सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: आपराधिक मुकदमे में “बेनिफिट ऑफ डाउट” पर बरी होने का अर्थ यह नहीं कि विभागीय जांच में भी कर्मचारी दोष मुक्त पाया जाए
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: “बेनिफिट ऑफ डाउट” से लेकर विभागीय जांच तक – प्रमाण मानक में नयी दिशा सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में यह स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के आरोप में अभियुक्त कर्मचारी को दंड प्रक्रिया में “बेनिफिट ऑफ डाउट” पर यदि बरी कर दिया जाता है, तो उसका यह नतीजा विभागीय … Read more