Axis Bank-Max Life Deal में 51 हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी याचिका में आरोप लगाया

Like to Share

वरिष्ट बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर एक्सिस बैंक और मैक्स लाईफ इंश्योरेंस के शेयरों के लेन-देन में धोखाधड़ी कर 51 हजार करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की पीठ ने इस मामले पर अगली सुनवाई 13 मार्च 2024 को करने का आदेश दिया.

आज सुनवाई के दौरान एक्सिस बैंक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि उन्हें याचिका की प्रति नहीं मिली है. जिस पर कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी के वकील राजशेखर राव को निर्देश दिया कि याचिका की प्रति रोहतगी को उपलब्ध कराई जाए. सुनवाई के दौरान स्वामी की ओर से पेश वकील राजशेखर राव ने कहा कि मैक्स लाइफ इंश्योरेंस और मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज ने अपने शेयरधारक एक्सिस बैंक लिमिटेड और एक्सिस ग्रुप कंपनियों को अपारदर्शी तरीके से शेयरों की खरीद-बिक्री की और उन्हें अनुचित लाभ पहुंचाया. शेयरों की खरीद-बिक्री करते समय इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया गया. याचिका में कहा गया है कि इस पूरे मामले की जांच की जाए.

जाने क्या है Axis Bank-Max Life Deal?

Axis Bank ने अप्रैल 2021 में मैक्स लाइफ में 12.99% हिस्सा खरीदा था. इस डील में 12 फीसदी हिस्सा 31.51 रुपये से 32.12 रुपये के भाव पर खरीदा गया था. हिस्सा खरीदने के पहले एक्सिस बैंक ने मैक्स लाइफ में 166 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 0.998% हिस्सा बेचा था.

Must Read -  सुप्रीम कोर्ट ने किया हाईकोर्ट के आदेश को रद्द, भारती एयरटेल को तगड़ा झटका-

ये हिस्सा मैक्स फाइनेंशियल और Mitsui Sumitomo International को बेचा गया था. इन ट्रांजैक्शंस में एक्सिस बैंक को अनड्यू प्रॉफिट हुआ है और उसने गलत तरीके से शेयरों में ट्रांजैक्शन करके प्रॉफिट कमाया है, ऐसे आरोप हैं.अक्टूबर 2022 में IRDAI ने एक्सिस बैंक पर 2 करोड़ और मैक्स लाइफ पर 3 करोड़ की पेनाल्टी भी लगाई थी. इसके बाद एक्सिस बैंक ने डील में कुछ बदलाव किए थे.

मैक्स लाइफ इंश्योरेंस, मैक्स फाइनेंशियल सर्विसेज़ और एक्सिस बैंक के बीच एक जॉइंट वेंचर है. अभी इसी महीने 6 तारीख को बीमा नियामक IRDAI ने एक्सिस बैंक को मैक्स लाइफ में 113.06 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 1,612 करोड़ में 6.23% की अतिरिक्त हिस्सेदारी लेने की अनुमति दी है. इसके बाद एक्सिस बैंक और ग्रुप कंपनियों का मैक्स लाइफ में हिस्सेदारी 12.99% से बढ़कर 19.02% हो जाएगी.

सुब्रमण्यम स्वामी द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि यह एक राष्ट्रीय महत्व का मसला है. ये मसला देश के नागरिकों की वित्तीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है. याचिका में कहा गया है कि एक्सिस बैंक ग्रुप की कंपनियों ने मैक्स लाइफ में 31.5 रुपये से लेकर 32 रुपये तक की कीमत के 12.002 फीसदी शेयर खरीदे. इतने शेयर 736 करोड़ रुपये में खरीदे गए. खरीदे गए इन शेयरों की कीमत बाजार भाव से काफी कम थी. ऐसा कर करीब 4 हजार करोड़ की खरीदी गई. इस मामले में आईआरडीएआई ने मैक्स लाइफ पर तीन करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया था. लेकिन जुर्माने की ये रकम धोखाधड़ी की रकम से काफी कम है, इसलिए इसकी जांच होनी चाहिए.

Must Read -  सुप्रीम कोर्ट ने SEBI से NSE को रुपये 300 करोड़ वापस करने को कहा

एक्सिस बैंक की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि उन्हें याचिका की प्रति नहीं दी गई है, जिसके बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत पीएस अरोड़ा की पीठ ने जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई 13 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी.