हाईकोर्ट ने कहा कि 2 शादीशुदा लोगों का शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं है

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High Court Judgement In Rape Case: शादीशुदा होने के बावजूद अफेयर हो और शारीरिक संबंध बन जाएं तो वह दुष्कर्म नहीं है। रेप केस से जुड़े एक मामले में फैसला सुनाते हुए मुंबई हाईकोर्ट ने विशेष टिप्पणी की। साथ ही महिला द्वारा प्रेमी के खिलाफ दर्ज कराई गई FIR भी रद्द कर दी। पीड़िता और … Read more

संपत्ति विवाद मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक व्यक्ति को जमानत दी

गंभीर धाराएं दर्ज होने मात्र से कार्यवाही निरस्त करने से अदालत वंचित नहीं होती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने जमानत अर्जी मंजूर करते हुए कहा कि आजकल एक प्रवृत्ति बहुत तेजी से विकसित हो रही है कि लोग अचल संपत्तियों में रुचि लेते हैं और स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के भुगतान से बचते हैं और इसके संचयी प्रभाव से सरकारी खजाने को महत्वपूर्ण नुकसान होता है। … Read more

SC ने कथित तौर पर बिना योग्यता के गैंगरीन का इलाज करने के परिणामस्वरूप अंग अंग काटने के लिए एक्यूप्रेशर चिकित्सक को जमानत देने से इनकार कर दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) को खारिज करते हुए एक मधुमेह रोगी के कथित लापरवाही से इलाज के लिए एक एक्यूप्रेशर चिकित्सक को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया, जो गैंग्रीन से पीड़ित था, जिसके परिणामस्वरूप घुटने के … Read more

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने धोखाधड़ी और जाली दस्तावेजों के आरोपी व्यक्ति की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है

इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। न्यायमूर्ति साधना रानी ठाकुर की एकल पीठ ने शिव रतन अग्रवाल द्वारा दायर आपराधिक विविध जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अभियुक्त-आवेदक पर धारा 419, 420, 467, 468, 471, 504, 506 आईपीसी, थाना-कर्नलगंज, जिला-प्रयागराज … Read more

इलाहाबाद HC ने गवर्नमेंट कौंसिल से पूछा : क्या सरकार की अनुमति के बिना किसी सरकारी कर्मचारियों पर FIR दर्ज की जा सकती है

इलाहाबाद हाईकोर्ट का आदेश: संभल शाही जामा मस्जिद की बाहरी दीवारों पर रंगाई-पुताई की अनुमति

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गवर्नमेंट कौंसिल से पूछा है कि क्या सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सरकार की अनुमति बगैर प्राथमिकी दर्ज की जा सकती है। कोर्ट अब इस मामले में 11 जुलाई को सुनवाई करेगी। न्यायमूर्ति विपिन चंद्र दीक्षित की पीठ ने यह जानकारी प्रदीप कुमार द्विवेदी की पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करते याची अधिवक्ता से … Read more

केवल अनुबंध के उल्लंघन के कारण, धोखाधड़ी के लिएआपराधिक मामला शुरू नहीं किया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सर्वोच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए कहा कि महज अनुबंध का उल्लंघन करने से धोखाधड़ी के लिए आपराधिक मुकदमा नहीं चलाया जा सकता और लेन-देन की शुरुआत में बेईमानी के इरादे को सही तरीके से दिखाया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति एएस ओका और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने कहा कि आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आपराधिक धमकी मामले में कांग्रेस नेता को अग्रिम जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट

लखनऊ खंडपीठ में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक आपराधिक धमकी मामले में कांग्रेस नेता अर्जुन प्रताप उर्फ ​​​​पप्पू यादव को अग्रिम जमानत दी थी। कांग्रेस नेता पर आरोप है कि उन्होंने भू-माफिया होने के नाते धोखे से एक महिला की संपत्ति पर कब्जा करने की कोशिश की और उसे अपने ही घर … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने धोखाधड़ी के मामले में बसपा विधायक उमा शंकर सिंह के खिलाफ मुकदमा वापस लेने की दी अनुमति

समाजवादी पार्टी के सांसद जिया-उर-रहमान बर्क के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका खारिज - इलाहाबाद हाई कोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के विधायक उमा शंकर सिंह और अन्य के खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में अभियोजन पक्ष से वापसी के लिए लोक अभियोजक द्वारा दायर एक आवेदन की अनुमति दी। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की पीठ ने कहा कि पक्षों के बीच … Read more

CrPC Sec 482 के तहत HC में निहित शक्तियों का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक, सतर्कता और संयम के साथ किया जाना चाहिए: SC

Supreme Court सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता CrPC की धारा 482 के तहत उच्च न्यायालयों में निहित शक्तियों का इस्तेमाल सावधानी, सतर्कता और संयम के साथ करना चाहिए। न्यायमूर्ति अजय रस्तोगी और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने एक एफआईआर FIR को रद्द करते हुए यह टिप्पणी … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मजिस्ट्रेट को आरोपी को समन भेजने से पहले ये जरूर परीक्षण करना चाहिए कि कहीं शिकायत सिविल गलती का गठन तो नही करती

सर्वोच्च न्यायलय ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 204 के तहत समन आदेश को हल्के में या स्वाभाविक रूप से पारित नहीं किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी के बेंच ने कहा, “जब कथित कानून का उल्लंघन स्पष्ट रूप से बहस … Read more