सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मेरिट से चुने गए SC/ST/OBC उम्मीदवार अनरिजर्व सीटों के हकदार, यह अब स्थापित कानून

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सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जनरल कट-ऑफ से अधिक अंक लाने वाले SC/ST/OBC उम्मीदवार अनरिजर्व सीटों के हकदार हैं। यह मेरिट और समानता पर आधारित स्थापित कानूनी सिद्धांत है।

✍️ कानूनी संवाददाता | नई दिल्ली

🔹 सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: मेरिट से चुने गए SC/ST/OBC उम्मीदवार अनरिजर्व सीटों के हकदार, यह अब स्थापित कानून

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम और दूरगामी प्रभाव वाला फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि रिजर्व कैटेगरी (SC, ST, OBC) के वे उम्मीदवार, जो जनरल कैटेगरी के लिए तय कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करते हैं, उन्हें अनरिजर्व (ओपन) सीटों पर नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।

जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने कहा कि यह सिद्धांत अब कोई नई व्याख्या नहीं, बल्कि “स्थापित कानूनी स्थिति (settled position of law)” है।


⚖️ ‘अनरिजर्व’ कोई कोटा नहीं, बल्कि ओपन कैटेगरी: सुप्रीम कोर्ट

फैसला लिखते हुए जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की कि:

“अनरिजर्व कैटेगरी जनरल उम्मीदवारों के लिए कोई आरक्षित कोटा नहीं है, बल्कि यह एक ओपन कैटेगरी है, जो पूरी तरह मेरिट के आधार पर सभी वर्गों के लिए उपलब्ध है।”

पीठ ने कहा कि यदि कोई रिजर्व कैटेगरी का उम्मीदवार बिना किसी रियायत (जैसे उम्र, फीस या कट-ऑफ में छूट) के जनरल उम्मीदवारों से बेहतर प्रदर्शन करता है, तो उसे ‘ओपन कैटेगरी’ का उम्मीदवार माना जाएगा

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📜 संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 से जुड़ा सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने इस सिद्धांत को:

  • अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता)
  • अनुच्छेद 16 (सरकारी नौकरी में अवसर की समानता)

की संवैधानिक भावना से जोड़ा।

अदालत ने कहा कि ऐसे मेरिटोरियस रिजर्व कैटेगरी उम्मीदवार को अनरिजर्व सीट पर गिनने से रिजर्व कोटे की एक सीट खाली हो जाती है, जिसका लाभ उसी वर्ग के अगले योग्य उम्मीदवार को मिलता है—जिससे आरक्षण की मूल भावना भी सुरक्षित रहती है


🏛️ केरल हाई कोर्ट का फैसला रद्द

इस निर्णय के साथ सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के 2020 के फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) को निर्देश दिया गया था कि वह:

  • मेरिटोरियस रिजर्व कैटेगरी (MRC) उम्मीदवारों को जनरल लिस्ट से बाहर करे, और
  • उनकी जगह एक अनरिजर्व उम्मीदवार को नियुक्त करे।

सुप्रीम कोर्ट ने इसे कानून की गलत समझ करार दिया।


🧾 क्या था पूरा विवाद?

यह मामला वर्ष 2013 में AAI द्वारा निकाली गई 245 जूनियर असिस्टेंट (फायर सर्विसेज) पदों की भर्ती से जुड़ा है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद:

  • AAI ने जनरल कैटेगरी के उम्मीदवारों के साथ-साथ
  • OBC, SC और ST बैकग्राउंड के उन उम्मीदवारों को भी
  • 122 अनरिजर्व सीटों पर नियुक्त किया था, जिन्होंने मेरिट के आधार पर चयन प्राप्त किया।

इसी प्रक्रिया को बाद में केरल हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी।


🔎 कानूनी महत्व (Legal Significance)

यह फैसला:

  • सरकारी भर्तियों में मेरिट-बेस्ड सिलेक्शन को मजबूती देता है
  • ‘Meritorious Reserved Candidate (MRC)’ की अवधारणा को फिर से स्पष्ट करता है
  • और यह सुनिश्चित करता है कि अनरिजर्व सीटें किसी वर्ग का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि ओपन प्रतिस्पर्धा का परिणाम हैं
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🏷️ टैग्स

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