सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए अलग बेबी केयर सुविधाएं स्थापित करें

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश: सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए अलग बेबी केयर सुविधाएं स्थापित करें

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को याद दिलाने के लिए एक अधिसूचना जारी करे, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के लिए अलग बेबी केयर सुविधाएं स्थापित की जा सकें। केंद्र सरकार पहले ही जारी कर चुकी है परामर्श न्यायमूर्ति … Read more

बंधक मुक्ति पर समय-सीमा: आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने पुनरीक्षण याचिका की खारिज, निर्णय पढ़ें

बलात्कार मात्र शारीरिक हमला नहीं, पीड़िता की आत्मा पर आघात: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी की जमानत याचिका की खारिज

‘सीमा अधिनियम के अनुच्छेद 127 के तहत सीमा अवधि आदेश 34 नियम 5 सीपीसी के तहत आवेदनों पर लागू होती है’ विशाखापट्टनम: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने मुनगा वेंकटेश्वरलु बनाम यारवा तिरुपति रेड्डी मामले में दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया। यह याचिका प्रिंसिपल जूनियर सिविल जज द्वारा 02.12.2023 को पारित आदेश को चुनौती देने … Read more

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डकैती के आरोपी को शर्तों के साथ दी जमानत

इलाहाबाद हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश: शस्त्र लाइसेंस आवेदनों का समय सीमा में निस्तारण अनिवार्य

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने रामनगर, वाराणसी में डकैती के आरोप में 7 अगस्त 2024 से जेल में बंद योगेश पाठक @ सोनू पाठक को शर्तों के साथ जमानत प्रदान की है। न्यायमूर्ति श्री प्रकाश सिंह की एकलपीठ ने यह आदेश योगेश पाठक @ सोनू पाठक द्वारा दायर आपराधिक जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित … Read more

सुप्रीम कोर्ट का अवलोकन: पहचान परेड केवल पुष्टिकरण प्रमाण, गवाह की गवाही के बिना साक्ष्य अपनी वैधता खो देती है

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि साक्ष्य अधिनियम, 1872 की धारा 9 के तहत पहचान परेड (TIP) केवल पुष्टिकरण प्रमाण (corroborative evidence) होती है। यदि परख पहचान परेड (TIP) में किसी व्यक्ति या वस्तु की पहचान करने वाला गवाह परीक्षण के दौरान पेश नहीं किया जाता है, तो TIP रिपोर्ट, जो उसे पुष्ट या खंडित … Read more

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: बर्खास्त कर्मचारी को पिछले वेतन का भुगतान स्वतः नहीं, बेरोजगार के प्रमाण का भार कर्मचारी पर

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: बर्खास्त कर्मचारी को पिछले वेतन का भुगतान स्वतः नहीं, बेरोजगार के प्रमाण का भार कर्मचारी पर

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया कि बर्खास्त कर्मचारी को बैक वेज (पिछले वेतन) का भुगतान स्वचालित रूप से नहीं किया जा सकता, और कर्मचारी को यह सिद्ध करने की आवश्यकता होगी कि वह इस अवधि में बेरोजगार रहा। यह निर्णय महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) द्वारा बॉम्बे हाईकोर्ट के एक … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि को किया रद्द, “आंशिक रूप से विश्वसनीय और अविश्वसनीय” गवाही के लिए पुष्टि आवश्यक

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में दोषसिद्धि को किया रद्द, "आंशिक रूप से विश्वसनीय और अविश्वसनीय" गवाही के लिए पुष्टि आवश्यक

  सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक मामले में दोषसिद्धि को रद्द करते हुए कहा कि किसी गवाह की गवाही, जो “आंशिक रूप से विश्वसनीय और आंशिक रूप से अविश्वसनीय” हो, उसे प्रमाणित किए बिना दोषसिद्धि बनाए नहीं रखी जा सकती। न्यायालय ने उन अपीलकर्ताओं को बरी कर दिया जिन्हें आईपीसी की धारा 147, 148, … Read more

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: विवाहित और स्वनिर्भर संतानें भी मोटर दुर्घटना मुआवजे के लिए पात्र

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पुनः स्पष्ट किया कि मृतक पीड़ित की वयस्क, विवाहित और स्वनिर्भर संतानें, कानूनी प्रतिनिधियों के रूप में, मोटर दुर्घटना मुआवजे के लिए आवेदन करने का अधिकार रखती हैं। अदालत ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) के निर्णय में संशोधन करते हुए मृतक के आश्रितों को प्रदान किए गए मुआवजे की राशि बढ़ा … Read more

सुप्रीम कोर्ट: अमान्य घोषित विवाह में भी जीवनसाथी को भरण-पोषण का अधिकार

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया कि यदि विवाह हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 (Hindu Marriage Act) की धारा 11 के तहत अमान्य घोषित किया गया हो, तब भी जीवनसाथी को धारा 25 के तहत स्थायी गुजारा भत्ता (permanent alimony) या भरण-पोषण (maintenance) मांगने का अधिकार रहेगा। महत्वपूर्ण निष्कर्ष खंडपीठ जिसमें न्यायमूर्ति अभय एस. ओका, न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन … Read more

सुप्रीम कोर्ट: दोषसिद्धि के विरुद्ध अपील लंबित होने पर आधी सजा पूरी किए बिना भी जमानत संभव

सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई कठोर नियम नहीं हो सकता कि दोषसिद्धि के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान किसी आरोपी को तभी जमानत दी जाएगी जब उसने अपनी निर्धारित सजा का आधा हिस्सा पूरा कर लिया हो। मामले की पृष्ठभूमि शीर्ष अदालत एक आदेश के खिलाफ दायर अपील पर विचार कर … Read more

1984 सिख विरोधी दंगा मामला: राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को ठहराया दोषी

राउज एवेन्यू कोर्ट

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 1984 सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को दोषी करार दिया। यह मामला 1 नवंबर 1984 को सरस्वती विहार क्षेत्र में पिता-पुत्र की हत्या से संबंधित है। इससे पहले, सज्जन कुमार दिल्ली कैंट इलाके के एक अन्य दंगा मामले में उम्रकैद की … Read more