HC ने धारा 138 NI Act के तहत दोषसिद्धि को रद्द कर दिया: शिकायतकर्ता की प्रामाणिकता पर संदेह जिसने तीन बार चेक प्रस्तुत किया, आदेश पढ़ें

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कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक आरोपी द्वारा परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत अपनी सजा को चुनौती देने वाली आपराधिक पुनरीक्षण याचिका को अनुमति दे दी। उच्च न्यायालय के साक्ष्यों के सावधानीपूर्वक मूल्यांकन से विसंगतियाँ सामने आईं जिन्हें ट्रायल कोर्ट और सत्र न्यायालय ने नजरअंदाज कर दिया था। शिकायतकर्ता और आरोपी एक-दूसरे को … Read more

क्या धारा 138 एनआई अधिनियम के आरोपी पर आईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के लिए भी मुकदमा चलाया जा सकता है? जाने हाई कोर्ट ने क्या कहा

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पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने कहा है कि दिवाला और दिवालियापन संहिता (आईबीसी) का कोई भी प्रावधान व्यक्तियों के खिलाफ शुरू किए गए आपराधिक अभियोजन को जारी रखने पर रोक नहीं लगाता है क्योंकि वे परक्राम्य लिखत की धारा 138 और 141 के तहत आने वाले अपने अभियोजन और दंडात्मक दायित्व से बच नहीं … Read more