यदि कथित खोज उस कथन के अनुरूप नहीं की गई हो तो प्रकटीकरण कथन साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि यदि कथित खोज उस कथन के अनुरूप नहीं की गई हो तो प्रकटीकरण कथन साक्ष्य के रूप में स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय ने 1997 में भारतीय दंड संहिता की धारा 304 भाग I के तहत दोषी ठहराए गए दो व्यक्तियों को बरी कर दिया था, यह दोहराने के बाद … Read more