सुप्रीम कोर्ट ने आश्चर्य से कहा की जब आपराधिक कार्यवाही को ही रद्द कर दिया गया तो मामले की क्लोजर रिपोर्ट कैसे हो सकती है-

मामले में आदेश देते हुए न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने इस ‘प्रथा’ को ‘कानून के लिए अज्ञात’ प्रक्रिया बताया सुप्रीम कोर्ट ने अदालतों द्वारा एफआईआर रद्द किये जाने के बाद भी आपराधिक मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करने की उत्तराखंड पुलिस की प्रथा को चौंकाने वाला बताया है। बुधवार को … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया – ‘लास्ट सीन’ सजा का एकमात्र आधार नहीं हो सकता, हर परिस्थिति को उचित संदेह से परे साबित किया जाना चाहिए-

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोपी की सजा को रद्द करते हुए कहा कि ‘आखिरी बार देखे जाने’ का सिद्धांत दोषसिद्धि का एकमात्र आधार नहीं हो सकता क्योंकि इसका आवेदन सीमित था, जहां मृतक को आखिरी बार आरोपी के साथ देखे जाने के बीच का समय अंतराल था, और हत्या का समय संकीर्ण था। न्यायमूर्ति … Read more

HC के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे, कहा- 4365 घरों को रातों-रात उजाड़ नहीं सकते

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान उत्तराखंड के नैनीताल जिला स्थिति हल्द्वानी में ध्वस्तीकरण Demolition के कार्य पर स्टे लगा दिया. इसी के साथ सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तराखंड सरकार और भारतीय रेलवे को नोटिस भी भेजा है. दरअसल हल्द्वानी Haldwani के बनभूलपुरा इलाके में रेलवे की जमीन पर कब्जा करने के … Read more

उत्तराखंड HC: गंगा नदी के तट से 500 मीटर के भीतर मांस की दुकानों पर प्रतिबंध लगाना संवैधानिक है-

उत्तराखंड

नैनीताल उच्च न्यायालय ने उत्तराखंड में गंगा किनारे मांस बिक्री के मामले में अहम निर्णय सुनाया है। कोर्ट ने उत्तरकाशी में गंगा तट से 500 मीटर दायरे में मांस की दुकानें खोलने व मांस बेचने पर प्रतिबंध को सही ठहराया है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने दुकानदार को नोटिस देकर दुकान शिफ्ट करने … Read more

IPC Sec 376 और 504, 506 के तहत अपराध CrPC की Sec 200 के तहत परीक्षण के उद्देश्य के लिए ‘एक ही परिणति के रूप में जुड़े कृत्यों की एक श्रृंखला’ के दायरे में नहीं आएगा : SC

सुप्रीम कोर्ट

बलात्कार का अपराध (भारतीय दंड संहिता की धारा 376) और दूसरा गाली-गलौज और धमकियां, जिससे अपमान और धमकाने का अपराध होता है (धारा 504/506 आईपीसी), चाक और पनीर की तरह होते हैं- न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने पाया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और धारा 504 और 506 … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने HC के फैसले को उलट DJ के आदेश को दी मंजूरी कहा Article 227 के तहत उच्च न्यायलय को सिर्फ पर्यवेक्षण का अधिकार-

उच्च न्यायालय ने जिला जज ने विवादित सम्पत्ति खाली करने के आदेश और अंतिम आदेश के खिलाफ संयुक्त संशोधन याचिका सुनवाई के लिए स्वीकार करके कानूनन गलत किया था। सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court ने स्पष्ट किया है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 227 Article 227 of Indian Constitution के तहत उच्च न्यायालयों High Court … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के साइक्लोस्टाइल पैटर्न पर दिए आदेश पर जताई निराशा, बिना मेरिट एफआईआर रद्द करने का था मामला-

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के साइक्लोस्टाइल पैटर्न पर दिए आदेश पर जताई निराशा, बिना मेरिट एफआईआर रद्द करने का था मामला-कोर्ट ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से तत्काल याचिका को दूसरी पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया था। सर्वोच्च न्यायलय Supreme Court ने उत्तराखंड उच्च न्यायलय High Court of Uttarakhand … Read more

JJ ACT SEC 12 के तहत जुवेनाइल को जमानत देते समय जमानती और गैर-जमानती अपराध में कोई अंतर नहीं: हाईकोर्ट

किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम (Juvenile Justice Act), 2015 की धारा 12 के आलोक में उत्तराखंड हाईकोर्ट (Uttarakhand High Court) ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, जो स्पष्ट रूप से एक बच्चा है, जमानतदार पेश करने की शर्त या बिना शर्त के जमानत पर रिहा होने का हकदार है या इसको एक … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने बताया: कैसे तय करे कि मामले में हत्या [IPC SEC 302] करने का इरादा था या नहीं?

INDIAN PENAL CODE SECTION 302- सर्वोच्च न्यायलय ने हल में अपने दिए निर्णय में उन परिस्थितियों पर चर्चा की, जिनका उपयोग यह निर्धारित करने के लिए किया जा सकता है कि क्या भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या के मामले में हत्या करने का इरादा था। शीर्ष अदालत द्वारा उत्तराखंड राज्य की … Read more

उच्च न्यायलय के ऊपर आधारहीन आरोप लगाने पर शीर्ष अदालत ने रु. 25 लाख का लगाया अर्थदंड-

याचिकाकर्ताओं के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता एएम सिंघवी ने “खासगी” शब्द के अर्थ का पता लगाते हुए प्रस्तुत किया कि संपत्ति 18 वीं शताब्दी से परिवार में जारी थी और इसे भारत सरकार के पत्रों द्वारा भी मान्यता दी गई थी। सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट और राज्य सरकार के उच्च अधिकारियों के खिलाफ … Read more