निर्णय सरल भाषा में लिखा जाना चाहिए तथा उसमें बहुत अधिक शब्द नहीं होने चाहिए; न्यायाधीश को मामले पर निर्णय करना है, उपदेश नहीं देना है: सुप्रीम कोर्ट

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कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए एक निर्णय के विरुद्ध स्वप्रेरणा से लिए गए मामले में अपने निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि निर्णय सरल भाषा में लिखा जाना चाहिए तथा उसमें बहुत अधिक शब्द नहीं होने चाहिए। न्यायालय ने यह भी कहा कि न्यायालय के निर्णय में विभिन्न विषयों … Read more

समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता देने वाली याचिकाओं पर तत्परता दिखाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 10 दिनों तक इस मामले पर सुनवाई करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को 10 दिनों तक इस मामले पर सुनवाई करने के बाद समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने की मांग वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश की संविधान पीठ डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट, न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा … Read more

सुप्रीम कोर्ट के 538 फैसले हिंदी समेत 12 भारतीय भाषाओं में वेबसाइट पर हुए अपलोड, CJI ने दी जानकारी, PM ने की सराहना-

सुप्रीम कोर्ट के अब तक अनुदित 538 में से छह फैसले असमी में, तीन बांगला में, दो गैरो, 290 हिंदी, 24 कन्नड़, 47 मलयालम, 26 मराठी, तीन नेपाली, 26 उड़िया, 10 पंजाबी, 76 तमिल, 18 तेलगू, पांच उर्दू में अनुदित हैं. सुप्रीम कोर्ट Supreme Court के हजारों फैसलों में अब तक 538 फैसलों का अनुवाद … Read more

भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने आज शपथ ली, जाने उनके द्वारा दिये महत्वपूर्ण निर्णय को-

न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने आज 27 अगस्त 2022 को भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में न्यायमूर्ति यूयू ललित को भारत के मुख्य न्यायाधीश के पद की शपथ दिलाई। न्यायमूर्ति एनवी रमना के सेवानिवृत्त होने के एक दिन बाद न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने … Read more

सुप्रीम कोर्ट में नहीं बची उम्मीद, चुनिंदा जजों को ही दिए जाते हैं संवेदनशील मामले – कपिल सिब्बल

सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल के टिप्पणी, ‘सुप्रीम कोर्ट से कोई उम्मीद नजर नहीं आती’ के बाद अखिल भारतीय बार एसोसिएशन द्वारा जारी बयान सामने आया है। जिसमे बार ऐसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आदिश सी अग्रवाल ने कहा है कि उनका बयान स्पष्ट रूप से न्यायलय की अवमानना है। उन्होंने कहा, सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्ब्ल सुप्रीम … Read more

सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के फैसले पर नाराजगी व्यक्त करते हुए किया रद्द और उच्च न्यायालय को दिया निर्देश कि इस मामले पर नए सिरे से करे विचार-

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि उच्च न्यायालय का फैसला पूरी तरह से समझ से बाहर है और अदालत फैसले को रद्द करने का कारण नहीं समझ सकती है। उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने हाई कोर्ट High Court के फैसले को देखते हुए कहा कि ये आदेश पूरी तरह से समझ से बाहर है और … Read more

उच्च न्यायालयों द्वारा शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के विपरीत – SC

उच्चतम न्यायलय Supreme Court ने कहा है कि पूर्व निर्णीत फैसले पर विचारोपरांत उसके पृथक फैसले हाईकोर्ट High Court पर बाध्यकारी होते हैं। न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना के बेंच ने कहा कि देश में उच्च न्यायालयों द्वारा इस शीर्ष न्यायलय के बाध्यकारी दृष्टांतों का पालन नहीं करना ‘संविधान के अनुच्छेद 141’ के … Read more

सीनियर न्यायाधीश ने पत्नी की हत्या के जुर्म में आरोपी पति को माना हत्यारा और सुनाई सिर्फ 5 वर्ष की सजा, सुप्रीम कोर्ट ने जज को किया बरखाश्त,

सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ न्यायाधीश से पूछा, आप धारा 302 और 498A (दहेज उत्पीड़न) ऐसे शब्द हैं जिसे आप जानते हैं फिर भी आप दोषसिद्धि को 304A में बदल देते हैं- मध्य प्रदेश के एक वरिष्ठ न्यायाधीश Senior Judge को अपनी पत्नी को मिट्टी के तेल से आग लगाने और दहेज के लिए आग लगाने … Read more

विशेष अदालत कार्यवाही के किसी भी चरण में Cr.P.C. Sec 306 के तहत माफी दे सकती है: केरल हाईकोर्ट

कन्नूर के एडीएम की कथित अप्राकृतिक मौत के मामले में जांच राज्य से CBI को स्थानांतरित करने से इनकार - केरल उच्च न्यायालय

केरल उच्च न्यायालय Kerala High Court ने हाल ही में कहा कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) मामलों को आजमाने के लिए एक विशेष अदालत Special Court को एक मामले में कार्यवाही के किसी भी चरण में माफी देने के लिए सशक्त है। न्यायमूर्ति के विनोद चंद्रन और न्यायमूर्ति सी जयचंद्रन की एक खंडपीठ … Read more

हाई कोर्ट ने मनुस्मृति का दृष्टांश देते हुए कहा कि प्रथम देवता अगर हैं तो माता पिता-

कर्नाटक हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार करते हुए मंगलवार को ‘मनुस्मृति’ का हवाला दिया। पीठ ने मनुस्मृति का दृष्टांश देते हुए कहा कि माता-पिता से पहले कोई देवता नहीं हैं और कोई उन्हें वापस नहीं कर सकता। उच्च न्यायालय पीठ ने एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर विचार करते हुए यह टिप्पणी की। … Read more