“धार्मिक लोगों को मंदिर संभालने दें”: SC ने अहोबिलम मठ पर HC के आदेश के खिलाफ प्रदेश सरकार की याचिका खारिज करते हुए कही ये बात

आक्षेपित निर्णय में, हाई कोर्ट ने माना था कि एक कार्यकारी अधिकारी नियुक्त करने का राज्य का निर्णय भारतीय संविधान के अनुच्छेद 26 (डी) का उल्लंघन था और मथादीपी के प्रशासन के अधिकार को प्रभावित करता था। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के एक आदेश को चुनौती देने वाली … Read more

बलात्कार पीड़िता की शारीरिक भाषा आघात को प्रतिबिंबित नहीं करती थी, वह लंबे समय तक चुप रही: एचसी ने पूर्व विधायक को दी जमानत

बिना अनुमति बुलेटप्रूफ वाहन चलाना चौंकाने वाली स्थिति: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने A श्रेणी गैंगस्टरों को मिल रही 'सुरक्षा' पर जताई गंभीर चिंता

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने हाल ही में पंजाब के एक पूर्व विधायक सिमरजीत सिंह बैंस को बलात्कार के एक मामले में जमानत देते हुए कहा था कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि पीड़िता ने अपनी शारीरिक भाषा या आचरण के माध्यम से किसी आघात को प्रतिबिंबित किया। कोर्ट ने आगे … Read more

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नागरिकों को जिम्मेदारी के बिना बोलने का अधिकार नहीं प्रदान करती : इलाहाबाद उच्च न्यायालय

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल अधीक्षक की पेंशन में 10% कटौती को रद्द किया, कहा – "यह कदाचार नहीं है"

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार नागरिकों को जिम्मेदारी के बिना बोलने का अधिकार नहीं देता है और न ही यह भाषा के हर संभव उपयोग के लिए असीमित लाइसेंस प्रदान करता है। न्यायमूर्ति शेखर कुमार यादव की पीठ ने कहा कि इंटरनेट और सोशल मीडिया एक महत्वपूर्ण उपकरण … Read more

सुप्रीम कोर्ट ने कहा चोट लगने के लंबे समय बाद, यदि पीड़ित की मौत हो, तो भी आरोपी की जिम्मेदारी कम नहीं होगी

सर्वोच्च न्यायलय ने एक मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि जब किसी अभियुक्त द्वारा दी गई चोटों के कारण काफी समय बीत जाने के बाद पीड़ित की मृत्यु हो जाती है, तो इससे हत्या के मामले में अपराधी की जिम्मेदारी कम नहीं होगी। जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस एस. रवींद्र भट की पीठ ने … Read more

एक ही घटना पर दूसरी दर्ज प्राथमिकी कानून का दुरुपयोग, CrPC Sec 173 के तहत फाइनल रिपोर्ट का इन्तजार किए बिना रद्द की जा सकती है – HC

बिना अनुमति बुलेटप्रूफ वाहन चलाना चौंकाने वाली स्थिति: पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने A श्रेणी गैंगस्टरों को मिल रही 'सुरक्षा' पर जताई गंभीर चिंता

पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक मामले कि सुनवाई करते हुए माना कि यदि किसी घटना के संबंध में दूसरी एफआईआर दर्ज की जाती है, जिस पर पहले से एफआईआर मौजूद हो तो यह कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है और हाईकोर्ट धारा 482 सीआरपीसी के तहत, धारा 173 सीआरपीसी के तहत अंतिम रिपोर्ट … Read more

NDPS Act sec 37: के तहत जमानत देते समय कोर्ट की प्रथम दृष्टया संतुष्टी ‘उचित आधार’ पर आधारित होना चाहिए – HC

Dhc

दिल्ली उच्च न्यायालय एक मामले में पाया है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 37 के तहत जमानत देते समय, एक अदालत के पास आरोपी की प्रथम दृष्टया बेगुनाही और आरोपी जमानत पर रहते हुए ऐसा अपराध नहीं करेगा, इस पर विश्वास करने के लिए “उचित आधार” होना चाहिए। एनडीपीएस अधिनियम … Read more

वकीलों की हड़ताल व विरोध के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया नीति बनाना सुनिश्चित करे : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में वकीलों के आए दिन होने वाले आन्दोलन के मामले पर सुनवाई करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से कहा कि वह हड़ताल एवं विरोध के खिलाफ नीति बनाकर कदम उठाए। दरअसल, एनजीओ NGO कॉमन कॉज की ओर से दाखिल अवमानना याचिका में वकीलों के हड़ताल पर जाने और अदालती कामकाज … Read more

मूल मालिक होने के नाते राज्य सरकार ‘डीम्ड लीज़र’ है, ‘इच्छुक व्यक्ति’ खनन पट्टा प्राप्त करने वाली कंपनी से मुआवजे का हकदार है- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पाया है कि मूल मालिक होने के नाते राज्य सरकार एक डीम्ड लीसर थी और वह ‘इच्छुक व्यक्ति’ थी जो सरकारी कंपनी से मुआवजे और सतही भूमि के किराए की हकदार थी, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा खनन पट्टे के तहत अधिकार निहित थे। न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति सी.टी. रविकुमार ने कहा … Read more

20-25 साल तक नहीं जारी रखा जा सकता अस्थायी अधिग्रहण- SC ने ONGC के मामले में कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि भूमि का अस्थायी अधिग्रहण 20 से 25 वर्षों तक जारी नहीं रखा जा सकता है और यदि ऐसा अधिग्रहण कई वर्षों तक जारी रहता है, तो अस्थायी अधिग्रहण का अर्थ और उद्देश्य अपना महत्व खो देगा। न्यायमूर्ति एम.आर. शाह और न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश ने कहा कि “अस्थायी अधिग्रहण को … Read more

सुप्रीम कोर्ट : बहुविवाह-निकाह हलाला पर PIL, होगी सुनवाई, पांच जजों संविधान पीठ गठित की जाएगी

उच्चतम न्यायलय ने आज शुक्रवार को कहा कि वह मुसलमानों में बहुविवाह और ‘निकाह हलाला’ प्रथा की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ का गठन करेगा। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की जनहित याचिका public … Read more