क्या चश्मदीद गवाह की गवाही को इसलिए खारिज किया जा सकता है, क्योंकि वह पीड़ित का रिश्तेदार है-
रिपोर्ट-राजेश कुमार गुप्ता,अधिवक्ता, वाराणसी दिनांक 18.8.1993 को माधव जी (मृतक) अपने बेटे के साथ खेत पर मौजूद थे, तब ही उन पर अमरा, काचरू, कारू, सुरताराम, लालू और भागीरथ ने हमला किया। मृतक के रोने की आवाज सुनकर कुछ लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी भाग गए। मृतक के बेटे ने अपने पिता को एक बैलगाड़ी … Read more