति देने वाले कानून की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जवाब मांगा। यह रिपोर्ट याचिका की दलीलों, कोर्ट की प्रारंभिक टिप्पणियों और संवैधानिक प्रश्नों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत करती … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने MP जजों को बड़ी राहत दी: अब 61 साल तक कर सकेंगे सर्विस, हाईकोर्ट के आदेश पर लगाई रोक

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मध्य प्रदेश जज एसोसिएशन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए डिस्ट्रिक्ट जजों को 61 वर्ष की उम्र तक सेवा जारी रखने की अनुमति दी। कोर्ट ने कहा— जब प्रदेश के अन्य कर्मचारियों की रिटायरमेंट उम्र 62 है, तो जजों को 61 का लाभ देने में कोई बाधा नहीं। “जब मध्य प्रदेश … Read more

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: राष्ट्रपति-राज्यपालों पर बिल स्वीकृति के लिए तय समय सीमा थोपना असंवैधानिक

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सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक निर्णय में कहा कि राष्ट्रपति और राज्यपालों को बिलों पर निर्णय लेने के लिए अदालतें अनिवार्य समय सीमा नहीं दे सकतीं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि बिलों को अनिश्चितकाल तक रोकना संविधान की भावना के विपरीत है। एक महत्वपूर्ण फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति और … Read more

ट्रिपल तलाक नोटिस वकील के जरिए भेजना वैध नहीं: सुप्रीम कोर्ट

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पति के हस्ताक्षर के बिना भेजे गए तलाक नोटिस और तलाकनामा (Talaqnama) को वैध तलाक नहीं माना जा सकता। ट्रिपल तलाक नोटिस वकील के जरिए भेजना अवैध: सुप्रीम कोर्ट ने कहा– पति के हस्ताक्षर बिना तलाकनामा मान्य नहीं सुप्रीम कोर्ट ने तलाक-ए-हसन प्रक्रिया में वकील द्वारा भेजे गए तलाक नोटिस को अवैध बताया। अदालत ने … Read more

हैबियस कॉर्पस से जमानत नहीं मिल सकती: सुप्रीम कोर्ट ने MP हाईकोर्ट का आदेश रद्द किया, कहा– न्यायिक अधिकार का दुरुपयोग

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सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा हैबियस कॉर्पस के ज़रिए आरोपी को रिहा करने के आदेश को रद्द किया। कोर्ट ने कहा कि बार-बार जमानत खारिज होने पर हैबियस कॉर्पस का उपयोग करना कानून का गंभीर उल्लंघन है। जमानत का सही उपाय केवल उच्चतर न्यायालय में अपील है। हैबियस कॉर्पस से जमानत नहीं मिल … Read more

टाइगर रिज़र्व संरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: कोर्बेट में अवैध निर्माण ध्वस्त करने और देशभर में कड़े पर्यावरणीय नियम लागू करने के निर्देश

कोर्बेट में अवैध निर्माण ध्वस्त करने और देशभर में कड़े पर्यावरणीय नियम लागू करने के निर्देश

📝 सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक आदेश: टाइगर रिज़र्व संरक्षण के लिए देशभर में लागू होंगे कड़े मानक सुप्रीम कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को टाइगर रिज़र्व संरक्षण पर देशव्यापी दिशानिर्देश जारी किए। कोर्बेट टाइगर रिज़र्व में अवैध निर्माण हटाने का आदेश, टाइगर सफारी पर कड़े प्रतिबंध, ESZ अनिवार्य, साइलेंस ज़ोन घोषणा और नाइट टूरिज्म पर … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल छात्रवृत्ति घोटाले के कथित रिश्वत मामले में ईडी के पूर्व सहायक निदेशक को जमानत दी, हाईकोर्ट का आदेश रद्द

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश छात्रवृत्ति रिश्वत मामले में ईडी के पूर्व सहायक निदेशक विशाल दीप को जमानत देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले को पलटा। कोर्ट ने कहा—चार्जशीट दायर होने और लंबी हिरासत के बाद आरोपी की निरंतर जेल में रखे जाने की आवश्यकता नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के पूर्व अधिकारी को दी … Read more

टेट्रा पैक में शराब बेहद खतरनाक: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, PIL के संकेत भी दिए

टेट्रा पैक में शराब बेहद खतरनाक: सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी, PIL के संकेत भी दिए

🍾⚖️ सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “टेट्रा पैक में शराब बेहद खतरनाक—सरकार कैसे दे रही अनुमति?” सुप्रीम कोर्ट ने टेट्रा पैक में शराब की बिक्री को “खतरनाक और भ्रमित करने वाला” बताते हुए सरकार की नीति पर सवाल उठाए। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस बागची ने संभावित दुरुपयोग, खासकर छात्रों द्वारा, पर चिंता जताई और संकेत … Read more

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा U-Turn: एक्स-पोस्ट फैक्टो पर्यावरण मंजूरी पर 2:1 बहुमत से Vanashakti फैसला वापस

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सुप्रीम कोर्ट ने 2:1 बहुमत से अपने Vanashakti (2025) फैसले को वापस लेते हुए एक्स-पोस्ट फैक्टो पर्यावरण मंजूरियों पर बड़ा निर्णय दिया। CJI गवई और जस्टिस चंद्रन ने कहा कि पूर्ण परियोजनाओं को तोड़ना सार्वजनिक हित के खिलाफ है, जबकि जस्टिस भुइयाँ ने इसे पर्यावरण न्यायशास्त्र के लिए पीछे हटना बताया। सुप्रीम कोर्ट का बड़ा … Read more