उच्च न्यायालय ने दो जजों की नियुक्तियां अवैध बताकर की रद्द-

दोनों जज वर्ष 2013 बैच के एचपीजेएस अधिकारी थे – न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश संदीप शर्मा ने नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए सिविल जज विवेक कायथ और आकांक्षा डोगरा की नियुक्तियां रद्द करने का फैसला सुनाया। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय Himanchal Pradesh High Court ने दो सिविल जजों … Read more

शीर्ष अदालत ने कहा कि नौकर या केयरटेकर संपत्ति के नहीं हो सकते मालिक चाहे वो कितने भी समय से सेवा की हो-

उच्चतम न्यायलय ने एक अहम निर्णय में कहा कि नौकर या केयरटेकर किसी भी संपत्ति के मालिक नहीं हो सकते हैं चाहे उन्होंने कितने भी समय से सेवा की हो। मा. शीर्ष अदालत ने सत्र न्यायालय तथा कलकत्ता उच्च न्यायालय के फैसलों को निरस्त कर दिया, जिसमें संपत्ति पर नौकर के दावे को स्वीकार कर … Read more

न्यायालय के कोलेजियम ने केंद्र को नाम भेजे, 13 उच्च न्यायालयों को मिलेंगे नए मुख्य न्यायाधीश-

देश के 13 उच्च न्यायालयों (high court) को नए मुख्य न्यायाधीश मिलेंगे. कोलेजियम (collegium) ने केंद्र को पदोन्नति के लिए आठ नामों की सिफारिश भेजी है जबकि पांच मुख्य न्यायाधीशों को विभिन्न उच्च न्यायालयों में स्थानांतरित करने की सिफारिश भी की है. देश में मौजूद 25 उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों के कुल 1080 पद हैं … Read more

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल अहमदाबाद बेंच द्वारा प्री-पैक दिवालिया होने के केस में सेक्शन 54 C के तहत अपना पहला निर्णय सुनाया-

insolvency

प्री-पैकेज्ड इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस (“पीपीआईआरपी) के तहत दिवालिया होने का यह संभवत: पहला मामला है- जीसीसीएल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट्स नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की अहमदाबाद बेंच द्वारा स्वीकार किया जाने वाला पहला प्री-पैक केस बन गया है। इसके लेनदारों का 54.16 लाख रुपये बकाया है। इस प्रक्रिया को हाल ही में IBC में एक … Read more

राजस्थान में बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन पर वाद विवाद बढ़ने के कारण मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट-

राजस्थान सरकार ने विगत दिनों एक विवादित कानून पास किया था. ये कानून बाल विवाह के रजिस्ट्रेशन से जुड़ा था. पास विवादित कानून के तहत अब राजस्थान में बाल विवाह का भी रजिस्ट्रेशन कराया जा सकेगा. इस कानून का विधानसभा में तो विरोध हुआ ही था और अब कानूनी चुनौती भी मिलने वाली है. नेशनल … Read more

‘तारीख पे तारीख’ लिए जाने से नाराज़ शीर्ष अदालत ने 78 बार वाद की सुनवाई टाले जाने पर दिया ये आदेश-

शीर्ष अदालत ने देहरादून के एक निचली अदालत की ओर से सुनवाई को 78 दफे टाले जाने पर नाराजगी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ट्रायल कोर्ट इस मामले में छह महीने के भीतर ट्रायल पूरा करे। धोखाधड़ी व जालसाजी के मामले में 3 लोगों को 2014 में आरोपी बनाया गया था … Read more

वैधानिक किरायेदार को सिर्फ किराया अधिनियम के तहत लाभ, संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम के प्रावधान भवन और भूमि पर लागू नहीं होते – सर्वोच्च न्यायलय

किरायेदार ने इमारत के विध्वंस के बाद भूमि पर अधिकार का दावा करते हुए पहला मुकदमा दायर किया- किरायेदारी का अधिकार न केवल भवन में बल्कि भूमि में भी है- वैधानिक किरायेदार के अधिकारों और देनदारियों को केवल किराया अधिनियम के तहत पाया जाना चाहिए, न कि संपत्ति के हस्तांतरण अधिनियम के तहत- शीर्ष अदालत … Read more

Evidence Act की धारा 106 उन मामलों पर लागू होगी जहां अभियोजन पक्ष उन तथ्यों को स्थापित करने में सफल रहा है – उच्चतम न्यायालय

सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 106 के तहत अभियुक्त के भार को निभा पाने में विफलता परिस्थितिजन्य साक्ष्य द्वारा संचालित मामले में प्रासंगिक नहीं है, यदि अभियोजन पक्ष परिस्थितियों की एक कड़ी स्थापित करने में असमर्थ है। मा न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और मा न्यायमूर्ति अभय एस. ओका की पीठ … Read more

केंद्र और राज्य सरकारों को SC-ST कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने की नीतियों में उन सभी शर्तों को पूरा करना होगा – सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया

सर्वोच्च अदालत ने मंगलवार को कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (SC-ST) के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण RESERVATION IN PROMOTION देने की नीतियों POLICIES में उन सभी शर्तों को पूरा करना होगा, जो सर्वोच्च अदालत की अलग-अलग संविधान पीठ ने पिछले दो फैसलों में तय की हैं। गौरतलब … Read more

वकीलों द्वारा ‘फर्जी’ जनहित याचिकाएं दायर करने की हरकत को प्रोत्साहित नहीं कर सकती है – सर्वोच्च न्यायालय

पीठ ने याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता पर दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया- शीर्ष अदालत ने मंगलवार को वकीलों से जुड़ी एक याचिका पर अहम फैसला सुनाया। ज्ञात हो कि एक जनहित याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से मांग की गई थी कि वह कोरोना वायरस या अन्य किसी कारण से जान गंवाने वाले … Read more