‘सत्य को असत्य से अलग करने का प्रयास अवश्य किया जाना चाहिए’ और जहां ऐसा पृथक्करण असंभव है, तो दोषसिद्धि नहीं हो सकती : सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के आरोपी को बरी करते हुए कहा

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सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि ‘फाल्सस इन यूनो, फाल्सस इन ओमनीबस’ ‘Falsus in uno, falsus in omnibus’ की कहावत केवल सावधानी का नियम है और भारतीय संदर्भ में इसे कानून के शासन का दर्जा नहीं मिला है। लेकिन सत्य को असत्य से अलग करने का प्रयास अवश्य किया जाना चाहिए और जहां ऐसा पृथक्करण असंभव … Read more

वकीलों द्वारा याचिकाओं में बार-बार झूठे बयान देने पर नाराज सुप्रीम कोर्ट, कहा कि – हमारा भरोसा हिल रहा, रोज 80 केस लिस्ट होते हैं, हर पेज से गुजरना मुश्किल

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सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों की समय-पूर्व रिहाई सुनिश्चित करने के लिए वकीलों द्वारा अदालत के समक्ष और याचिकाओं में भी बार-बार झूठे बयान देने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा है कि जब इस तरह के मामले सामने आते हैं, तो हमारा विश्वास डगमगा जाता है। जस्टिस अभय एस. ओका और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह … Read more

SC ने B.Tech छात्र हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा निलंबित करने के केरल HC के आदेश को खारिज कर दिया क्योकि मृतक के परिवार की सुनवाई नहीं हुई

147 Supreme Court Of India

सुप्रीम कोर्ट ने 2005 में बी.टेक. छात्र श्यामल मंडल की हत्या के मामले में दोषी की आजीवन कारावास की सजा को निलंबित करने के केरल उच्च न्यायालय के आदेश को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने मृतक के परिवार सहित सभी पक्षों को सुनने के बाद सजा के … Read more

‘एन.आई. एक्ट’ की धारा 138 के तहत अपराध को एनआई एक्ट की धारा 147 के तहत केवल संबंधित शिकायतकर्ता की सहमति से ही समझौता किया जा सकता है – सर्वोच्च न्यायालय

Cheque पर केवल साइन कर देना एनआई एक्ट के तहत अपराध नहीं

सर्वोच्च न्यायालय ने दोहराया है कि परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत अपराध को एनआई अधिनियम की धारा 147 के तहत केवल संबंधित शिकायतकर्ता की सहमति से ही समझौता किया जा सकता है। प्रस्तुत अपीलें दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा आपराधिक विविध मामला संख्या 970/2023 और आपराधिक विविध अपील संख्या 3701/2023 में पारित दिनांक … Read more

“इस्तीफा स्वीकार होने से पहले ही वापस ले लिया गया”: सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे कर्मचारी को बहाल करते हुए उस अवधि के लिए 50 प्रतिशत वेतन देने का दिया आदेश

'कागज पर कागज'

सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय रेलवे के एक कर्मचारी को सेवा में बहाल करने का आदेश दिया, क्योंकि उसने पाया कि उसके त्यागपत्र को स्वीकार किए जाने से पहले ही वापस ले लिया गया था। संक्षिप्त तथ्य– अपीलकर्ता 1990 से प्रतिवादी की सेवा में है। 13 वर्ष की सेवा करने के पश्चात, उसने 05.12.2013 को अपना … Read more

‘अवमानना के लिए दंड देने की शक्ति एक संवैधानिक अधिकार’, वादी ने किया दावा-‘जस्टिस ओका’ के खिलाफ मुकदमा चलाने हेतु राष्ट्रपति के समक्ष आवेदन किया दायर

Contempt Sci

सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद राजीव दहिया एक बार फिर चर्चा में हैं। वह 2017 में तब सुर्खियों में आए थे जब उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। उन्होंने यह जुर्माना नहीं भरा तो अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अवमानना का दोषी ठहराया है। सुराज इंडिया ट्रस्ट के अध्यक्ष … Read more

सुप्रीम कोर्ट के 20 अप्रैल, 2022 आदेश के बावजूद ‘न्यायिक अधिकारी’ नहीं हुआ पद पर बहाल, हाईकोर्ट और पंजाब सरकार का रवैया बेहद निराशाजनक

Testimony Of Witnesses Cannot Be Discarded Merely Because They Are Relatives: Supreme Court

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के एक न्यायिक पदाधिकारी को अफेयर होने के आधार पर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया और न्यायिक अधिकारी को पद पर दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया। हालांकि, शीर्ष अदालत के आदेश के बावजूद उसकी सेवाओं को बहाल नहीं किया गया। … Read more

‘असाधारण बकाया’ : केंद्र ने राज्यों द्वारा खनिज भूमि पर कर लगाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के 8:1 बहुमत का फैसला की समीक्षा की मांग की

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केंद्र सरकार ने 25 जुलाई और 14 अगस्त के दोनों निर्णयों की समीक्षा की मांग की भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ द्वारा सुनाए गए इस फैसले में 8:1 बहुमत का फैसला था। भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ द्वारा सुनाए गए इस फैसले में 8:1 बहुमत का फैसला था। पहला आदेश 25 जुलाई को … Read more

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी “न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना साहसिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसके परिणामों की छाया लंबी और ठंडी होती है”

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“Disregarding a Court’s order may seem bold, but the shadows of its consequences are long and cold.” सर्वोच्च न्यायालय ने अवमानना ​​के एक मामले पर विचार करते हुए टिप्पणी की, “न्यायालय के आदेश की अवहेलना करना साहसिक कार्य लग सकता है, लेकिन इसके परिणामों की छाया लंबी और ठंडी होती है।” कोर्ट ने कहा की … Read more

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने स्थायी न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए तीन महिलाओं सहित पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों के नामों की अनुशंसा की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति बी. आर. गवई की तीन सदस्यीय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अदालत के स्थायी न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए तीन महिलाओं सहित पांच अतिरिक्त न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव पारित किया। कॉलेजियम ने जस्टिस लक्ष्मना चंद्र विक्टोरिया गौरी, पिल्लईपक्कम बहुकुटुम्बी बालाजी, कंधासामी कुलंदावेलु रामकृष्णन, … Read more