एससी ने पलटा झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, दो शिशुओं की हत्या के दोषियों की सजा बहाल

सुप्रीम कोर्ट

एससी ने पलटा झारखंड हाईकोर्ट का फैसला, दो शिशुओं की हत्या के दोषियों की सजा बहाल SC overturns Jharkhand High Court’s decision, restores punishment of two infant murder convicts नई दिल्ली – सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें दो आरोपियों को बरी कर दिया गया था, जिन पर … Read more

Prosecutors द्वारा अभियुक्त के दोष की ओर इशारा करने वाली परिस्थितियों का साक्ष्य प्रस्तुत करने में असमर्थता की भरपाई के लिए EVIDENCE ACT SEC 106 का सहारा नहीं लिया जा सकता: SC

Criminal Jurisprudence SCI

सर्वोच्च न्यायालय SUPREME COURT ने दोहराया है कि अभियोजन पक्ष द्वारा अभियुक्त के अपराध की ओर संकेत करने वाली परिस्थितियों के साक्ष्य प्रस्तुत करने में असमर्थता की भरपाई के लिए साक्ष्य अधिनियम EVIDENCE ACT SEC 106 की धारा 106 का सहारा नहीं लिया जा सकता। न्यायालय ने अपीलकर्ताओं को बरी कर दिया तथा आईपीसी की … Read more

पत्नी ने पति के काला रंग होने के कारण तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया, कोर्ट ने हत्यारी पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए 25 हजार का लगाया अर्थदंड

पति को जिंदा जलाकर मारने के मामले में सम्भल जिले की दालत ने दोषी पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने हत्यारी पत्नी को सजा सुनाते हुए 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया है। पत्नी ने पति के काला रंग होने के कारण तेल डालकर उसे जिंदा जला दिया था। हालांकि, कोर्ट के … Read more

SC ने कहा की सीआरपीसी की धारा 161 के तहत बयानों को सबूत नहीं माना जाएगा

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सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 161 के तहत जांच के दौरान पुलिस को दिए गए बयानों को “सबूत” नहीं माना जाना चाहिए। न्यायालय ने फैसला सुनाया कि सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दिए गए बयानों और मुख्य परीक्षा के दौरान दिए गए बयानों … Read more

उच्चतम न्यायालय ने न्यायिकेतर स्वीकारोक्ति पर संदेह और अभियोजन पक्ष की कमजोरियों के कारण ऐतिहासिक मामले में अपीलकर्ता को किया बरी

सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सुनवाई हेतु यह आपराधिक अपील भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 और 201 में सूचीबद्ध अपराधों के लिए अपीलकर्ता की दोषसिद्धि से संबंधित है। तथ्य- अपीलकर्ता को हत्या (धारा 302) और किसी अपराध के साक्ष्य को गायब करने या किसी अपराधी को पकड़ने के लिए गलत जानकारी प्रदान करने (धारा … Read more

सुप्रीम कोर्ट RJD नेता प्रभुनाथ सिंह को विधानसभा मतदान के दौरान हुए दोहरे हत्याकांड में 14 साल की जेल की सुनाई सजा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता प्रभुनाथ सिंह को मार्च 1995 में बिहार के सारण जिले के छपरा में विधानसभा चुनाव के मतदान के दिन हुए दोहरे हत्याकांड में 14 साल की जेल की सजा सुनाई। न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की खंडपीठ ने … Read more

‘आजीवन कारावास नियम है जबकि मौत की सजा अपवाद’ है: राजस्थान HC ने 4 साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के लिए व्यक्ति की मौत की सजा को कम कर दिया

राजस्थान उच्च न्यायालय, जयपुर खंडपीठ ने चार साल की बच्ची से बलात्कार और हत्या के दोषी व्यक्ति की मौत की सजा को रद्द कर दिया है और इसे आजीवन कारावास में बदल दिया है। कोर्ट ने कहा कि यह मामला दुर्लभतम मामले के दायरे में नहीं आता है। आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) की धारा 363, … Read more

अपराध गठन सामग्री के अभाव में मृतिका के साथ प्रेम संबंध रखने वाले व्यक्ति को दी जमानत – HC

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने मुकदमे के लंबित रहने के दौरान आईपीसी की धारा 306, 504 और 506 के तहत अपराधों के लिए आरोपियों को जमानत पर रिहा करने की प्रार्थना करते हुए दायर जमानत याचिका में, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ, ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि आरोपी को मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने का … Read more

पति के अचानक उकसावे के क्रम में पत्न्नी द्वारा पति की हत्या, पत्नी को IPC की Sec 300 के Exception 1 का मिला लाभ – HC

Gauhati High Court HAJ AIR FARE RETURN IN 90 DAYS

न्यायमूर्ति सुमन श्याम और न्यायमूर्ति अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ, की खंडपीठ ने एक आपराधिक अपील का फैसला किया, जिसमें अपने पति की हत्या के लिए आईपीसी की धारा 302 के तहत अपीलकर्ता-पत्नी की सजा को धारा 304 के तहत गैर इरादतन हत्या में बदल दिया गया था। अपीलकर्ता पर अपने पति पर कुल्हाड़ी से हमला … Read more

आईपीसी धारा 323 के तहत दोषी को SC ने बरी कर दिया क्योंकि अभियोजन उचित संदेह से परे उसके अपराध को स्थापित करने में विफल रहा

सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय के आक्षेपित आदेश को चुनौती देने वाली अपील की अनुमति दी, जिसमें अपीलकर्ता को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 34 के साथ पढ़ी जाने वाली धारा 323 के तहत दोषी ठहराया गया था। अदालत ने अपीलकर्ता को बरी कर दिया क्योंकि अभियोजन उचित संदेह से परे उसके अपराध को … Read more