सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: पहली शादी जारी रहने के बावजूद पत्नी को मिला भरण-पोषण का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय: पहली शादी जारी रहने के बावजूद पत्नी को मिला भरण-पोषण का अधिकार

यह निर्णय उन महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण नज़ीर है, जो विवाह विवादों में फंसकर आर्थिक रूप से असहाय हो जाती हैं। न्यायालय ने कहा की – यह मामला लिव-इन रिलेशनशिप का नहीं है CrPC 125 | Maintenance Rights | Supreme Court Judgment सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक महिला को भरण-पोषण का अधिकार दिया, … Read more

सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: विवाह के अपरिवर्तनीय विघटन में एकमुश्त गुजारा भत्ता की मान्यता

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हालिया ऐतिहासिक फैसले “सौ. जिया बनाम कुलदीप (2025 INSC 135)” की सुनवाई करते हुए 31 जनवरी 2025 को अपना निर्णय सुनाया। इस मामले में, न्यायालय ने क्रूरता और विवाह के अपरिवर्तनीय विघटन के आधार पर तलाक तथा अपीलकर्ता-पत्नी के लिए स्थायी भरण-पोषण की पात्रता पर विचार किया। दोनों पक्षों के बीच अल्पकालिक … Read more

तलाक के बाद सहारा देने की अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए पति को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 10 लाख रुपये देने का निर्देश – सुप्रीम कोर्ट

तलाक के बाद सहारा देने की अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए पति को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 10 लाख रुपये देने का निर्देश - सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति को अपनी पत्नी के पक्ष में स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 10 लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया। प्रस्तुत अपीलें नागपुर स्थित बॉम्बे बेंच के उच्च न्यायालय द्वारा पारिवारिक न्यायालय अपील संख्या 37/2017 में पारित दिनांक 25.04.2018 के विवादित आदेश से उत्पन्न हुई हैं, जिसके तहत उच्च … Read more

सार्वजनिक स्थानों पर पत्न्नी का पर्दा न पहनना क्रूरता नहीं, ये वैवाहिक विघटन का आधार नहीं – इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया है कि सार्वजनिक स्थानों पर पर्दा न पहनने का पत्नी का निर्णय क्रूरता नहीं है, जिसके कारण विवाह विच्छेद की आवश्यकता है। इस आधार पर तलाक के लिए एक व्यक्ति की याचिका को खारिज करते हुए, न्यायालय ने वैवाहिक संबंधों में सामाजिक मानदंडों और व्यक्तिगत स्वायत्तता के विकास के … Read more

दंपत्ति के बीच 44 साल पुराने वैवाहिक संबंध को समाप्त करने का निर्णय देते हुए High Court ने 18 साल से चली लड़ाई का अंत किया

अमृतपाल सिंह की संसद सत्र में भागीदारी पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित की

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने हरियाणा के हाल ही में करनाल जिले के एक दंपत्ति के बीच 44 साल पुराने वैवाहिक संबंध को समाप्त करने का निर्णय लिया, जिससे 18 साल से चली आ रही कानूनी लड़ाई का अंत हो गया। प्रस्तुत मामले में उच्च न्यायालय ने एक ऐसा समाधान निकाला जिसमें 70 वर्ष … Read more

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलाकशुदा पुरुष द्वारा भुगतान की जाने वाली भरण-पोषण राशि को दो गुना किया

इलाहाबाद हाई कोर्ट ALLAHABAD HIGH COURT ने एक याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि एक मध्यम वर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाली महिला के लिए 2500 रुपये की मामूली रकम में एक वक्त का खाना भी जुटा पाना लगभग असंभव है। न्यायमूर्ति मनोहर नारायण मिश्र की एकल पीठ ने शिल्पी शर्मा की ओर से … Read more

Hindu Marriage Act के तहत Divorce को उचित ठहराने के लिए मानसिक विकार का होना पर्याप्त नहीं मानसिक असंतुलन की डिग्री साबित होनी चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

lko HC

इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने हाल ही में कहा कि मानसिक विकार की उपस्थिति, चाहे वह कितनी भी गंभीर क्यों न हो, हिंदू विवाह अधिनियम Hindu marriage Act के तहत विवाह विच्छेद को उचित ठहराने के लिए पर्याप्त नहीं है। हिंदू विवाह अधिनियम Hindu marriage Act की धारा 13(1)(iii) के अनुसार यदि दूसरा पति … Read more

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा की ‘हिंदू विवाह अधिनियम’ के अनुसार पति को बच्चे को देखने का पूरा अधिकार, भले ही वो अलग-अलग रह रहे हों

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास हाईकोर्ट ने एक वैवाहिक विवाद के मामले में अलग रह रहे पति जो बच्ची का पिता है को राहत प्रदान की. हाई कोर्ट ने पिता को अपनी बच्ची से मिलने का मौका प्रदान किया. पति-पत्नि विवाद के बाद अलग रह रहे हैं. इस मामले में बच्ची अपनी मां के साथ रह रही है और … Read more

ट्रिपल तलाक़ मामले में मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि अगर पहली शादी वैध रहते दूसरी शादी करना हिंदू धर्म में क्रूरता है तो मुस्लिमों में क्यों नहीं माना जाना चाहिए

मद्रास हाईकोर्ट का फैसला: हिंदू और ईसाई के बीच हिंदू रीति-रिवाजों से विवाह वैध नहीं

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने एकतरफा तीन तलाक देने को लेकर कहा कि शौहर की तरफ से तलाक दिए जाने को अगर बीवी ठुकरा रही है तो फिर कोर्ट के जरिए दिलाया गया तलाक ही मान्य होगा। ‘ट्रिपल तलाक’ को सरकार के द्वारा अवैध करार देने के बाद भी कुछ मुस्लिम कट्टरपंथी मानसिकता … Read more

पत्नी द्वारा झूठे मुकदमे के कारण पति को हुआ प्रतिष्ठा का नुकसान, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पति के पक्ष में तलाक के आदेश को रखा बरकरार

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पति के पक्ष में तलाक के आदेश को बरकरार रखा, जिसमें कहा गया कि पत्नी द्वारा झूठे मुकदमे के कारण उसे प्रतिष्ठा का नुकसान हुआ है। संक्षिप्त तथ्य- पक्षकारों के बीच विवाह 17.04.2002 को संपन्न हुआ। पक्षकारों को एक पुत्र पैदा हुआ। वह वयस्क हो गया है। प्रतिवादी के अनुसार अपीलकर्ता … Read more