किसी अन्य राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थानांतरित वाहनों के लिए कोई पुनः पंजीकरण शुल्क या टोकन टैक्स की आवश्यकता नहीं – हाई कोर्ट

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जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक फैसले में भारत के भीतर एक राज्य या केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) से दूसरे में वाहन स्थानांतरित करने के कानूनी निहितार्थों को संबोधित किया। इस मामले में एक याचिका शामिल थी जिसमें हरियाणा में पंजीकृत वाहन को नया पंजीकरण चिह्न देने के लिए कश्मीर में … Read more

मोटर दुर्घटना मुआवजा दावा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि यदि मृतक की स्थायी नौकरी है, तो उसकी आयु 40-50 वर्ष के बीच होने पर वास्तविक वेतन में 30% की वृद्धि की जानी चाहिए

SC CONFIRM THE DESISION OF BOMBAY HC

सर्वोच्च न्यायालय ने दोहराया कि यदि मृतक स्थायी नौकरी कर रहा है, तो मृतक की आयु 40 से 50 वर्ष के बीच होने पर वास्तविक वेतन में 30% की वृद्धि की जानी चाहिए। यह अपील कटक स्थित उड़ीसा उच्च न्यायालय द्वारा 24 अप्रैल, 2023 को एमएसीए संख्या 1168/2016 में पारित अंतिम निर्णय और आदेश की … Read more

HC ने कहा की FIR को क्लेम पिटीशन की तरह ही माना जायेगा, मोटर वाहन मामलों में 6 महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने पर कोई लिमिटेशन लागू नहीं

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास उच्च न्यायलय ने मोटर दुर्घटनाओं से जुड़े दावों को लेकर एक लैंडमार्क निर्णय दिया है। कोर्ट ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत, सीमा अवधि तब किए गए दावों पर लागू नहीं होती है जब पुलिस पहले ही मोटर वाहन अधिनियम की धारा 159 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर चुकी हो। अधिनियम की … Read more

Motor Accident Claim- आयकर रिटर्न और ऑडिट रिपोर्ट मृतक की आय निर्धारित करने के लिए विश्वसनीय साक्ष्य हैं: SC

मोटर दुर्घटना के दावे से जुड़े मामले पर फैसला सुनाते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि आयकर रिटर्न और ऑडिट रिपोर्ट जैसे दस्तावेज मृतक की आय निर्धारित करने के लिए विश्वसनीय सबूत हैं। न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति वी. रामसुब्रमण्यम की खंडपीठ ने अमृत भानु शाली बनाम नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और कल्पनाराज बनाम … Read more

हाई कोर्ट ने UIDAI से बायोमेट्रिक्स के माध्यम से अज्ञात पीड़ितों की पहचान से संबंधित जानकारी साझा करने पर माँगा जबाव-

दिल्ली उच्च न्यायालय ने हाल ही में यातायात दुर्घटनाओं के अज्ञात पीड़ितों की पहचान करने के मुद्दे पर केंद्रीय पहचान डेटा रिपोजिटरी (सीआईडीआर), भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी के अनुरोध के जवाब में न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता और न्यायमूर्ति अनीश दयाल की … Read more

उच्च न्यायलय का निर्णय: ड्राइविंग लाइसेंस नियमित ना होने पर भी बीमा कंपनी मुआवज़ा देने के लिए बाध्य-

उच्च न्यायलय ने अहम फैसले में कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) का नवीनीकरण न होने से बीमा कंपनी मुआवज़ा देने से बच नहीं सकती। उसे दावा करने वाले को मुआवज़े का भुगतान करना ही होगा। न्यायमूर्ति डॉ. कौशल जयेंद्र ठाकर ने यह आदेश न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (New India Assurance Company Ltd) की … Read more