अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक संभव: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक की अनुमति दी। संविधान पीठ का यह फैसला तलाक कानून में ऐतिहासिक बदलाव है। Divorce possible in irretrievably broken marriage under Article 142: Supreme Court’s historic decision अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक संभव: सुप्रीम कोर्ट … Read more

दुर्भाग्यपूर्ण मामला जब सामाजिक बंधन और ताने-बाने अविश्वास में बदल जाते है: SC ने Article 142 के अधिकार में युगल को वैवाहिक बंधन से मुक्त किया

सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत शक्ति का प्रयोग करते हुए एक जोड़े को आपसी सहमति से तलाक की डिक्री दी है। तलाक की डिक्री देते हुए, न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने कहा कि “यह उन दुर्भाग्यपूर्ण मामलों में से एक है जहां सामाजिक ताने-बाने और … Read more

हिन्दू विवाह एक धार्मिक और कानूनी प्रक्रिया, जिसमे तलाक़ और एकल विवाह अग्रेजो ने जोड़ा, जाने तलाक़ कितने प्रकार से संभव है-

अगर आप दूसरी शादी करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको तलाक लेना होगा- Hindu Marriage Act Of 1955 – हमारे देश में हिन्दू विवाह एक धार्मिक और कानूनी प्रक्रिया है. ये Hindu Marriage Act Of 1955 के तहत आता है. अगर आप विवाह (Marriage) के रिश्ते (Relation) से खुश नहीं है और अलग होना … Read more

सात जन्मो का बंधन, चन्द माह में ही गया विखर, सुप्रीम कोर्ट ने तलाक़ पर लगाई मोहर-

विवाह की गाँठ में सात जन्मों के बंधन की प्रतिज्ञा लेकर हमसफर बने एक युवा इंजीनियर दंपती का वैवाहिक जीवन मात्र एक साल में ही अलगाव की दिशा में मुड़ गया। विवाह के बाद दोनों में ऐसा वैचारिक टकराव हुआ कि पहले वे अलग रहने लगे और फिर अदालत के मध्यस्थता प्रयास भी विफल हो … Read more

हाईकोर्ट का तलाक मामले में अहम फैसला: पूर्व पति को 3 हजार रुपये महीना गुजारा भत्ता दे महिला-

औरंगाबाद बेंच बॉम्बे उच्च न्यायलय ने एक फैसले में एक महिला को अपने पति को हर महीने गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया है। इस आदेश के तहत महिला अपने पति को गुजारा भत्ता देगी क्योंकि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। औरंगाबाद बेंच बॉम्बे उच्च न्यायलय ने नांदेड़ की एक निचली अदालत के कुछ … Read more

‘भावनाओं का आदान-प्रदान ही वैवाहिक जीवन की आत्मा वरना शादी महज एक कानूनी बंधन’- हाई कोर्ट

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दिल्ली हाई कोर्ट Delhi High Court ने एक महिला को तलाक Divorce की मंजूरी देते हुए कहा कि भावनाओं के आदान-प्रदान के बिना विवाह महज एक कानूनी बंधन Only Legal Binding है. न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की पीठ ने आदेश में कहा, ऐसा नहीं है कि हर शादी, जहां युगल Couple काम … Read more

हाई कोर्ट: आपसी सहमति से तलाक ना देने ये मानते हुए की विवाह विफल हो गया है क्रूरता की श्रेणी में आता है-

केरल उच्च न्यायालय ने एक मामले में कहा कि यदि पति या पत्नी आपसी सहमति से तलाक देने से इनकार करते हैं, भले ही वे आश्वस्त हों कि विवाह विफल हो गया है, तो यह क्रूरता होगी। न्यायमूर्ति ए मुहम्मद मुस्ताक और न्यायमूर्ति सोफी जोसेफ की बेंच के अनुसार अगर अदालत को यकीन है कि … Read more

राजस्थान हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश: तलाक को लेकर अब 6 माह से अधिक इंतजार नहीं-

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा है कि यदि पति – पत्नी आपसी सहमति से तलाक लेना चाहते है तो उसके लिए छह माह तक अलग रहने की शर्त मान्य नहीं होगी। राजस्थान उच्च न्यायालय ने उदयपुर फैमिली कोर्ट के एक आदेश को अपास्त न करते हुए आदेश दिया है। फैमिली कोर्ट की … Read more

18 साल तक याचिका नहीं डाली तो लीगल माना जाएगा नाबालिग विवाह – उच्च न्यायालय

अदालत के अनुसार इसमें दोनों पक्षों को हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 (2) (iv) के अनुसार उनकी शादी को रद्द करना चाहिए था. चंडीगढ़.: पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय Punjab & Haryana High Court ने कहा है कि 18 साल की उम्र से पहले विवाहित लड़की तलाक की डिक्री के जरिए अलग होने की … Read more

हिं. वि. अधि., 1955 की धारा 13बी के तहत आपसी सहमति से तलाक देने के लिए पति और पत्नी के बीच गंभीर विवाद का होना कोई शर्त नहीं – छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने माना है कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13बी के तहत आपसी सहमति से तलाक देने के लिए पति और पत्नी के बीच गंभीर विवाद का होना कोई शर्त नहीं है। मा न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और मा न्यायमूर्ति एन के चंद्रवंशी की खंडपीठ ने कहा कि हिंदू विवाह अधिनियम, … Read more