NDPS Act की धारा 37 के तहत निर्धारित कठोर जमानत प्रतिबंध विशेष अदालतों पर लागू होते हैं, न कि संवैधानिक अदालतों पर : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंड पीठ ने स्पष्ट किया है कि नारकोटिक साइकोट्रोपिक पदार्थ अधिनियम, 1985 (एनडीपीएस अधिनियम) की धारा 37 के तहत निर्धारित कठोर जमानत प्रतिबंध उच्च न्यायालयों और भारत के सर्वोच्च न्यायालय सहित संवैधानिक न्यायालयों को बाध्य नहीं करते हैं। न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने 5 जून को दिए गए आदेश … Read more

पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग जैसे असामाजिक व्यवहार में लिप्त पत्रकारों के लाइसेंस रद्द करने की राज्य सरकार की आवश्यकता पर बल दिया – इलाहाबाद HC

इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग जैसे असामाजिक व्यवहार में लिप्त पत्रकारों के लाइसेंस रद्द करने की राज्य सरकार की आवश्यकता पर बल दिया था। पीठ ने कहा, “यह मामला बहुत गंभीर है और राज्य सरकार को इसका संज्ञान लेना चाहिए तथा ऐसे पत्रकारों का लाइसेंस रद्द करना चाहिए, यदि … Read more

अप्राकृतिक यौन कृत्य मामले में HC ने कहा कि वैवाहिक संबंध के दौरान पति द्वारा अपनी पत्नी पर किसी भी कृत्य को बलात्कार नहीं माना जा सकता, पति पर लगाए गए आरोपों से किया बरी

Unnatural Sexual Act Case – मध्य प्रदेश हाईकोर्ट Madhya Pradesh High Court की इंदौर बेंच ने अप्राकृतिक यौन कृत्य मामले Unnatural Sexual Act Case में बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने पत्नी द्वारा पति पर लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया है. हाईकोर्ट ने मौजूदा कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि वैवाहिक … Read more

IPC Sec 302 के तहत पति की सजा पत्नी के प्रति मानसिक क्रूरता के बराबर, महिला को तलाक की अनुमति – मध्य प्रदेश HC

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने एक महिला को तलाक की अनुमति दे दी है, जिसके पति को संपत्ति विवाद में अपने ही पिता की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार वाणी की खंडपीठ ने फैसला सुनाया कि आईपीसी की … Read more

Sec 138 NI Act के तहत कानूनी रूप से लागू करने योग्य ऋण के अस्तित्व का निर्धारण करने के लिए प्रासंगिक तिथि चेक की प्रस्तुति की तिथि है, न कि जारी करने की तिथि: राजस्थान HC

राजस्थान उच्च न्यायालय ने पाया कि परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत कानूनी रूप से लागू करने योग्य ऋण या देयता के अस्तित्व को निर्धारित करने के लिए प्रासंगिक तिथि संबंधित चेक की प्रस्तुति/परिपक्वता की तिथि है। न्यायालय ने कहा कि कोई व्यक्ति यह दलील देकर चेक राशि का भुगतान करने के अपने … Read more

तलाकशुदा पत्नी पति की पेंशन पर नहीं जता सकती हक, हाई कोर्ट ने न्याय मित्रों के सहयोग से दिया फैसला

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तलाक हो जाने के बाद पति का वैवाहिक दायित्व समाप्त हो जाता है, इसी तरह पत्नी के अधिकार भी समाप्त हो जाते हैं Chhattisgarh High Court छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाकशुदा पति-पत्नी के मामले में एक बड़ा फैसला किया है। दरअसल, एक तलाकशुदा पत्नी ने पति की मौत के बाद पारिवारिक पेंशन व अनुकंपा नियुक्ति प्राप्त … Read more

उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रो होम्योपैथी की प्रैक्टिस व पढ़ाई पर रोक नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में कहा कि उत्तर प्रदेश में चिकित्सा पद्धति इलेक्ट्रो होम्योपैथी की पढ़ाई और प्रैक्टिस पर कोई रोक नहीं है, लेकिन प्रैक्टिस करने वाले अपने नाम के आगे डॉक्टर नहीं लिख सकते हैं। साथ ही किसी को भी इसकी डिग्री या डिप्लोमा नहीं दिया जा सकता। कोर्ट … Read more

लक्ष्मण टीला में अवैध निर्माण को हटाने का आदेश बरकरार, जिलाधिकारी तत्काल कदम उठाये और ASI के 2016 व 2023 के आदेश का करे पालन-HC

इलाहाबाद हाई कोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने लक्ष्मण टीला पर टीले वाली मस्जिद के विकास के नाम पर किए गए अवैध निर्माण पर राज्य सरकार और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से जवाब मांगा है। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि याचिका के लंबित होने से अवैध निर्माण हटाने संबंधी एएसआइ के पहले के 2016 और 2023 … Read more

आईपीसी की धारा 294 का उद्देश्य केवल अश्लील या अभद्र कृत्य करना पर्याप्त नहीं, बल्कि ‘दूसरों को परेशानी’ स्थापित करना आवश्यक है: इलाहाबाद HC

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इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने कहा कि भारतीय दंड संहिता धारा 294 के अनुसार, केवल अश्लील या अभद्र कृत्य करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह साबित करने के लिए एक और सबूत होना चाहिए कि यह दूसरों को परेशान करने के लिए था। अदालत ने कहा कि “अश्लीलता या अभद्रता” का मुद्दा तब तक … Read more

श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मामले में दाखिल सिविल वादों की पोषणीयता पर चल रही सुनवाई पूरी, इलाहाबाद HC ने फैसला सुरक्षित किया

मंदिर पक्ष से अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन सौरभ तिवारी और रीना एन सिंह ने इस बात पर आपत्ति जताई कि मस्जिद पक्ष की अधिवक्ता तसनीम अहमदी एक ही तरह की बहस बार-बार दोहरा रही हैं। प्रति आपत्ति के नाम पर बहस कर जानबूझकर मस्जिद पक्ष रणनीति के तहत यह सब कर रहा है ताकि न्यायालय … Read more