कोर्ट को मध्यस्थ न्यायाधिकरण गठित होने के बाद अंतरिम आदेश पारित करने से तब तक बचना चाहिए जब तक कि यह ‘स्पष्ट रूप से’ अत्यावश्यक न हो जाय – दिल्ली HC
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा कि मध्यस्थ न्यायाधिकरण के गठन के बाद न्यायालय को अंतरिम आदेश पारित करने से बचना चाहिए, जब तक कि ‘स्पष्ट रूप से’ जरूरी न हो। न्यायालय मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 9(1) के तहत एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें मध्यस्थता-पूर्व अंतरिम राहत की मांग की … Read more