शादी और बच्चे के बाद POCSO कार्यवाही रद्द: उत्तराखंड हाईकोर्ट का अहम फैसला

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यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में महत्वपूर्ण आदेश पारित उत्तराखंड हाईकोर्ट ने POCSO मामले में आरोपी के खिलाफ कार्यवाही रद्द की, यह देखते हुए कि वह और पीड़िता अब कानूनी रूप से विवाहित हैं और उनका एक बच्चा है। कोर्ट ने कहा—मुकदमा जारी रखना न्याय के उद्देश्यों … Read more

पुणे फैमिली कोर्ट: शारीरिक संबंध बनाने से इनकार पर शादी निरस्त

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विवाह केवल औपचारिक रिश्ता नहीं, वैवाहिक दायित्वों पर आधारित संस्था पुणे फैमिली कोर्ट Pune Family Court ने पति द्वारा वैवाहिक संबंध बनाने से इनकार स्वीकार करने के बाद हिंदू विवाह अधिनियम के तहत शादी को निरस्त कर दिया। अदालत ने कहा—विवाह केवल औपचारिक रिश्ता नहीं, वैवाहिक दायित्वों पर आधारित संस्था है। महाराष्ट्र के Pune से … Read more

दूसरी शादी से फैमिली पेंशन नहीं: ओडिशा हाईकोर्ट का अहम फैसला, अवैध विवाह पर लाभ से इनकार

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ओडिशा हाईकोर्ट ने कहा कि पहली पत्नी के रहते दूसरी शादी अमान्य है; पहली पत्नी की मृत्यु के बाद भी दूसरी पत्नी फैमिली पेंशन की हकदार नहीं होगी। कोर्ट ने दो टूक कहा कि कानूनन दूसरी पत्नी ‘विधवा’ की श्रेणी में नहीं आती, और अवैध विवाह के आधार पर पेंशन देना समाज में गलत परंपराओं … Read more

मानसिक क्रूरता के लगातार पैटर्न को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने पति को तलाक का हक दिया

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मानसिक क्रूरता के लगातार पैटर्न को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने पति को तलाक का हक दिया दिल्ली हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में यह स्पष्ट किया है कि पत्नी की गर्भावस्था और बाद में हुआ गर्भपात विवाह के दौरान पति पर की गई लगातार मानसिक क्रूरता के पैटर्न को खत्म नहीं … Read more

अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक संभव: सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

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सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक की अनुमति दी। संविधान पीठ का यह फैसला तलाक कानून में ऐतिहासिक बदलाव है। Divorce possible in irretrievably broken marriage under Article 142: Supreme Court’s historic decision अनुच्छेद 142 के तहत असाध्य रूप से टूटी शादी में तलाक संभव: सुप्रीम कोर्ट … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: अलगाव की अवधि में आपसी सहमति से तलाक के लिए समझौता ‘साथ रहने’ का संकेत नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: अलगाव की अवधि में आपसी सहमति से तलाक के लिए समझौता 'साथ रहने' का संकेत नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला: अलगाव की अवधि में आपसी सहमति से तलाक के लिए समझौता ‘साथ रहने’ का संकेत नहीं 🧑‍⚖️ प्रथम अपील दोषपूर्ण संख्या 207/2025 – आपसी सहमति से तलाक का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि यदि पति-पत्नी अलगाव की अवधि के दौरान आपसी सहमति से तलाक के लिए सहमत … Read more

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं मद्रास हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हाल ही में निर्णय दिया कि हिंदू विवाह अधिनियम के तहत हिंदू रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों के अनुसार हिंदू और ईसाई के बीच विवाह वैध नहीं है। हिंदू और ईसाई के बीच विवाह केवल ईसाई विवाह … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अमान्य घोषित विवाह में भी जीवनसाथी को भरण-पोषण का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि यदि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (Hindu Marriage Act) की धारा 11 के तहत अमान्य घोषित किया गया हो, तब भी जीवनसाथी को धारा 25 के तहत स्थायी गुजारा भत्ता (permanent alimony) या भरण-पोषण (maintenance) मांगने का अधिकार रहेगा। महत्वपूर्ण निष्कर्ष खंडपीठ जिसमें न्यायमूर्ति अभय एस. ओका, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन … Read more

व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा और उसके बच्चे भी हैं, ऐसे ‘लिव इन रेलशनशिप’ मामलों में संरक्षण देने से ‘द्वी विवाह’ हो समर्थन मिलेगा और भारतीय मूल्यों का हनन होगा – HC

व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा और उसके बच्चे भी हैं, ऐसे 'लिव इन रेलशनशिप' मामलों में संरक्षण देने से 'द्वी विवाह' हो समर्थन मिलेगा और भारतीय मूल्यों का हनन होगा

ऐसे मामलों में संरक्षण देने से गलत काम करने वालों को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय समाज के नैतिक मूल्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा. पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सहमति संबंध में रह रहे पंजाब निवासी जोड़े को सुरक्षा देने से इनकार कर दिया है. हाईकोर्ट ने कहा कि व्यक्ति पहले से ही शादीशुदा है और उसके बच्चे … Read more

शून्य विवाह से पैदा हुए बच्चे वैध, हिंदू विवाह अधिनियम के तहत विरासत के हकदार- HC

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 केरल उच्च न्यायालय का कहना है कि भले ही हिंदू विवाह अधिनियम के तहत एक हिंदू की दूसरी शादी को शून्य माना जाता है, शून्य विवाह void marriage से पैदा हुए बच्चे भी मृतक के सेवांत लाभ के हकदार हैं।  . जस्टिस हरिशंकर वी. मेनन ने अनीता बनाम केरल राज्य नागरिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के … Read more