“मुझे फंसाया गया”: सुप्रीम कोर्ट में नई दलील
हरियाणा के चर्चित पूनिया परिवार हत्याकांड में नया मोड़, दोषी सोनिया ने सुप्रीम कोर्ट में खुद को पीड़ित बताते हुए साजिश और जहर देने का आरोप लगाया।
हरियाणा के बहुचर्चित पूनिया परिवार हत्याकांड में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। परिवार के आठ सदस्यों की हत्या की दोषी Sonia Poonia ने अब Supreme Court of India में खुद को पीड़ित बताते हुए नई दलील पेश की है। उसने दावा किया है कि घटना के समय उसके शरीर में भी वही जहर मौजूद था, जिससे परिवार के अन्य सदस्यों की मौत हुई थी।
🔹 “मुझे फंसाया गया”: सुप्रीम कोर्ट में नई दलील
सोनिया ने अदालत में कहा कि:
- उसे जानबूझकर इस केस में फंसाया गया
- उसके शरीर में भी जहर पाया गया था
- पैतृक संपत्ति पर कब्जा करने के लिए साजिश रची गई
यह दलील उसके पुराने दोषसिद्धि वाले रिकॉर्ड के विपरीत एक नया बचाव पेश करती है, जिससे मामले में फिर से कानूनी बहस तेज हो सकती है।
🔹 23 साल जेल में, सुधार का दावा
करीब 23 साल से जेल में बंद सोनिया ने अपने सुधार (reformation) का भी हवाला दिया।
उसने बताया कि जेल में रहते हुए उसने:
- ब्यूटी पार्लर और सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया
- रेडियो जॉकी के रूप में काम किया
- 2021 में “तिनका-तिनका बंदिनी अवॉर्ड” प्राप्त किया
उसका कहना है कि वह अब समाज में पुनर्वास (rehabilitation) के योग्य है।
🔹 क्या है पूनिया परिवार हत्याकांड
यह मामला 23 अगस्त 2001 का है, जब हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र में पूर्व विधायक Relu Ram Poonia के परिवार के आठ सदस्यों की हत्या कर दी गई थी।
आरोप के अनुसार:
- सोनिया और उसके पति संजीव कुमार ने सोते हुए परिवार पर हमला किया
- लोहे की रॉड और डंडों से हमला कर आठ लोगों की हत्या की गई
मृतकों में रेलूराम पूनिया, उनकी पत्नी, बच्चे और छोटे-छोटे पोते-पोतियां शामिल थे।
🔹 संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि हत्या के पीछे मुख्य कारण पारिवारिक संपत्ति विवाद था।
- रेलूराम अपनी संपत्ति बेटे सुनील के नाम करना चाहते थे
- इससे सोनिया नाराज थी
- उसने पहले भी धमकी दी थी
पुलिस के अनुसार, संपत्ति हाथ से निकलने के डर ने इस जघन्य अपराध को जन्म दिया।
🔹 सजा का लंबा कानूनी इतिहास
मामले में अदालतों का रुख समय के साथ बदलता रहा:
- 2004: ट्रायल कोर्ट ने सोनिया और संजीव को मौत की सजा दी
- 2005: Punjab and Haryana High Court ने सजा को उम्रकैद में बदला
- 2007: सुप्रीम कोर्ट ने फिर से फांसी की सजा बहाल की
- 2013: दया याचिका में देरी के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने सजा को उम्रकैद में बदल दिया
इसके बाद दोनों को समय-समय पर परोल और फरलो मिलती रही।
🔹 संपत्ति विवाद अब भी जारी
पूनिया परिवार में संपत्ति को लेकर विवाद अभी खत्म नहीं हुआ है।
- सोनिया ने जेल से ही अपने पिता की संपत्ति पर दावा किया है
- वहीं, परिवार के अन्य सदस्य खुद को वैध उत्तराधिकारी बता रहे हैं
यह विवाद कानूनी रूप से अभी भी विभिन्न मंचों पर जारी है।
🔹 केस में नया मोड़ क्या संकेत देता है
सोनिया की नई दलीलें:
- केस को फिर से कानूनी जांच के दायरे में ला सकती हैं
- या यह केवल सजा में राहत पाने की रणनीति भी हो सकती है
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सुप्रीम कोर्ट इन दावों को किस तरह से परखता है और क्या इससे मामले की दिशा में कोई बदलाव आता है।
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