जिला न्यायालय में नियुक्ति चाहने वाले व्यक्ति का चरित्र बेदाग होना चाहिए, जिससे न्यायिक प्रणाली में जनता का विश्वास न डगमगाएगा – इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट

जिला अदालतों में नियुक्ति चाहने वाले व्यक्ति का चरित्र बेदाग होना चाहिए ऐसी महत्वपूर्ण टिप्पणी इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कि। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा की ऐसी सभी का जो नियुक्ति चाहता हो कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। साफ-सुथरे रिकॉर्ड के बिना कोई भी व्यक्ति इस संस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। इलाहाबाद हाई … Read more

शीर्ष अदालत ने बड़े लोगों के मामले में सियासी प्रभाव पर व्यक्त की चिंता, पूर्व बसपा विधायक छोटे सिंह के विरुद्ध तीन दशक पुराना दोहरे हत्या का मुकदमा किया बहाल

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि दोहरे हत्याकांड जैसे गंभीर अपराध के मामलों में जांच के बाद चार्जशीट में आरोपी की अच्छी छवि के आधार पर अभियोजन वापस लेना उचित नहीं है। कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की आलोचना करते हुए खेद भी व्यक्त किया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रभावशाली व्यक्तियों से जुड़े मामलों में राजनीतिक … Read more

वकीलों की हड़ताल रोकने को इलाहाबाद हाई कोर्ट सख्त, कहा बार कौंसिल बनाए प्रभावी नीति

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इलाहाबाद हाई कोर्ट ने बार कौंसिल आफ इंडिया के अध्यक्ष मनन मिश्र तथा यू पी बार कौंसिल के अध्यक्ष शिवकिशोर गौर से कहा है वह आपस में बैठ कर वकीलों की हड़ताल न हो इसके लिए नीति बनाएं और अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश करें। कोर्ट में अगली सुनवाई अब सात अगस्त को होगी। … Read more

धारा 138, एनआई अधिनियम, 1881 के तहत कब एक चेक को अस्वीकृत माना जाएगा – इलाहाबाद उच्च न्यायलय

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इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने हाल ही में धारा 138 एनआई अधिनियम के तहत मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया, जिसमें समझाया गया कि धारा 138, परक्राम्य लिखत अधिनियम, 1881 (एनआई अधिनियम) के तहत चेक कब अस्वीकृत माना जाएगा। संक्षिप्त पृष्ठभूमि- यह मामला राहुल (प्रतिवादी संख्या 2) द्वारा विजय कुमार (आवेदक) के खिलाफ धारा 138 एनआई … Read more

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने तीन दिन से जारी आंदोलन स्थगित करते हुए सोमवार से न्यायिक कार्य करने का निर्णय लिया

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चीफ जस्टिस अरुण भंसाली के आश्वासन पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने सुनवाई के दौरान वकीलों के प्रति व्यवहार और परंपराओं के पालन सहित विभिन्न परेशानियों को लेकर तीन दिन से जारी आंदोलन स्थगित करते हुए सोमवार से न्यायिक कार्य करने का निर्णय लिया है। मुख्य न्यायाधीश की तरफ से मांगों के संबंध में सकारात्मक पहल … Read more

IPC Sec 494 एक पत्नी के रहते दूसरी शादी करने पर दंड के मामले में CrPC Sec 198 अदालत को संज्ञान लेने से रोकती है – इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रिपल तलाक(तलाक -ए -बिद्दत) को लेकर बड़ा फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि तलाक ट्रिपल तलाक है या नहीं, तथ्य का विषय, ट्रायल कोर्ट में साक्ष्य लेकर तय होगा। दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत अंतर्निहित शक्ति का इस्तेमाल कर दाखिल चार्जशीट या केस कार्यवाही रद्द नहीं की … Read more

जब कोई मध्यस्थ कार्यवाही के समय मौजूद कानून के आधार पर कोई निर्णय पारित करता है, तो उक्त निष्कर्षों को बाद के निर्णय के आधार पर स्पष्ट रूप से अवैध नहीं माना जा सकता – इलाहाबाद उच्च न्यायालय

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि जब कोई मध्यस्थ कार्यवाही के समय मौजूद कानून के आधार पर कोई निर्णय पारित करता है, तो उक्त निष्कर्षों को बाद के निर्णय के आधार पर स्पष्ट रूप से अवैध नहीं माना जा सकता। न्यायालय ने यह भी दोहराया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कानूनी मिसाल में निर्धारित सिद्धांतों को … Read more

HC ने नाराजगी जताते हुए निदेशक माध्यमिक शिक्षा, संयुक्त शिक्षा निदेशक, डीआईओएस सहित कई के खिलाफ जारी किया वारंट, जानिए क्या है मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश: शस्त्र लाइसेंस आवेदनों का समय सीमा में निस्तारण अनिवार्य

इलाहाबाद उच्च न्यायलय ने अध्यापक के वेतन के मामले में दिए गए आदेश के बावजूद जवाब दाखिल नहीं करने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक (सचिव) प्रयागराज समेत कई अफसरों पर वारंट जारी किया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंटर कॉलेज के अध्यापक के वेतन के मामले में आदेश के बावजूद जवाब दाखिल नहीं करने पर माध्यमिक शिक्षा … Read more

नौकरी के कारण लंबे समय तक अलगाव के बाद भी पत्नी का पति के वृद्ध मां की देखभाल करना दर्शाता है कि वह विवाह के प्रति समर्पित है, तलाक याचिका को खारिज – HC

तत्काल प्रभाव से यूपी लोक सेवा अधिकरण

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तलाक याचिका को खारिज करने के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि पक्षों के बीच विवाह को केवल अलगाव की अवधि के कारण पूरी तरह से टूटा हुआ नहीं कहा जा सकता। वर्तमान प्रथम अपील, पारिवारिक न्यायालय अधिनियम, 1984 की धारा 19 के तहत दायर की गई है, जो कि … Read more

जाति आधारित योजनाओं को बीपीएल व्यक्तियों तक बढ़ाने के लिए दायर जनहित याचिका पर न्यायिक समीक्षा की सीमाओं पर विचार करते हुए ‘खुद को अक्षम’ पाते हैं इलाहाबाद हाईकोर्ट

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने पाया कि राज्य सहायता कार्यक्रमों को सभी गरीब नागरिकों को उनकी जाति या समुदाय से परे समान रूप से प्रदान करने के लिए दायर जनहित याचिका पर न्यायिक समीक्षा की सीमाओं के कारण वह ‘अक्षम’ है। लखनऊ खंडपीठ ने दोहराया कि अनुसूचित जातियों/जनजातियों/अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के लिए … Read more