क्या बॉडी का पिछला हिस्सा भी प्राइवेट पार्ट है? पाॅक्सो अधिनियम के तहत महिला के शालीनता भंग करने के लिए ठहराया दोषी, पांच साल के कठोर कारावास की दी सजा

क्या बॉडी का पिछला हिस्सा भी प्राइवेट पार्ट है? इस केस का सबसे बड़ा बहस का मुद्दा यह था कि क्या किसी के हिप्स प्राइवेट पार्ट है या नहीं। संक्षिप्त पृष्ठभूमि- मामला यह अभियोजन पक्ष का मामला था कि जब पीड़िता और उसकी दोस्त मंदिर की ओर जा रहे थे, तो पास में बैठे चार … Read more

कोझिकोड सत्र न्यायाधीश ने कहा कि शिकायतकर्ता ने खुद ऐसे कपड़े पहने हैं जो यौन रूप से अश्लील हैं, इसलिए IPC धारा 354A प्रतिवादी के खिलाफ प्रथम दृष्टया स्वीकार्य नहीं

केरल की अदालत ने फैसला सुनाया कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354, जो किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने को अपराध मानती है, उस शिकायतकर्ता पर लागू नहीं होती जिसने “यौन रूप से अश्लील कपड़े” पहने हुए थे। मिडिया सूत्र के अनुसार, कोझिकोड सत्र न्यायालय ने लेखक सिविक चंद्रन के जमानत आदेश में … Read more

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने POCSO आरोपी को जमानत दी

POCSO Act)

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने जमानत अर्जी मंजूर करते हुए कहा कि अदालतों में बड़ी संख्या में ऐसे मामले आ रहे हैं जिनमें लड़कियां और महिलाएं आरोपी के साथ लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाने के बाद झूठे आरोपों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराकर अनुचित लाभ उठाती हैं। समय आ गया है कि अदालतें ऐसी … Read more

अगर पीड़िता उकसाने वाली ड्रेस पहनती है तो प्रथम दृष्टया आरोपी पर IPC Sec 354 के तहत यौन उत्पीड़न का मामला नहीं बनता-

कोर्ट ने आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि अगर पीड़िता उकसाने वाली ड्रेस पहनती है तो फिर प्रथम दृष्टया आरोपी पर IPC Sec 354 के तहत यौन उत्पीड़न का मामला नहीं बनता. कोर्ट ने ऐक्टिविस्ट और लेखक सिविक चंद्रन को अग्रिम जमानत देते हुए टिप्पणी की. सेशन न्यायलय कोझीकोड ने सामाजिक कार्यकर्ता और … Read more

महिला का विवाह प्रलोभन उपरांत यौन संबंध स्थापित करना और संबंध तोड़ देना, क्या यह बलात्कार नहीं होगा? ‘जेंडर न्यूट्रल’ पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका –

यौन उत्पीड़न (354A-354D), रेप (धारा 376), आपराधिक धमकी (धारा 506), महिलाओं के मर्यादा का अपमान (धारा 509), धारा 420 और महिलाओं के प्रति क्रूरता (498A)– महिलाओं Women के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित भारतीय दंड संहिता INDIAN PENAL CODE के किये गए प्रावधानों पर वर्तमान समयास्थिति में पुनर्विचार और संशोधन के निर्देश की मांग करते … Read more

हाई कोर्ट ने कहा IPC की Sec 498A, 354 के तहत अपराधों के दोषसिद्धि की संभावना धूमिल है, समझौता का हवाला देते हुए FIR रद्द की-

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायलय Himanchal Pradesh High Court ने पति के खिलाफ इंडियन पीनल कोड Indian Penal Code की धारा 498A, 354 के तहत दर्ज प्राथमिकी FIR को पक्षों के बीच ‘निपटान’ के आधार पर खारिज करते हुए उन्हें ‘बिना नैतिक अधमता वाले छोटे अपराध’ करार दिया है। न्यायमूर्ति संदीप शर्मा की एकल जज बेंच … Read more