चेको पर प्रबंध निदेशक के जाली हस्ताक्षर होने के वावजूद भी बैंक द्वारा गलत तरीके से भुगतान, मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट का लैंडमार्क निर्णय

Allahabad High Court Landmark

इलाहाबाद हाई कोर्ट के समक्ष नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट से सम्बंधित दो सेकंड अपील सुनवाई के लिए लाया गया है जिसमे वादी ने बैंक पर आरोप लगाया है कि उसके द्वारा चेको कि क्लियरिंग गलत तरीके से कि गई। चेक पर प्रबंध निदेशक के जाली हस्ताक्षर होने के वावजूद भी बैंक द्वारा इन चेको का गलत … Read more

किसी कंपनी का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता NI Act 143A के तहत “आहर्ता” नहीं, इसलिए NI Act 143A के तहत अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता – SC

सर्वोच्च न्यायालय ने माना है कि किसी कंपनी का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एनआई अधिनियम की धारा 143ए के तहत “आहर्ता” नहीं है, और इसलिए उसे उक्त अधिनियम के तहत अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता। वर्तमान अपीलें बॉम्बे उच्च न्यायालय द्वारा 08.03.2023 और 29.03.2023 को सीआरएलए 967/2022 में पारित निर्णयों और आदेशों को … Read more