राज्य या उसकी निजी भागीदारी से जुड़े अनुबंध संबंधी मामलों में न्यायिक समीक्षा का दायरा सीमित: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: तेजाब हमले के पीड़ित मुआवजा विलंब होने पर राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क करें

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राज्य अथवा उसके किसी उपक्रम द्वारा निजी भागीदारी के साथ किए गए अनुबंधों के मामलों में न्यायिक समीक्षा का दायरा सीमित होता है, विशेष रूप से कार्य और वित्तीय दायित्वों की परिधि को लेकर। यह फैसला मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ एक निजी कंपनी द्वारा दायर सिविल … Read more

न्यायालय का कर्तव्य है कि वह अनुबंध की व्याख्या करते हुए पक्षों के वास्तविक और सही अर्थ को समझे और अनुबंध से उत्पन्न होने वाले अधिकारों को लागू करे – SC

सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अनुबंध की शर्तों की व्याख्या करते समय यह अदालत का कर्तव्य है कि वह ऐसे किसी भी विवेक के प्रयोग को अस्वीकार करे जो पूरी तरह से अनुबंध के दायरे से बाहर हो। यह देखते हुए कि अनुबंध के पक्षकारों के अधिकार और कर्तव्य … Read more