Bar Council of KERALA ने 3 साल से कम प्रैक्टिस वाले वकीलो के लिए प्रतिमाह Rs. 5000 तक के वजीफे के भुगतान के नियमो को अधिसूचित किया-

न्यायमूर्ति पीवी कुन्हीकृष्णन ने आज यह मामला उठाया, जिन्होंने “मैं खुश हूं” कहकर रिट याचिका को बंद कर दिया। Bar Council of Kerala बार काउंसिल ऑफ केरल ने बार में तीन साल से कम प्रैक्टिस करने वाले और सालाना आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं होने वाले वकीलों को प्रति माह 5,000 रुपये तक … Read more

जज साहब तलाक दिलवा दो, पत्नी क्रूर है, मुझ पर अत्याचार करती है, हाईकोर्ट पहुंचा पति का मामला-

हाई कोर्ट ने कहा कि अगर दुर्व्यवहार काफी लंबी अवधि तक रहता है और संबंध इस हद तक खराब हो जाए कि पति या पत्नी के कृत्यों और व्यवहार के कारण, पीड़ित पक्ष को अब दूसरे पक्ष के साथ रहना बहुत मुश्किल लगता है, यह मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आ सकता है।  ”जज साहब मेरी … Read more

पीड़िता के मुकरने पर भी POCSO COURT ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर दिया निर्णय, आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा-

लोक अभियोजक राकेश ठाकुर ने बताया कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण कानून (पॉक्सो) के तहत सुनवाई करने वाली अदालत ने मीणा पर 70,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया।  पोस्को अदालत (POCSO COURT) क्रम संख्या 1 बूंदी ने बसोली थाना क्षेत्र में 2 फरवरी 2020 को नाबालिग के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में … Read more

जमानत देते समय अदालत के लिए विस्तृत कारण बताना जरूरी नहीं-

पीठ ने कहा हमें अधिवक्ताओं की भी रक्षा करनी है- Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि जमानत देते समय कोर्ट के लिए विस्तृत कारण बताना जरूरी नहीं है, खासकर तब जब मामला प्रारंभिक चरण में हो और आरोपित द्वारा किए गए अपराध को स्पष्ट नहीं किया गया हो। सुप्रीम कोर्ट ने उक्त टिप्पणी … Read more

दिल्ली उच्च न्यायालय: क्या पत्नी पति के ही घर में निवास करते हुए भी धारा 125 CrPC में भरण-पोषण की माँग कर सकती है?

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को एक याचिका में नोटिस जारी किया जिसमें यह मुद्दा उठाया गया था कि क्या अपने पति के साथ अपने घर में रहने वाली पत्नी आपराधिक प्रक्रिया संहिता (क्रिमिनल प्रोसीजर कोड) की धारा 125 के तहत भरण-पोषण की हकदार है या नहीं? न्यायमूर्ति चंद्रधारी सिंह ने मामले में नोटिस जारी … Read more

जस्टिस पुष्पा वी.गनेडीवाला: ‘स्किन-टु-स्किन कॉन्टैक्ट’ वाला फैसला देने वाली नहीं बनेंगी स्थायी जज, SC कॉलेजियम का फैसला, रुका प्रमोशन-

18 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध के लिए स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट जरूरी नहीं है. स्किन टू स्किन कॉन्टेक्ट के बिना बच्चों के नाजुक अंगों को छूना POCSO Act के तहत यौन शोषण होगा . यौन उद्देश्य से बच्चे के यौन अंगों को छूना पोक्सों के तहत … Read more

NDPS ACT: निजी तलाशी के दौरान धारा 50 का पालन नहीं करने से वाहन से हुई बरामदगी अमान्य नहीं हो जाती-

SUPREME COURT सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि आरोपी की निजी तलाशी के दौरान नशीला पदार्थ अधिनियम ‌(Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 ) की धारा 50 का पालन नहीं करने के कारण वाहन से हुई बरामदगी अमान्य नहीं हो जाती है। न्यायमूर्ति यूयू ललित, न्यायमूर्ति इंदु मल्होत्रा और न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की पीठ … Read more

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर पत्नी के खिलाफ व्यभिचार के आरोप साबित हो जाते हैं तो वह भरण-पोषण की हकदार नहीं-

व्यभिचार( adultery)  के आधार पर पत्नी या पति कोई भी एक दूसरे से तलाक ले सकता है। लेकिन  बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई पर फैसला सुनाते हुए कहा की अगर पति अपनी पत्नी  को  व्यभिचार( adultery)  के कारण तलाक देता है तो पत्नी मासिक रखरखाव के भुगतान की हकदार नहीं होती है। बॉम्बे … Read more

सुप्रीम कोर्ट से चार धाम परियोजना को मिली मंजूरी, जानिए क्या था विवाद-

सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर चारधाम परियोजना के तहत बन रही सड़कों को ‘डबल लेन’ तक चौड़ा करने की इजाज़त दे दी है. जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की सदारत वाली पीठ ने मंगलवार को यह फैसला सुनाते हुए चारधाम परियोजना के बारे में सीधे जानकारी हासिल करने के लिए साबिक जज ए के … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से बताया कि अपराध तय करते वक्त अदालतों को किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि अदालतों का कर्तव्य है कि वे न सिर्फ अपराध बल्कि अपराधी, उसकी मानसिक स्थिति और उसकी सामाजिक आर्थिक स्थितियों को भी ध्यान में रखें. न्यायमूर्ति एल. नागेश्वर राव की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि यह अदालतों का कर्तव्य है कि वे आरोपी के सुधार और पुनर्वास की संभावना … Read more