शीर्ष अदालत ने धारा 113-ए भारतीय साक्ष्य अधिनियम के तहत विवाहित महिला को आत्महत्या के लिए उकसाने के अनुमान को आकर्षित करने की शर्तें को स्पष्ट किया-

मृतक के रिश्तेदार होने के आधार पर करीबी रिश्तेदारों / हितबद्ध गवाहों के साक्ष्य मूल्य को अस्वीकार नहीं किया जा सकता- शीर्ष अदालत ने कहा है कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 113-ए की प्रयोज्यता को आकर्षित करने के लिए, तीन शर्तों को पूरा करना आवश्यक है- महिला ने आत्महत्या की है ऐसी आत्महत्या उसकी … Read more

शीर्ष न्यायालय में नौ नवनियुक्त न्यायाधीशों का एक साथ शपथ ग्रहण, एक नया कृतिमान कायम हुआ-

उच्चतम न्यायालय के इतिहास में पहली बार एक साथ नौ न्यायाधीशों ने शपथ ली- नयी दिल्ली : भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमन ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय की तीन महिला न्यायाधीशों सहित नौ नए न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई, जिसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में न्यायाधीशों की कुल संख्या 33 हो गई। … Read more

शीर्ष अदालत ने – वकीलों की हड़ताल और बहिष्कार को रोकने के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने नियम बनाने का प्रस्ताव रखा

बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने शीर्ष अदालत (SUPREME COURT) से उन वकीलों को दंडित करने के लिए नियम बनाने को कहा है जो कथित रूप से हड़ताल (STRIKE) में शामिल थे। उन वकीलों (ADVOCATES) ने कार्रवाई करने का भी प्रस्ताव रखा, जिसने अन्य वकीलों को अदालती कार्यवाही में भाग लेने से इनकार करते हुए … Read more

अवध बार एसोसिएशन चुनाव के दौरान वकीलों के गैर जिम्मेदाराना व्यव्हार पर इलाहाबाद उच्च न्यायलय का स्वत: संज्ञान-

Lucknow Bench

इलाहाबाद उच्च न्यायलय के लखनऊ बेंच द्वारा दिनांक 14 अगस्त को हुए अवध बार एसोसिएशन के चुनाव के दौरान वकीलों के अमर्यादित व्यवहार पर सोमवार को स्वत: संज्ञान लिया। न्यायमूर्ति रितु राज अवस्थी और न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की खंडपीठ ने चुनाव के दौरान उच्च न्यायलय परिसर के अंदर हुई सुरक्षा और गैरकानूनी गतिविधियों के … Read more

कानून निर्माताओं के विरुद्ध दर्ज मामले उच्च न्यायालयों की अनुमति के बिना वापस नहीं लिए जा सकते – शीर्ष न्यायालय

शीर्ष न्यायालय ने मंगलवार को आदेश दिया कि दंड प्रक्रिया संहिता (Cr.P.C.) के तहत आरोपी कानून निर्माताओं के विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामलों को लोक अभियोजक, उच्च न्यायालयों की अनुमति के बिना वापस नहीं ले सकते। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति विनीत सरन और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने यह भी कहा कि वह नेताओं … Read more

राज्य विधि अधिकारियों को न्यायालय की सहायता के लिए मामले तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिले-

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दिया गाइड लाइन बनाने का निर्देश- प्रयागराज : इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जिस तरह से राज्य के विधि अधिकारियों द्वारा उसके समक्ष जमानत आवेदनों का विरोध किया, उस पर आश्चर्य व्यक्त किया। इसके साथ ही कुछ दिशानिर्देशों के गठन का आह्वान किया, ताकि उन्हें उचित सहायता देने के लिए मामले को … Read more

न्यायालय ने न्यायाधीशों को धमकी के मामलों को ‘‘गंभीर’’ बताया-

नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने न्यायाधीशों को धमकाए जाने की घटनाओं को शुक्रवार को ‘गंभीर’ करार दिया और राज्यों से न्यायिक अधिकारियों को दी जा रही सुरक्षा पर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने सीबीआई को भी नोटिस जारी किया जिसने धनबाद में … Read more

तेलंगाना हाईकोर्ट ने अवमानना के मामलों से लड़ने के लिए 60 करोड़ रुपये से अधिक राशि की स्वीकृति पर हैरान-

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने बुधवार को राज्य सरकार द्वारा मुख्य सचिव सोमेश कुमार सहित राज्य के नौकरशाहों के खिलाफ लंबित अदालती अवमानना के मामलों से लड़ने के लिए 60 करोड़ रुपये की मंजूरी पर आश्चर्य व्यक्त किया। अंतरिम आदेश पारित करते हुए, मुख्य न्यायाधीश हिमा कोहली न्यायमूर्ति विजयसेन रेड्डी की खंडपीठ ने राज्य सरकार को … Read more

प्राथमिकी रद्द करना- मेरिट की विस्तृत जांच सीआरपीसी की धारा 482 के तहत जरूरी नहीं, शीर्ष अदालत ने दोहराया

शीर्ष अदालत ने एक बार फिर कहा है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (Cr.P.C.) की धारा 482 के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए आरोपों के गुण-दोषों (Merit) की विस्तृत जांच जरूरी नहीं है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत … Read more

न्यायालय का आईटी अधिनियम की रद्द धारा 66ए के तहत मुकदमे दर्ज किए जाने पर राज्यों को नोटिस

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक गैर सरकारी संगठन के उस आवेदन पर राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और सभी उच्च न्यायालयों को नोटिस जारी किये जिसमें कहा गया है कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की रद्द हो चुकी धारा 66ए के तहत अब भी लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उच्चतम न्यायालय ने … Read more