वकील से कथित मारपीट के विरोध में रोहिणी कोर्ट बार का न्यायिक कार्य से abstention खत्म, पुलिस के आश्वासन के बाद काम पर लौटे वकील

Like to Share

रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन ने पुलिस थाने में अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के विरोध में किया गया न्यायिक कार्य से abstention समाप्त कर दिया। जिला जज और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक में निष्पक्ष जांच और वकीलों की सुरक्षा समेत कई मुद्दों पर सहमति बनी।

पुलिस के आश्वासन के बाद न्यायिक कार्य पर लौटने का फैसला

रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन (RCBA) ने अधिवक्ता के साथ पुलिस थाने में कथित मारपीट के विरोध में न्यायिक कार्य से किया गया abstention समाप्त कर दिया है। बार एसोसिएशन ने पुलिस अधिकारियों से मिले आश्वासन के बाद मंगलवार 06 oct 2026 से न्यायिक कार्य फिर से शुरू करने का निर्णय लिया।

RCBA ने सोमवार को जारी एक सर्कुलर में बताया कि 29 सितंबर 2026 को महेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन में अधिवक्ता कमलदीप और उनके सहयोगी के साथ हुई कथित घटना को लेकर कार्यकारिणी समिति ने मामले को उच्चतम उपयुक्त स्तर पर उठाया।

जिला जज और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक

बार की चिंताओं पर चर्चा के लिए जिला जज प्रेम कुमार भारद्वाज, अन्य न्यायिक अधिकारियों, DCP North-West और DCP Rohini के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की गई।

बैठक में बार की ओर से घटना की निष्पक्ष जांच और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।

RCBA के अनुसार, बैठक में यह मांग रखी गई कि मामले की जांच स्वतंत्र जांच इकाई के माध्यम से निष्पक्ष और बिना किसी पूर्वाग्रह के की जाए, ताकि घटना की वस्तुनिष्ठ तरीके से जांच हो सके।

Must Read -  'Rent Agreement Act 2025' पूरी तरह फर्जी: राज्यों का ही अधिकार, केंद्र ने कोई नया किराया कानून नहीं बनाया

वकीलों की गरिमा और सुरक्षा का मुद्दा उठा

बैठक के दौरान अधिवक्ताओं की गरिमा, सुरक्षा और पेशेवर स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।

बार ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा उत्पन्न न हों और पुलिस तथा अधिवक्ताओं के बीच पेशेवर एवं सम्मानजनक व्यवहार कायम रहे।

RCBA के सचिव प्रदीप खत्री की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया कि न्याय प्रशासन के व्यापक हित में पुलिस अधिकारियों और बार के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है।

बार और पुलिस के बीच प्रभावी समन्वय की मांग

बार की कार्यकारिणी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और बार के बीच उचित एवं प्रभावी समन्वय तंत्र स्थापित करने की आवश्यकता भी उठाई।

इसका उद्देश्य भविष्य में बार के सदस्यों से संबंधित किसी भी ऐसी स्थिति का तत्काल और उचित तरीके से समाधान करना है।

RCBA ने यह भी कहा कि संबंधित पुलिस अधिकारियों द्वारा बार के सदस्यों के साथ पेशेवर आचरण और पारस्परिक सम्मान बनाए रखना जरूरी है।

अधिकारियों ने मुद्दों पर सकारात्मक रुख अपनाया

बार के सर्कुलर के मुताबिक, संबंधित अधिकारियों ने उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक रूप से विचार किया और आवश्यक निर्देश जारी किए गए।

इसके बाद RCBA ने न्यायिक कार्य से abstention समाप्त करने और मंगलवार से नियमित न्यायिक कार्य में वापस लौटने का निर्णय लिया।

मामले की मुख्य बातें

  • बार एसोसिएशन: रोहिणी कोर्ट बार एसोसिएशन
  • घटना: अधिवक्ता कमलदीप और उनके सहयोगी के साथ कथित घटना
  • स्थान: महेंद्र पार्क पुलिस स्टेशन
  • तारीख: 29 सितंबर 2026
  • विरोध: न्यायिक कार्य से abstention
  • बैठक: जिला जज और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ
  • मुख्य मांग: निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच
  • अन्य मुद्दे: वकीलों की सुरक्षा, गरिमा और पेशेवर स्वतंत्रता
  • नया कदम: मंगलवार 06 oct 2026 से न्यायिक कार्य फिर शुरू
Must Read -  BS-VI वाहन चलें या नहीं? सुप्रीम कोर्ट तय करेगा दिल्ली-NCR में उम्र आधारित बैन की वैधता

न्याय प्रशासन में बार-पुलिस समन्वय पर जोर

RCBA के इस कदम से यह स्पष्ट है कि बार ने कथित घटना की निष्पक्ष जांच और भविष्य में अधिवक्ताओं की सुरक्षा से जुड़े आश्वासनों के बाद अपना विरोध समाप्त किया है। बार ने साथ ही यह रेखांकित किया कि न्याय प्रशासन के सुचारु संचालन के लिए अधिवक्ताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच संस्थागत समन्वय और पारस्परिक सम्मान आवश्यक है।

#रोहिणीकोर्ट #रोहिणीबारएसोसिएशन #दिल्लीबार #अधिवक्तासुरक्षा #पुलिसऔरवकील #न्यायिककार्य #वकीलोंकीगरिमा #निष्पक्षजांच #RohiniCourt #RohiniCourtBarAssociation #DelhiBar #AdvocateSafety #JudicialWork #PoliceAndLawyers #IndependentInvestigation #LegalProfession

Leave a Comment