फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर प्राप्त नौकरी ‘शुरू से ही शून्य’ माना जाएगा, हाईकोर्ट ने दिए अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश-

मद्रास हाई कोर्ट Madras High Court ने अनुसूचित जाति Schedule Cast का फर्जी प्रमाणपत्र Fake Cast Certificate प्रस्तुत करके नौकरी पाने के मामले में एक कर्मचारी को अनिवार्य सेवानिवृत्ति देने और उसके पेंशन संबंधी लाभ में 60 फीसदी कटौती करने का निर्देश दिया। आरोपी चेन्नई के पास कलपक्कम स्थित इंदिरा गांधी परमाणु ऊर्जा केंद्र (IGCAR) … Read more

मद्रास हाई कोर्ट ने Rape Victims के Two Finger Test पर तत्काल रोक का दिया आदेश, कहा ये निजिता और गरिमा के अधिकार का है उलंघन-

मंदिर के अधिशेष धन का उपयोग शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए नहीं किया जा सकता - मद्रास उच्च न्यायालय

Two Finger Test on Rape Victim – रेप पीड़ितों Rape Victim पर होने वाले टू-फिंगर टेस्ट पर मद्रास हाईकोर्ट Madras High Court ने तत्काल प्रभाव से रोक लगाने के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार को इस पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। निजिता और गरिमा के अधिकार का है उलंघन- जस्टिस आर. … Read more

हाई कोर्ट का वकील को आदेश, वर्चूअल सुनवाई के दौरान आपत्तिजनक स्थिति में दिखी महिला को दे ₹. 4 लाख हर्जाना-

Madras High Court मद्रास हाई कोर्ट की एक खंडपीठ ने Virtual Hearing वर्चूअल सुनवाई की कार्यवाही के दौरान एक महिला कर्मचारी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देखे गए एक वकील को महिला को मुआवजे के रूप में 4 लाख रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया। न्यायमूर्ति पीएन प्रकाश और न्यायमूर्ति ए.ए. नक्किरन की पीठ … Read more

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा: लोग वीआईपी संस्कृति से ‘हाताश’ हो गए हैं, खासतौर पर मंदिरों में, श्रद्धालुओं को होती है परेशानी, जिससे वो दुखी होकर कोसते हैं-

न्यायमूर्ति ने सुनवाई के दौरान कहा कि भगवान अकेले “VIP” हैं। परिवार के सदस्यों के लिए होनी चाहिए लेकिन उनके रिश्तेदारों के लिए नहीं। कुछ लोग विशेष दर्शन के हकदार हैं इसका कोई तर्क नहीं हो सकता। मंदिर परिसरों को बंद करने से श्रद्धालुओं को परेशानी होती है। वीआईपी धार्मिक पाप करता है, जिसे भगवान … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अहम निर्णय कहा कि प्रेगनेंसी के दौरान माता-पिता के साथ मायके में रहना तलाक का नहीं हो सकता कारण-

Madras High Court मामला तमिलनाडु का है, जिसमें याचिकाकर्ता ने 1999 में शादी कर ली। इसके कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी गर्भवती होने पर अपने माता-पिता के यहाँ मायके चली गई। प्रेगनेंसी के दौरान माता-पिता के साथ रहना तलाक का कारण नहीं हो सकता। पति ऐसे केस को ‘क्रूरता’ की श्रेणी में नहीं डाल … Read more

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट 6 अधिवक्ताओं को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी-

https://legaltoday.in/supreme-court-collegium-recommends-appointment-of-7-judges-in-3-high-courts/

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 16 फरवरी, 2022 को हुई बैठक में मद्रास हाईकोर्ट में निम्न अधिवक्ताओं को न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। पदोन्नति के लिए स्वीकृत एडवोकेट हैं- एडवोकेट निदुमोलु माला, एडवोकेट सुंदर मोहन, एडवोकेट कबाली कुमारेश बाबू, एडवोकेट एस. सौंथर, एडवोकेट अब्दुल गनी अब्दुल हमीद, एडवोकेट आर. जॉन … Read more

Arbitration Act: धारा 34 के आवेदन में संशोधन कब किया जा सकता है? जानिए उच्च न्यायालय का निर्णय-

Madras High Court मद्रास हाई कोर्ट ने दिए अपने निर्णय में कहा कि यदि संशोधनों द्वारा पेश किए गए नए आधार मध्यस्थता अधिनियम की धारा 34 के तहत मध्यस्थ पुरस्कार को रद्द करने के लिए दायर याचिका के चरित्र को नहीं बदलते हैं, तो उच्च न्यायालय अपनी विवेकाधीन शक्तियों का उपयोग करने की ऐसे आवेदन … Read more

सुप्रीम कोर्ट: उच्च न्यायालय के पास शक्तियां हैं, परंतु बरी करने के फैसले को दोषसिद्धि में नहीं बदल सकता-

Supreme Court of India सुप्रीम कोर्ट मद्रास उच्च न्यायालय Madras High Court के एक आदेश के खिलाफ दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसे दंड प्रक्रिया संहिता (Criminal Procedure Code) की धारा 401 के तहत अपने पुनरीक्षण अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करते हुए प्रथम अपीलीय न्यायालय द्वारा पारित बरी करने के आदेश को … Read more

वाराणसी से वाडिप्पट्टि तक ‘गायें पवित्र’ हैं, कोई उनका मजाक उड़ाने की हिम्मत नहीं कर सकता – हाईकोर्ट

उच्च न्यायलय ने कहा कि देशभर में राष्ट्रीय सुरक्षा ‘परम पवित्र गाय’ है. अदालत ने एक व्यक्ति के खिलाफ दर्ज पुलिस की प्राथमिकी(FIR) रद्द करते हुए यह टिप्पणी की. अदालत ने कहा, ‘प्राथमिकी(FIR) दर्ज करना ही बेतुका और कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है. इसे रद्द किया जाता है.’ अदालत ने पश्चिम बंगाल में टैगोर, तमिल … Read more

उच्च न्यायालय ने कहा कि क्या अदालत “भगवान” को सत्यापन के लिए पेश करने का आदेश दे सकती हैजानिए पूरा मामला-

Lower Court of Temilnadu तमिलनाडु में एक निचली अदालत के न्यायिक अधिकारी ने चोरी के बाद मिली मूर्ति की स्थापना के बाद ही भगवान की मूर्ति को निरीक्षण के लिए मूर्ति पेश करने का आदेश जारी किया था। निचली अदालत के इस आदेश के खिलाफ जब मामला अपीलीय न्यायालय पहुंचा तो उच्च न्यायालय ने इस … Read more