Digital Rape को ऑनलाइन सेक्शुअल हैरेसमेंट समझने की गलती मत करिए, जाने विस्तार से

Digitalrape

डिजिटल रेप Digital Rape को ऑनलाइन सेक्शुअल हैरेसमेंट समझने की गलती मत करिएगा. ये ऐसा घृणित अपराध है जिसकी बुरी याद को पीड़िताओं के दिलोदिमाग से निकालना मुश्किल होता है. वहीं डिजिटल रेप के दोषी को उम्र कैद तक की सजा हो सकती है. डिजिटल रेप…..ये शब्द सुनते सबसे पहले इसे हम साइबर क्राइम या … Read more

जीएसटी विभाग द्वारा इन दिनों नोटिस और सम्मन ज्यादा क्यों भेजा जा रहा है?

Gst Notice & Summon ON SHREE RENUKA SUGAR OF RS. 20 LAKHS

भारत सरकार ने कथित कर चोरी के लिए कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को ₹1 लाख करोड़ का कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस केंद्रीय और राज्य जीएसटी अधिकारियों द्वारा जारी किए गए थे, और उनमें क्षेत्राधिकार संबंधी विवाद, जीएसटी कानून की व्याख्या और कर दाखिल करने और भुगतान आवश्यकताओं का अनुपालन न करने सहित … Read more

क्या उच्च न्यायपालिका में आरक्षण की मांग जायज है?

Is Demand For Reservation In Higher Judiciary Justified

“मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार केवल उन्हीं लोगों को नियुक्त कर सकती है जिनकी सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने की है।” “मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए प्रस्ताव भेजते समय अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और महिला … Read more

Police System के खामियों को दूर करने के लिए उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गए निर्देशों के 17 वर्ष बाद भी इन निर्देशों का पुर्णतः अनुपालन नहीं

प्रकाश सिंह जजमेंट में सुप्रीम कोर्ट ने दिया निर्देश- देश में पुलिस-सुधार के प्रयासों की भी एक लंबी श्रृंखला है, जिसमें विधि आयोग, मलिमथ समिति, सोली सोराबजी समिति तथा सबसे महत्त्वपूर्ण प्रकाश सिंह बनाम भारत संघ 2006 मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिये गए निर्देशों में पुलिस व्यवस्था में सुधर हेतु कई सिफारिशें शामिल हैं। … Read more

वेश्यावृत्ति वास्तव में अवैध है या नहीं, जानिये सुप्रीम कोर्ट का आदेश और भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत विस्तार से

हमारे देश में देह व्यापार Prostitution और इसमें शामिल लोगों को समाज के तानों को झेलना पड़ता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देह व्यापार से संबंधित कानून में सुप्रीम कोर्ट Supreme Court ने बहुत से बदलाव किए हैं। इसके बावजूद लोगों के बीच जानकारी के अभाव में असमंजस है कि यदि देश में … Read more

सार्वजानिक स्थान पर अगर कोई इश्तिहार लगाकर बदनाम करे तो कितने साल की सजा होगी, जाने विस्तार से

जब भी कभी दो लोगों के बीच आपसी रंजिश इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि बदले की भावना से एक दूसरे को अपमानित करने लग जाते हैं और ऐसा करने के लिए लोग कुछ भी करने को उतारू हो जाते हैं। कई बार तो कुछ ऐसा काम कर देते हैं कि जो अपराध की कैटेगरी … Read more

सावधान कहीं आप ‘सेक्सटॉर्शन’ के शिकार तो नहीं, ये क्या है? और कैसे होता है? किन धाराओं के तहत और कैसे होगी दर्ज शिकायत, जाने विस्तार से

जिस प्रकार से देश और दुनिया में इन दिनों सोशल मीडिया प्लेटफार्म ने काफी लोकप्रियता हासिल की है. समाज के लिए इसके फायदे तो बेशुमार हैं, पर इसके नुकसान भी हैं. जहां व्हाट्सएप, फेसबुक, ऑनलाइन चैटिंग साइट्स, फेस बुक मैसेंजर, अन्य सोशल मीडिया साइट्स और इंस्टाग्राम, हमें लोगों से अधिक जुड़ाव महसूस कराते हैं, वहीं … Read more

Parole vs Bail: पैरोल और बेल दोनों शब्दों में क्या है अंतर, आखिर इसके क्या है कानूनी दांव पेंच

HIGHLIGHTS Parole vs Bail–  पैरोल और बेल आपराधिक न्याय प्रणाली का एक अहम हिस्सा है। आपने अकसर इन दोनों शब्दों के बारे में काफी सुना होगा। जब कोई व्यक्ति किसी मामले में गिरफ्तार हो जाता है तो उसे बेल और पैरोल मिलता है। ऐसे कई कानून की प्रणाली है, उनके बारे में जानना बेहद जरूरी … Read more

आखिर ‘1976 आपातकाल’ में हुए 42 वें संविधान संशोधन को ‘मिनी कांस्टिट्यूशन’ क्यों कहा जाता है-

संविधान की प्रस्तावना को उसकी आत्मा कहा जाता है. इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए 1976 में 42वां संविधान संशोधन किया गया. देश में उस समय आपातकाल लगा हुआ था . इसी दौरान संविधान की प्रस्तावना में 3 नए शब्द समाजवादी ,धर्मनिरपेक्ष और अखंडता को जोड़ा गया. संविधान की प्रस्तावना को उसकी आत्मा कहा जाता … Read more

क्या भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 के तहत ‘मोबाइल फोन स्क्रीनशॉट’ साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य है?

कानून की दो श्रेणियां हैं- मूल और प्रक्रियात्मक- इन श्रेणियों के आधार पर अलग-अलग कोड, अधिनियम और क़ानून बनाए और विभाजित किए जाते हैं, लेकिन साक्ष्य का कानून किसी भी श्रेणी में नहीं आता है क्योंकि यह अधिकारों और प्रक्रियाओं दोनों से संबंधित है। “कानून” शब्द का प्रयोग विभिन्न अर्थों में किया जाता है। अपने … Read more