उच्च न्यायालय कहा कि u/s 498A IPC के तहत आपराधिक कार्यवाही को इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है कि विवाह वैद्ध नहीं है

ओडिशा हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: विवाह के झूठे वादे पर बलात्कार का आरोप खारिज

उड़ीसा उच्च न्यायालय ने पाया है कि धारा 498ए आईपीसी के तहत आपराधिक कार्यवाही को इस आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता है कि कोई वैद्ध विवाह आधार तत्व मौजूद नहीं है। कोर्ट ने आईपीसी की धारा 498ए के तहत पति के खिलाफ संज्ञान लेने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को इस आधार पर … Read more

हाई कोर्ट का अहम निर्णय – पालने वाले सौतेले पिता को भी गुजारा भत्ते का हक –

https://legaltoday.in/courts-decision-said-in-the-interest-of-the-consumer-it-is-not-necessary-for-the-patient-to-be-admitted-in-the-hospital-for-24-hours-for-the-medical-claim/

जन्म देने वाली मां दूसरी शादी करने पर भी पुत्र से गुजारा भत्ते का दावा कर सकती है | माता-पिता को गुजारा भत्ता देने का विधिक दायित्व बच्चों के नैतिक दायित्व से उत्पन्न होता है – उच्च न्यायलय कलकत्ता उच्च न्यायलय ने महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए कहा है कि पाल-पोसकर बड़ा करने पर सौतेले पिता … Read more

दूसरी निकाह के पहले तक तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को मिलेगा पति से गुजारा भत्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला –

लखनऊ खंड पीठ, इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने मुस्लिम महिलाओं के हक में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने कहा कि तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को भी दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 125 के तहत पति से गुजारा भत्ता पाने का अधिकार है। वे इद्दत की अवधि के बाद भी दूसरा विवाह करने तक इसे प्राप्त करने … Read more

क्या तलाक़ डिक्री के ख़िलाफ़ लम्बित अपील के दौरान पत्नी धारा CrPC 125 के तहत गुजारा भत्ता माँग सकती है? इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्णय विस्तार से-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने Criminal Procedure Code सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पत्नी के भरण-पोषण के दावे की अनुमति दी, भले ही पारिवारिक न्यायालय के पास पहले से ही तलाक की डिक्री थी, उक्त डिक्री के खिलाफ अपील अदालत के समक्ष लंबित थी और अंतिम रूप प्राप्त कर चुकी थी। जस्टिस आफताब हुसैन रिजवी … Read more

दिल्ली उच्च न्यायालय: क्या पत्नी पति के ही घर में निवास करते हुए भी धारा 125 CrPC में भरण-पोषण की माँग कर सकती है?

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक याचिका में नोटिस जारी किया जिसमें यह मुद्दा उठाया गया था कि क्या अपने पति के साथ अपने घर में रहने वाली पत्नी आपराधिक प्रक्रिया संहिता (क्रिमिनल प्रोसीजर कोड) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की हकदार है या नहीं? न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने मामले में नोटिस जारी … Read more

CrPC sec 125 ”एक पिता की अपने बेटे को भरण-पोषण देने की बाध्यता उसके बालिग होने पर भी समाप्त नहीं होगी”-उच्च न्यायलय

सुप्रीम कोर्ट ने लगातार यह माना है कि धारा 125 की अवधारणा एक महिला की वित्तीय पीड़ा को कम करने के लिए थी, जिसने अपना वैवाहिक घर छोड़ दिया था; यह बच्चों के साथ, यदि कोई हो, महिला के भरण-पोषण को सुरक्षित करने का एक साधन है- न्यायमूर्ति सुब्रमोनियम प्रसाद ने यह व्यक्त करते हुए … Read more