Judge Uttam Anand Murder Case: हाईकोर्ट ने CBI को फटकार लगाते हुए कहा कि हत्या की वजह साफ किए बिना चार्जशीट कैसे फाइल कर दी-

उच्च न्यायालय ने जांच की प्रगति पर असंतोष जताया है। साथ ही 29 अक्तूबर को होने वाली अगली सुनवाई में सीबीआई निदेशक को पेशी होने का निर्देश दिया है।

Judge Uttam Anand Murder Case : झारखंड उच्च न्यायालय Jharkhand High Court ने धनबाद Dhanbad के जज उत्तम आनंद Judge Uttam Anand की हत्या मामले में जांच की प्रगति पर असंतोष जताया है। कोर्ट ने शुक्रवार को सीबीआई की तरफ से पेश चार्जशीट देखकर नाराजगी जताई है। 

हाईकोर्ट ने सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि हत्या की वजह साफ किए बिना चार्जशीट फाइल कर दी। यह दुखद है। सीबीआई से ऐसी उम्मीद नहीं थी। 

झारखंड उच्च न्यायालय ने सीबीआई से पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हाईकोर्ट पूरे केस की मॉनिटरिंग कर रहा है तो चार्जशीट फाइल करने से पहले उसे इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई?

हाईकोर्ट की निगरानी का मतलब सिर्फ खानापूर्ति करना नहीं होता। यह चार्जशीट त्रुटिपूर्ण है। इसके साथ ही कोर्ट ने सीबीआई निदेशक को 29 अक्तूबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अगली सुनवाई में पेश होने का निर्देश दिया है। बीते 20 अक्तूबर को सीबीआई ने आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया था।

सीबीआई की जांच पर कोर्ट ने उठाए सवाल

हाईकोर्ट ने गुरुवार को भी नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई अब तक दो गिरफ्तारियों से आगे नहीं बढ़ सकी है। इससे पहले पिछले महीने झारखंड हाईकोर्ट में, सीबीआई ने अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट कहा था कि जज को जानबूझकर मारा गया और उनकी जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। सितंबर महीने में सीबीआई ने झारखंड उच्च न्यायालय में बताया था कि ऑटो ड्राइवर ने जानबूझ कर टक्कर मारी थी। इस टक्कर के बाद जज उत्तम आनंद की मौत हो गई थी।

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28 जुलाई को हुई थी मौत

जानकारी हो की 28 जुलाई को मॉर्निंग वॉक के दौरान धनबाद न्यायालय में पदस्थापित जज उत्तम आनंद की ऑटो से टक्कर होने के बाद मौत हो गई थी। इसके बाद राज्य सरकार की अनुशंसा पर और हाईकोर्ट के निर्देश पर मामले को सीबीआई को सौंपा गया था।

दरअसल, सीबीआई को ऐसे सबूत मिले हैं, जिनके आधार पर झारखंड उच्च न्यायालय में उसने बताया है कि जस्टिस उत्तम आनंद की हत्या की गई है। इसमें कुछ और लोग भी शामिल हैं। फिलहाल हर एंगल पर मामले की जांच जारी है। हालांकि, एजेंसी की तरफ से हत्या के साजिशकर्ता कौन हैं, अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है।