सुप्रीम कोर्ट का 6:1 बहुमत से महत्वपूर्ण निर्णय SC/ST कोटे में उप जाति आधारित कोटा संभव, आरक्षण केवल पहली पीढ़ी तक ही सीमित होना चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने आज 6:1 बहुमत से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उप-वर्गीकरण को अनुमेय मानते हुए फैसला सुनाया, साथ ही न्यायमूर्ति पंकज मिथल की सहमति से यह माना कि आरक्षण केवल पहली पीढ़ी तक ही सीमित होना चाहिए और यह जाति के अलावा किसी अन्य मानदंड पर होना चाहिए, क्योंकि संविधान में जाति … Read more

SC ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि केवल संसद को ही धर्म या लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना विवाह के लिए एक समान न्यूनतम आयु निर्धारित करने का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान और दिल्ली उच्च न्यायालयों के समक्ष लंबित याचिकाओं को स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की थी जो एक वकील और राजनेता हैं। उनका प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता गीता लूथरा ने किया। याचिका में दावा किया गया है कि कई मुकदमों के … Read more

मुस्लिम महिला अपने पति से ‘खुला’ के तहत तलाक लेकर अलग हो सकती है, सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार: केरल HC के फैसले को चुनौती, नोटिस जारी

मुस्लिम महिला अपने पति से ‘खुला’ के तहत तलाक लेकर अलग हो सकती है। सानिया मिर्जा ने शोएब मलिक को खुला (तलाक) दिया था। सानिया ने तलाक ‘खुला’ के तहत मुस्लिम महिलाओं को मिले अधिकारों के अनुरूप दिया था। जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच ने केरल हाई कोर्ट के फैसले के … Read more

नागरिकता कानून की चुनौती के बीच सुप्रीम कोर्ट संविधान पीठ ने असम में अवैध प्रवासियों का डेटा मांगा

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नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6ए की संवैधानिक वैधता से संबंधित सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और असम सरकारों को असम में अवैध आप्रवासन पर विस्तृत डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश धनंजय वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ उस प्रावधान पर दलीलें सुन रही थी, जो असम … Read more

तेलंगाना HC ने ‘तेलंगाना किन्नर अधिनियम’ को रद्द करते हुए कहा कि ‘यह ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मानवाधिकार का उल्लंघन है..’

तेलंगाना उच्च न्यायालय (Telangana High Court) ने एक याचिका की सुनवाई के बाद ‘तेलंगाना किन्नर अधिनियम’ (Telangana Eunuchs Act) को असंवैधानिक बताते हुए रद्द कर दिया है। उनका ऐसा मानना है कि यह अधिनियम ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के मानवाधिकारों का उल्लंघन करता है। इस अधिनियम को असंवैधानिक करार देते हुए रद्द करने के साथ-साथ अदालत ने … Read more