हाईकोर्ट ने एक वाक्य के आदेश के साथ दूसरी अपील कर दिया खारिज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा नहीं कर सकते ऐसा-

हाईकोर्ट ने दिये आदेश में कहा था, “यहां दी गई प्रस्तुतियों और कानून के प्रश्न को देखते हुए यह कोर्ट दूसरी अपील को स्वीकार करने के लिए कानून का कोई प्रश्न नहीं पाता है, जिसके कारण दूसरी अपील खारिज की जाती है।” सर्वोच्च न्यायालय Supreme Court ने यह कहते हुए कि हाईकोर्ट सिविल प्रक्रिया संहिता … Read more

उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश पर Uniform Civil Code लागू करने को कहा-

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह समान नागरिक संहिता Uniform Civil Code लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशानिर्देशों पर विचार करे। एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने यह निर्देश दिए हैं। जानकारी हो कि संविधान की धारा 44 के तहत कहा गया है कि भारत में … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शिकायकर्ता का SC-ST होने का मतलब ये नहीं कि उच्च जाति के व्यक्ति को अपराधी मान लिया जाए-

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जाति के कारण SC/ST (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) समुदाय के व्यक्ति की जान-बूझकर प्रताड़ना नहीं हो तो SC/ST ऐक्ट लागू नहीं होगा। जस्टिस हेमंत गुप्ता ने कहा अगर उच्च जाति के व्यक्ति ने SC/ST समुदाय के व्यक्ति को जान-बूझकर प्रताड़ित करने के लिए गाली दी हो तो उस पर … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यूपी बार काउंसिल अपने वकील को निर्देश न देकर “उदासीनता और असंवेदनशीलता” दिखा रही है, यह दुर्भाग्य है-

यह राज्य की बार काउंसिल और बार काउंसिल ऑफ इंडिया का कर्तव्य है कि वह गरिमा बनाए रखे और कानूनी पेशे की महिमा को बहाल करे। एसआईटी ने कहा 300,76,40,000/- की राशि का दावा करने वाली विभिन्न दावा याचिकाओं को खारिज कर दिया गया है यह अत्यन ही गंभीर है- सर्वोच्च न्यायलय ने दिनांक 05.10.2021 … Read more

वकीलों द्वारा ‘फर्जी’ जनहित याचिकाएं दायर करने की हरकत को प्रोत्साहित नहीं कर सकती है – सर्वोच्च न्यायालय

पीठ ने याचिका खारिज कर दी और याचिकाकर्ता पर दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया- शीर्ष अदालत ने मंगलवार को वकीलों से जुड़ी एक याचिका पर अहम फैसला सुनाया। ज्ञात हो कि एक जनहित याचिका में सर्वोच्च न्यायालय से मांग की गई थी कि वह कोरोना वायरस या अन्य किसी कारण से जान गंवाने वाले … Read more

ट्रायल कोर्ट को कारावास की कई सजाएं देते समय स्पष्ट शब्दों में यह बताना होगा कि सजाएं साथ-साथ चलेंगी या एक के बाद एक – सुप्रीम कोर्ट

विधिक अपडेट– एक महत्वपूर्ण अवलोकन में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि ट्रायल कोर्ट को कारावास के कई दंड देते समय स्पष्ट शब्दों में यह निर्दिष्ट करना होगा कि दंड समवर्ती होंगे या क्रमानुगत। जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की पीठ ने कहा कि उक्‍त दायित्व को पूरा करने में कोई भी चूक … Read more