PIL in Rape Case: सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस वीएस सिरपुरकर की अध्यक्षता वाले आयोग ने एनकाउंटर की जांच रिपोर्ट में पाया, संदेह के घेरे में आई पुलिस-

Like to Share

हैदराबाद में पिछले साल एक पशु चिकित्सक की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. मामले के चार आरोपी कथित तौर पर पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे. घटना एक साल बाद हुए एक कार्यक्रम में बोलते हुए जस्टिस चेलमेश्वर ने कहा कि एनकाउंटर की ख़बर को सिविल सोसाइटी द्वारा जश्न के रूप में मनाया गया था, जो हमारे क़ानून व्यवस्था की अक्षमता को दर्शाता है.

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court द्वारा गठित एक जांच आयोग Investigating Committee के सदस्यों ने 5 दिसंबर को घटना से जुड़े विभिन्न स्थानों का भी निरीक्षण किया. दो साल पहले तेलंगाना पुलिस Telangana Police ने हैदराबाद Hyderabad में गैंगरेप के 4 आरोपियों का एनकाउंटर किया था.

तेलंगाना Telangana के हैदराबाद Hyderabad में एक सनसनीखेज बलात्कार और हत्या के आरोप में गिरफ्तारी के बाद दिसंबर 2019 में पुलिस के साथ कथित रूप से हुई गोलीबारी में चार लोगों की हत्या कर दी गई थी. जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट Supreme Court द्वारा गठित एक जांच आयोग ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट Investigation Report शीर्ष अदालत Supreme Court को सौंप दी है.

सुप्रीम कोर्ट Supreme Court के पूर्व जज जस्टिस वीएस सिरपुरकर की अध्यक्षता वाले और बॉम्बे हाई कोर्ट Bombay High Court के पूर्व जज जस्टिस आरपी सोंदुर बलदोटा और केंद्रीय जांच ब्यूरो Central Beuro of Investigation के पूर्व निदेशक डी आर कार्तिकेयन की अध्यक्षता वाले आयोग ने एक लंबी जांच के बाद अपना काम पूरा किया.

Must Read -  वकीलों के लिए ₹16,665 नामांकन शुल्क को चुनौती देने वाली याचिका पर उप्र बार काउंसिल को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

ज्ञात हो की एक वरिष्ठ अधिवक्ता ने नाम न छापने की शर्त पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 18 फरवरी को आयोग की रिपोर्ट पर विचार करने की उम्मीद है. वकील ने कहा कि ऐसा लगता है कि आयोग ने पुलिस के बयान पर सवाल उठाए हैं.

मालूम हो की चार लोग मोहम्मद आरिफ, चिंताकुंटा चेन्नाकेशवुलु, जोलू शिवा और जोलू नवीन पर 28 नवंबर 2019 को हैदराबाद से लगभग 50 किलोमीटर दूर शादनगर के पास चटनपल्ली में 26 वर्षीय पशु चिकित्सक डॉक्टर के साथ बलात्कार करने और उसकी हत्या करने और उसके शरीर को जलाने का आरोप लगाया गया था.

जानकारी हो की आरोपियों को तीन दिन बाद गिरफ्तार किया गया था और जब वे पुलिस हिरासत में थे, तब साइबराबाद पुलिस ने उन्हें 6 दिसंबर, 2019 को एक कथित मुठभेड़ में मार गिराया था. पशु चिकित्सक डॉक्टर के परिवार सहित कई लोगों ने चारों आरोपियों की हत्या की सराहना की, कई मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और चार संदिग्धों के परिवार के सदस्यों ने पुलिस के बयान पर विवाद किया.

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता समेत मुंबई के वकीलों ने दायर की याचिका-

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जीएस मणि और मुंबई के चार वकीलों गुणरतन सदावर्ते और जयश्री और दिल्ली से प्रदीप कुमार यादव ने कथित मुठभेड़ में हुई हत्याओं की व्यापक जांच की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका Public Interest Litigation दायर की. तेलंगाना सरकार के अधिवक्ताओं, पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों ने सुनवाई में भाग लिया. आयोग ने 16 से 26 नवंबर के बीच सभी अधिवक्ताओं की मौखिक दलीलें भी सुनीं. आयोग के सदस्यों ने 5 दिसंबर को घटना से जुड़े विभिन्न स्थानों का भी निरीक्षण किया. दो साल पहले तेलंगाना पुलिस ने हैदराबाद में गैंगरेप के 4 आरोपियों का एनकाउंटर किया था.

Must Read -  सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों के 7 न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की

मामला 27 नवंबर, 2019 को 26 वर्षीय पशु चिकित्सक डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या से संबंधित है. पुलिस ने चार लोगों का पता लगा कर उन्हें गिरफ्तार किया था. उसी साल 6 दिसंबर को शादनगर के पास अपराध स्थल पर एक मुठभेड़ में चारों आरोपी मारे गए थे.