राजस्थान में बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन पर वाद विवाद बढ़ने के कारण मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट-

राजस्थान सरकार ने विगत दिनों एक विवादित कानून पास किया था. ये कानून बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन से जुड़ा था. पास विवादित कानून के तहत अब राजस्थान में बाल विवाह का भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा. इस कानून का विधानसभा में तो विरोध हुआ ही था और अब कानूनी चुनौती भी मिलने वाली है. नेशनल … Read more

‘तारीख पे तारीख’ लिए जाने से नाराज़ शीर्ष अदालत ने 78 बार वाद की सुनवाई टाले जाने पर दिया ये आदेश-

शीर्ष अदालत ने देहरादून के एक निचली अदालत की ओर से सुनवाई को 78 दफे टाले जाने पर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट इस मामले में छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा करे। धोखाधड़ी व जालसाजी के मामले में 3 लोगों को 2014 में आरोपी बनाया गया था … Read more

हाई कोर्ट बार एसोसिएशन से आयकर वसूली मामले में आयकर विभाग को पुन: विचार करने का दिया आदेश – उच्च न्यायलय

Allahabad High Court ने 40 लाख रुपये के आयकर वसूली मामले में हाई कोर्ट बार एसोसिएशन से दायर याचिकाओं को आयकर विभाग को नियमानुसार विचार करने वापस भेज दिया है और उचित आदेश पारित करने के लिए कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति एन ए मुनीस और न्यायमूर्ति एस डी सिंह की खंडपीठ ने बार एसोसिएशन … Read more

वैधानिक किरायेदार को सिर्फ किराया अधिनियम के तहत लाभ, संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम के प्रावधान भवन और भूमि पर लागू नहीं होते – सर्वोच्च न्यायलय

किरायेदार ने इमारत के विध्वंस के बाद भूमि पर अधिकार का दावा करते हुए पहला मुकदमा दायर किया- किरायेदारी का अधिकार न केवल भवन में बल्कि भूमि में भी है- वैधानिक किरायेदार के अधिकारों और देनदारियों को केवल किराया अधिनियम के तहत पाया जाना चाहिए, न कि संपत्ति के हस्तांतरण अधिनियम के तहत- शीर्ष अदालत … Read more

बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार की जांच के खिलाफ परमबीर सिंह की याचिका खारिज की-

मुंबई : बंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह द्वारा दायर उस याचिका को बृहस्पतिवार को सुनवाई के योग्य नहीं माना, जिसमें उन्होंने महाराष्ट्र सरकार द्वारा उनके खिलाफ शुरू की गयी दो प्राथमिक जांच को रद्द करने का अनुरोध किया है। न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति एन जे जामदार की … Read more

Evidence Act की धारा 106 उन मामलों पर लागू होगी जहां अभियोजन पक्ष उन तथ्यों को स्थापित करने में सफल रहा है – उच्चतम न्यायालय

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 106 के तहत अभियुक्त के भार को निभा पाने में विफलता परिस्थितिजन्य साक्ष्य द्वारा संचालित मामले में प्रासंगिक नहीं है, यदि अभियोजन पक्ष परिस्थितियों की एक कड़ी स्थापित करने में असमर्थ है। मा न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और मा न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ … Read more

जज के बार-बार मना करने पर भी अदालत में वकील ने की ‘आवाज ऊंची’, अपमान के आरोप में हुआ केस दर्ज-

वाक्या रोहिणी कोर्ट में हत्या की कोशिश से जुड़े एक मामले में आरोपी को अंतरिम जमानत दिलाने के लिए अदालत पहुंचा एक वकील वहां जाकर खुद एक ‘अपराध’ कर बैठा। वकील को अदालत में ‘आवाज ऊंची’ करने और एक जज की चेतावनियों को अनसुना करने का खामियाजा भुगतना पड़ा। उसे अब अपने इस बर्ताव की … Read more

केंद्र और राज्य सरकारों को SC-ST कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने की नीतियों में उन सभी शर्तों को पूरा करना होगा – सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया

सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण RESERVATION IN PROMOTION देने की नीतियों POLICIES में उन सभी शर्तों को पूरा करना होगा, जो सर्वोच्च अदालत की अलग-अलग संविधान पीठ ने पिछले दो फैसलों में तय की हैं। गौरतलब … Read more

वकीलों द्वारा ‘फर्जी’ जनहित याचिकाएं दायर करने की हरकत को प्रोत्साहित नहीं कर सकती है – सर्वोच्च न्यायालय

पीठ ने याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता पर दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया- शीर्ष अदालत ने मंगलवार को वकीलों से जुड़ी एक याचिका पर अहम फैसला सुनाया। ज्ञात हो कि एक जनहित याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से मांग की गई थी कि वह कोरोना वायरस या अन्य किसी कारण से जान गंवाने वाले … Read more

अविवाहित बेटी या विधवा बेटी को ही अनुकंपा नियुक्ति हेतु पात्र माना जायेगा-सर्वोच्च अदालत

शीर्ष न्यायालय ने सोमवार को व्यवस्था दी कि कर्नाटक के एक कानून के तहत किसी सरकारी सेवक की मृत्यु के समय उस पर आश्रित रही और उसके साथ रहने वाली ‘अविवाहित बेटी’ और ‘विधवा बेटी’ को ही उसकी मृत्यु के बाद अनुकंपा आधार पर नियुक्ति के लिए पात्र और आश्रित कहा जा सकता है. सर्वोच्च … Read more