उच्च न्यायालय ने दो जजों की नियुक्तियां अवैध बताकर की रद्द-

दोनों जज वर्ष 2013 बैच के एचपीजेएस अधिकारी थे – न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और न्यायाधीश संदीप शर्मा ने नियुक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका का निपटारा करते हुए सिविल जज विवेक कायथ और आकांक्षा डोगरा की नियुक्तियां रद्द करने का फैसला सुनाया। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय Himanchal Pradesh High Court ने दो सिविल जजों … Read more

कानूनी पेशा अभी भी मुख्य रूप से एक शहरी पेशा है, कानून को अक्सर एक अमीर आदमी के पेशे के रूप में देखा गया है – सीजेआई

कानून बिरादरी में महिलाओं की भागीदारी की कमी- देश के मुख्य न्यायाधीश Chief Justice of India Justice एनवी रमन्ना ने कानून व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कानून को अक्सर अमीर लोगों Rich People का पेशा माना जाता रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। उन्होंने न्यायालयों में जजों की कमी … Read more

प्राथमिकी रद्द करना- मेरिट की विस्तृत जांच सीआरपीसी की धारा 482 के तहत जरूरी नहीं, शीर्ष अदालत ने दोहराया

शीर्ष अदालत ने एक बार फिर कहा है कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (Cr.P.C.) की धारा 482 के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए आरोपों के गुण-दोषों (Merit) की विस्तृत जांच जरूरी नहीं है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 482 के तहत … Read more