बॉम्बे उच्च न्यायलय का फैसला बिना सहमति के महिला के पैर छूना उसकी शील भंग करने जैसा अपराध-
औरंगाबाद बेंच – बॉम्बे हाईकोर्ट की ने रात में सोते समय एक महिला के पैर छूने के लिए एक पुरुष को दी गई सजा और एक साल की सजा को बरकरार रखा। कोर्ट ने कहा, “किसी महिला की सहमति के बिना उसके शरीर के किसी हिस्से को छूना वह भी रात के समय किसी अजनबी … Read more